Bukanlah kekayaan itu karena banyak harta, tetapi kekayaan adalah kekayaan jiwa
Imam Ahmad : 10535حَدَّثَنَا كَثِيرٌ حَدَّثَنَا جَعْفَرٌ قَالَ سَمِعْتُ يَزِيدَ بْنَ الْأَصَمِّ يَقُولُ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ لَا أَحْسِبُهُ إِلَّا رَفَعَهُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَيْسَ الْغِنَى عَنْ كَثْرَةِ الْعَرَضِ وَلَكِنَّ الْغِنَى غِنَى النَّفْسِ وَاللَّهِ مَا أَخْشَى عَلَيْكُمْ الْفَقْرَ وَلَكِنْ أَخْشَى عَلَيْكُمْ التَّكَاثُرَ وَلَكِنْ أَخْشَى عَلَيْكُمْ الْعَمْدَ
हमनी के बतवले बा [कात्सिर] कहले बा; हमनी के बतवले बाड़े [जा'फर] कहले बाड़े; हम [यजीद बिन अल अशम] के कहत सुनले बानी; [अबू हुरैरा] बतवले; एगो हदीस में जवन हमरा लागता कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से रिवायत भईल रहे, उ कहले रहले कि, 'अमीर होखल जवन कहल जाला, ओकर मतलब ढेर धन होखे के मतलब नईखे, बालुक अमीर होखल अमीर दिल होखल ह।' अल्लाह के कसम, हमरा तहरा पर गरीबी से टकराए से डर नइखे, बाकिर जवना चीज से हमरा डर बा ऊ ह भरपूर धन आ राउर निर्भरता'.