Hukuman rajam untuk zina tertera dalam kitab Taurat
Imam Bukhari : 6336
حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنِي مَالِكٌ عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا أَنَّهُ قَالَإِنَّ الْيَهُودَ جَاءُوا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرُوا لَهُ أَنَّ رَجُلًا مِنْهُمْ وَامْرَأَةً زَنَيَا فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا تَجِدُونَ فِي التَّوْرَاةِ فِي شَأْنِ الرَّجْمِ فَقَالُوا نَفْضَحُهُمْ وَيُجْلَدُونَ قَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ كَذَبْتُمْ إِنَّ فِيهَا الرَّجْمَ فَأَتَوْا بِالتَّوْرَاةِ فَنَشَرُوهَا فَوَضَعَ أَحَدُهُمْ يَدَهُ عَلَى آيَةِ الرَّجْمِ فَقَرَأَ مَا قَبْلَهَا وَمَا بَعْدَهَا فَقَالَ لَهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ ارْفَعْ يَدَكَ فَرَفَعَ يَدَهُ فَإِذَا فِيهَا آيَةُ الرَّجْمِ قَالُوا صَدَقَ يَا مُحَمَّدُ فِيهَا آيَةُ الرَّجْمِ فَأَمَرَ بِهِمَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرُجِمَا فَرَأَيْتُ الرَّجُلَ يَحْنِي عَلَى الْمَرْأَةِ يَقِيهَا الْحِجَارَةَ
हमसे कहिन है [इस्माइल बिन अब्दुल्ला] ने हमसे [मलिक] से [नफी] से [अब्दुल्लाह बिन उमर] रदलियाहु अन्हुमा से कहा है, कि उ कहिन; यहूदी रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास आए अऊर ओनसे कहिन कि एक आदमी अऊर एक औरत व्यभिचार किहिन हैं। अल्लाह के रसूल ने पूछा: 'तुरात मा पत्थरबाजी के सजा के बारे मा का मिलत है?' उइ जवाब दिहिन; 'हम बस सार्वजनिक रूप से ओनके अपराधन का उजागर किहिन अऊर ओनका दंडित कीन गा'। तुरंत अब्दुल्ला बिन सलाम खड़ा होइके कहिन; 'तुम सब झूठ बोलत हौ, तौरात मा पत्थर मारय के सजा है'। यहिसे उइ तौरात लइ आए अऊर ओका दर्शकन मा बांटिन। एक जने पत्थरबाजी के श्लोक का अपने हाथ से ढकय के कोशिश किहिन ताकि ऊ ओका पहिले अऊर बाद मा पढ़ सकै। अब्दुल्ला बिन सलाम ने दृढ़ता से फटकार लगाई; 'अपना हाथ उठावा! ' ऊ आपन हाथ उठाइस। पता चला कि पत्थरबाजी के नियम पर एक श्लोक है। उइ जवाब दिहिन; 'ठीक कहत हव हे मुहम्मद, वाकई इमा पत्थरबाजी का नियम है! ' तौ अल्लाह के रसूल ने ओन दुइनौ का पत्थरबाजी करै का आदेश दिहिन, अऊर ई सजा लागू कीन गै। अऊर हम देखेन कि ऊ आदमी औरत के ओर झुकय के कोशिश करत रहा ताकि ओका पत्थर फेंकै से बचावा जा सके।