Hadith Representative
Mimpi Ibnu umar melihat seakan-akan di tanganku ada sehelai kain sutera, dan tidaklah aku menunjukkan padanya satu tempat di surga kecuali ia akan terbang bersamaku menuju ke tempat itu
Imam Bukhari : 1054حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ قَالَ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ ح و حَدَّثَنِي مَحْمُودٌ قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ قَالَ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ سَالِمٍ عَنْ أَبِيهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَكَانَ الرَّجُلُ فِي حَيَاةِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا رَأَى رُؤْيَا قَصَّهَا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَتَمَنَّيْتُ أَنْ أَرَى رُؤْيَا فَأَقُصَّهَا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَكُنْتُ غُلَامًا شَابًّا وَكُنْتُ أَنَامُ فِي الْمَسْجِدِ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرَأَيْتُ فِي النَّوْمِ كَأَنَّ مَلَكَيْنِ أَخَذَانِي فَذَهَبَا بِي إِلَى النَّارِ فَإِذَا هِيَ مَطْوِيَّةٌ كَطَيِّ الْبِئْرِ وَإِذَا لَهَا قَرْنَانِ وَإِذَا فِيهَا أُنَاسٌ قَدْ عَرَفْتُهُمْ فَجَعَلْتُ أَقُولُ أَعُوذُ بِاللَّهِ مِنْ النَّارِ قَالَ فَلَقِيَنَا مَلَكٌ آخَرُ فَقَالَ لِي لَمْ تُرَعْ فَقَصَصْتُهَا عَلَى حَفْصَةَ فَقَصَّتْهَا حَفْصَةُ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ نِعْمَ الرَّجُلُ عَبْدُ اللَّهِ لَوْ كَانَ يُصَلِّي مِنْ اللَّيْلِ فَكَانَ بَعْدُ لَا يَنَامُ مِنْ اللَّيْلِ إِلَّا قَلِيلًا
हमसे कहिन [अब्दुल्ला बिन मुहम्मद] कहिन, हमसे कहिन [हिस्याम] कहिन, हमसे कहिन [ममर]। अऊर ई भी बतावा गा रहा, ई मोका बतावा गा रहा [महमूद] कहिन, ई हमका बतावा गा रहा ['अब्दुर रज़ाक] कहिन, ई हमका [ममर] से [अज जुहरी] से [सलीम] से [उनके पिता रदलियाल्लाहु अन्हू] से कहा गा रहा; 'पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के जीवनकाल मा केहू के लिए ई आदत रही कि अगर उनका कौनो सपना आवत है, तौ उ आमतौर पर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का बतावत हैं। हम सपना देखै के भी उम्मीद करत हई ताकि हम रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम से बता सकित हई। ऊ समय हम अबहीं किशोर रहेन। एक दिन रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय मैं मस्जिद मा सोवत रहेंव फिर मैं सपना देखेंव कि दुई स्वर्गदूत मोका पकड़े रहे अऊर मोका नरक मा ले जात रहें, मैं नरक देखेव जवन एक कुँआ - या रसातल - के तरह एक बड़ा छेद निकला। नरक के दुइ मोर्चा रहे अऊर हम ओनमा अइसन लोगन का देखेन जेका हम पहिले से जानत रहेन। ओनका देखि के, ई मोका कहै पर मजबूर करत है,; 'मैं नरक से अल्लाह का शरण लेत हौं' उ कहिन,; 'फिर हम एक अउर दूत से मिलेन अऊर उ कहिन, मोसे; 'डरो मत'। तब हम [हफशाह] से आपन सपना बतायेन, फिर हफशाह ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से बतावा। तौ उ कहिन: 'वास्तव मा अब्दुल्ला - बिन उमर - एक भाग्यशाली मनई है - खुश - अगर उ रात मा नमाज पढ़त है'। यहि घटना के बाद अब्दुल्ला बिन उमर रात मा थोड़े के अलावा सोए नाहीं रहे।