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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Beliau meminta Abu Bakar ash-Shiddiq untuk menjadi imam shalat menggantikannya

Imam Ahmad : 24483

حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنْ هِشَامٍ قَالَ أَخْبَرَنِي أَبِي عَنْ عَائِشَةَ قَالَتْ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَرَضِهِ الَّذِي مَاتَ فِيهِ مُرُوا أَبَا بَكْرٍ يُصَلِّي بِالنَّاسِ قُلْتُ إِنَّ أَبَا بَكْرٍ إِذَا قَامَ مَقَامَكَ لَمْ يُسْمِعْ النَّاسَ مِنْ الْبُكَاءِ قَالَ مُرُوا أَبَا بَكْرٍ فَقُلْتُ لِحَفْصَةَ قُولِي إِنَّ أَبَا بَكْرٍ لَا يُسْمِعُ النَّاسَ مِنْ الْبُكَاءِ فَلَوْ أَمَرْتَ عُمَرَ فَقَالَ صَوَاحِبَ يُوسُفَ مُرُوا أَبَا بَكْرٍ يُصَلِّي بِالنَّاسِ فَالْتَفَتَتْ إِلَيَّ حَفْصَةُ فَقَالَتْ لَمْ أَكُنْ لِأُصِيبَ مِنْكِ خَيْرًا

हमका [यह्या] से [हिशम] से कहिके उ कहिन; [आइशा] से मोहि [मेरे पिता] से रिपोर्ट किहिन हैं कहिन; 'जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बीमार रहे अऊर उनकर मृत्यु होइ गै, तौ उ कहिन: 'अबू बकर का आदेश दओ ताकि उ लोगन के साथे नमाज के नेता बनैं''। हम कहेन; 'वास्तव मा, अगर अबू बकर आपके जगह इमाम के रूप मा नमाज पढ़िहैं, तौ रोवै के अलावा केहू कुछौ नाहीं सुनी।' उ कहिन: 'अबू बकर का भेजौ'। -ऐस्याह- कहिन; हम हफशाह से कहेन; 'कहौ! अगर अबू बकर पुजारी बन जात तौ लोगन का रोवै के अलावा कुछौ नहीं सुनाई देत। अगर तुम उमर का आदेश देब त का होई?' उन्होंने कहा: 'तुम यूसुफ के भाई हो, अबू बकर को आज्ञा दे कि लोगों के साथ मिलकर नमाज पढ़ें'। तब हफशाह हमेशा मोर ओर मुड़त रहे अऊर कहत रहे; हम तोहसे दया लेवे के नाहीं चाहत हई।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 1689, 1951, 3184, 4894, 12557, 12620, 12727, 18869, 21982, 22932, 23506, 24095, 24096, 24097, 24483, 24579, 24690, 24753, 24918, 24942, 25118
Imam Bukhari : 624, 637, 638, 640, 641, 642, 646, 671, 672, 675, 3133, 6759
Imam Muslim : 629, 633, 634, 635, 636, 637, 638
Imam Tirmidzi : 3605
Imam Nasa'i : 769, 788, 824
Imam Ibnu Majah : 824, 1222, 1223
Imam Malik : 282, 374
Imam Darimi : 82, 1229