Hadith Representative
Rasulullah mandi janabah pada awal malam atau akhir malam
Imam Tirmidzi : 2848حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا اللَّيْثُ عَنْ مُعَاوِيةَ بْنِ صَالِحٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي قَيْسٍ هُوَ رَجُلٌ بَصْرِيٌّ قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَعَنْ وِتْرِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَيْفَ كَانَ يُوتِرُ مِنْ أَوَّلِ اللَّيْلِ أَوْ مِنْ آخِرِهِ فَقَالَتْ كُلُّ ذَلِكَ قَدْ كَانَ يَصْنَعُ رُبَّمَا أَوْتَرَ مِنْ أَوَّلِ اللَّيْلِ وَرُبَّمَا أَوْتَرَ مِنْ آخِرِهِ فَقُلْتُ الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي جَعَلَ فِي الْأَمْرِ سَعَةً فَقُلْتُ كَيْفَ كَانَتْ قِرَاءَتُهُ أَكَانَ يُسِرُّ بِالْقِرَاءَةِ أَمْ يَجْهَرُ قَالَتْ كُلُّ ذَلِكَ قَدْ كَانَ يَفْعَلُ قَدْ كَانَ رُبَّمَا أَسَرَّ وَرُبَّمَا جَهَرَ قَالَ فَقُلْتُ الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي جَعَلَ فِي الْأَمْرِ سَعَةً قُلْتُ فَكَيْفَ كَانَ يَصْنَعُ فِي الْجَنَابَةِ أَكَانَ يَغْتَسِلُ قَبْلَ أَنْ يَنَامَ أَوْ يَنَامُ قَبْلَ أَنْ يَغْتَسِلَ قَالَتْ كُلُّ ذَلِكَ قَدْ كَانَ يَفْعَلُ فَرُبَّمَا اغْتَسَلَ فَنَامَ وَرُبَّمَا تَوَضَّأَ فَنَامَ قُلْتُ الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي جَعَلَ فِي الْأَمْرِ سَعَةًقَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ مِنْ هَذَا الْوَجْهِ
हमरा सब के कहलक अछि [कुतैबा] हमरा सब के [अल लैट्स] के [मुअवीयह बिन सालिह] स [अब्दुल्लाह बिन अबू कैस] स कहलक अछि जे बसरा के निवासी अछि, ओ कहलनि; हम ['ऐसिया] स रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के वितर नमाज के बारे में पूछलियैन; 'वितर कोना प्रार्थना करैत छथि, रातिक प्रारंभ मे अछि आकि अंत मे?' 'ऐशा जबाब देलकै; 'ओ सबटा केलनि, कखनो रातिक प्रारंभ मे वितरक नमाज पढ़ैत छलाह त' कखनो अंत मे वितरक नमाज करैत छलाह।' हम कहलियनि; 'अल्लाह के स्तुति हो जे एहि मामला में स्वतंत्रता दैत छथि, तखन हम पुछलियनि; 'हुनकर पढ़ाई केहन अछि ? चुपचाप पढ़ैत छथि आकि जोरसँ?' 'ऐशा जबाब देलकै; 'ओहो सभ काज केलनि, कखनो चुपचाप पढ़ैत छलाह त' कखनो जोर-जोर सँ।' हम कहलियनि; 'अल्लाह केरऽ स्तुति छै जे ई मामला म॑ आजादी दै छै' । हम फेर पुछलियनि; 'जखन जिनाबत केलकै तखन केहन केलकै? ओ सुतबासँ पहिने नहाएत अछि आकि नहाएसँ पहिने सुतैत अछि ?' 'ऐशा जबाब देलकै, "ओहो सब काज करैत छल; कखनो नहाइत छल आ फेर सुति जाइत छल, त' कखनो वजूद करैत छल आ फेर सुति जाइत छल." हम जवाब देलियनि, "अल्लाह केर स्तुति हो जे हुनका एहि मामला मे छूट देलनि अछि." अबू ईसा कहलकै, "ई मार्ग के माध्यम स॑ ई हदीस हसन घरीब छै।"