Hukuman rajam untuk zina tertera dalam kitab Taurat
Imam Bukhari : 4190
حَدَّثَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ حَدَّثَنَا أَبُو ضَمْرَةَ حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ عُقْبَةَ عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّ الْيَهُودَ جَاءُوا إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِرَجُلٍ مِنْهُمْ وَامْرَأَةٍ قَدْ زَنَيَا فَقَالَ لَهُمْ كَيْفَ تَفْعَلُونَ بِمَنْ زَنَى مِنْكُمْ قَالُوا نُحَمِّمُهُمَا وَنَضْرِبُهُمَا فَقَالَ لَا تَجِدُونَ فِي التَّوْرَاةِ الرَّجْمَ فَقَالُوا لَا نَجِدُ فِيهَا شَيْئًا فَقَالَ لَهُمْ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ كَذَبْتُمْ فَأْتُوا بِالتَّوْرَاةِ فَاتْلُوهَا إِنْ كُنْتُمْ صَادِقِينَ فَوَضَعَ مِدْرَاسُهَا الَّذِي يُدَرِّسُهَا مِنْهُمْ كَفَّهُ عَلَى آيَةِ الرَّجْمِ فَطَفِقَ يَقْرَأُ مَا دُونَ يَدِهِ وَمَا وَرَاءَهَا وَلَا يَقْرَأُ آيَةَ الرَّجْمِ فَنَزَعَ يَدَهُ عَنْ آيَةِ الرَّجْمِ فَقَالَ مَا هَذِهِ فَلَمَّا رَأَوْا ذَلِكَ قَالُوا هِيَ آيَةُ الرَّجْمِ فَأَمَرَ بِهِمَا فَرُجِمَا قَرِيبًا مِنْ حَيْثُ مَوْضِعُ الْجَنَائِزِ عِنْدَ الْمَسْجِدِ فَرَأَيْتُ صَاحِبَهَا يَحْنِي عَلَيْهَا يَقِيهَا الْحِجَارَةَ
हमका [इब्राहिम बिन अल मुंडजिर] बताइस है हमसे [अबू दलामराह]; हमका [मूसा बिन उकबा] से [नफी] से [अब्दुल्ला बिन उमर रदलीअल्लाहु अन्हू] से बतावा गा है कि यहूदी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले रहे, जे एक आदमी अऊर एक औरत का लइके आवत रहे जे व्यभिचार किहिन रहे। तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे पूछा: 'तुम लोग व्यभिचार करै वालेन के साथे का करत हौ? ' उइ जवाब दिहिन; 'हम ओनके दुइनौ के चेहरा पर काला निशान लिखिन अऊर ओनका मारिन। पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'क्या आप तोरात में पत्थरबाजी की सजा नहीं पाई? उइ जवाब दिहिन; 'हमका ई एक बिट नाहीं मिला। त अब्दुल्ला बिन सलाम ओनसे कहिन; 'तुम झूठ बोले हौ, अगर तुम ईमानदार मनई हौ तौ आपन तौरात लइके आवा अऊर पढ़ा'। तौ उइ जवन किताब पढ़त रहें, ओका नीचे रखिन अऊर ओनमा से एक जने पत्थरबाजी के श्लोक के ऊपर अपने हाथ से ओका ढक दिहिन। उ पत्थरबाजी के श्लोक का बिना पढ़े जल्दी से अपने दाहिने अऊर बायें का पढ़िन। अब्दुल्ला सलाम ने तुरंत हाथ हटाते हुए कहा; 'ई का अहै? ' जब उइ इ देखिन, तौ उइ जवाब दिहिन; 'ई पत्थरबाजी का छंद है'। तौ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मस्जिद के बगल मा कब्र के पास ओनका पत्थरबाजी करै का आदेश दिहिन। अब्दुल्ला कहिन; 'मैंने देखा कि ऊ आदमी आपन देह मोड़ के पत्थर फेंकै से अपनी औरत का बचावत अऊर ढँकत रहा।'