Larangan berprasangka buruk
Imam Muslim : 4646حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى قَالَ قَرَأْتُ عَلَى مَالِكٍ عَنْ أَبِي الزِّنَادِ عَنْ الْأَعْرَجِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِيَّاكُمْ وَالظَّنَّ فَإِنَّ الظَّنَّ أَكْذَبُ الْحَدِيثِ وَلَا تَحَسَّسُوا وَلَا تَجَسَّسُوا وَلَا تَنَافَسُوا وَلَا تَحَاسَدُوا وَلَا تَبَاغَضُوا وَلَا تَدَابَرُوا وَكُونُوا عِبَادَ اللَّهِ إِخْوَانًا
हमरा सभ [याह्या बिन याह्या] केँ कहि ओ कहलनि; हम [अबू अज़ जियाद] स [अल अ'राज] स [अबू हुरैरा] स किताब [मलिक] पढ़लहुं जे अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: 'खराब पूर्वाग्रह स बची, कियाक त खराब पूर्वाग्रह सबस झूठ भाषण अछि। मुद्दा नहि ताकू; दोष नहि ताकू; एक दोसरा सॅं प्रतिस्पर्धा नहि करू; एक दोसरा सँ ईर्ष्या नहि करू। एक दोसरा के डांटब नहि; आ एक दोसरा स - एक दोसर स - पीठ नहि घुमाउ! मुदा, अहाँ सभ अल्लाहक सेवक बनू, भाइ-बहिन'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 7402, 7520, 7536, 7770, 8148, 8365, 8581, 8690, 8746, 8757, 9387, 9620, 9682, 9698, 9828, 9861, 9979, 10112, 10237, 10283, 10527, 11630, 12230, 12580, 12702, 12703, 12875, 13425, 13505
Imam Bukhari : 4747, 5604, 5605, 5606, 5612, 6229
Imam Muslim : 4641, 4642, 4646, 4647, 4648, 4649, 4650
Imam Abu Dawud : 4264, 4271
Imam Tirmidzi : 1858, 1911
Imam Malik : 1411, 1412