Hukuman rajam untuk zina tertera dalam kitab Taurat
Imam Bukhari : 3363
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ يُوسُفَ أَخْبَرَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ نَافِعٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَاأَنَّ الْيَهُودَ جَاءُوا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرُوا لَهُ أَنَّ رَجُلًا مِنْهُمْ وَامْرَأَةً زَنَيَا فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا تَجِدُونَ فِي التَّوْرَاةِ فِي شَأْنِ الرَّجْمِ فَقَالُوا نَفْضَحُهُمْ وَيُجْلَدُونَ فَقَالَ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ كَذَبْتُمْ إِنَّ فِيهَا الرَّجْمَ فَأَتَوْا بِالتَّوْرَاةِ فَنَشَرُوهَا فَوَضَعَ أَحَدُهُمْ يَدَهُ عَلَى آيَةِ الرَّجْمِ فَقَرَأَ مَا قَبْلَهَا وَمَا بَعْدَهَا فَقَالَ لَهُ عَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَلَامٍ ارْفَعْ يَدَكَ فَرَفَعَ يَدَهُ فَإِذَا فِيهَا آيَةُ الرَّجْمِ فَقَالُوا صَدَقَ يَا مُحَمَّدُ فِيهَا آيَةُ الرَّجْمِ فَأَمَرَ بِهِمَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَرُجِمَا قَالَ عَبْدُ اللَّهِ فَرَأَيْتُ الرَّجُلَ يَجْنَأُ عَلَى الْمَرْأَةِ يَقِيهَا الْحِجَارَةَ
हमसे कहिन है [अब्दुल्लाह बिन यूसुफ] हमसे [मलिक बिन अनस] से [नफी] से [अब्दुल्लाह बिन उमर रदलीअल्लाहु अन्हू] से कहिन है कि यहूदी अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आए अऊर ओनसे कहिन कि ओनके बीच से एक आदमी अऊर एक औरत व्यभिचार किहिस है। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे पूछा; 'तुरा के किताब मा पत्थरबाजी के कानूनी मुद्दा के बारे मा का मिलत है?'। उइ जवाब दिहिन; 'हम अपमानित -उनके बेइज्जती का उजागर किहिन- अऊर ओनका कोड़ा मारिन'। त अब्दुल्ला बिन सलाम कहिन; 'तुम लोग झूठ बोलत हौ। दरअसल, तोराह मा पत्थरबाजी करै के सजा है। तौराह का हिंया लावै के कोशिश करा। तौ उइ ध्यान से पढ़िन अऊर फिर ओनमा से एक ने पत्थरबाजी के श्लोक पर आपन हाथ रखिन, अऊर उ खाली ओकरे पहिले अऊर बाद के श्लोक पढ़िन। तब अब्दुल्ला बिन सलाम कहिन; 'अपना हाथ उठावै के कोशिश करा'। तौ ऊ मनई आपन हाथ उठाइस, अऊर पता चला कि पत्थरबाजी के बारे मा एक श्लोक रहा जब तक कि आखिर मा उइ कहिन; 'वह सही कह रहे हैं हे मुहम्मद। तोराह मा पत्थरबाजी के बारे मा एक श्लोक है'। त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने व्यभिचार करै वाले दुइनौ लोगन का पत्थरबाजी करै का आदेश दिहिन'। अब्दुल्ला बिन उमर कहिन; 'अऊर हम देखेन कि आदमी औरत का पत्थर फेंकै से बचावत रहा'।