Memperlakukan orang yang berada di bawah tanggung jawab dengan adil dan baik
Imam Muslim : 3140
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى وَابْنُ بَشَّارٍ وَاللَّفْظُ لِابْنِ الْمُثَنَّى قَالَا حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ وَاصِلٍ الْأَحْدَبِ عَنْ الْمَعْرُورِ بْنِ سُوَيْدٍ قَالَ رَأَيْتُ أَبَا ذَرٍّ وَعَلَيْهِ حُلَّةٌ وَعَلَى غُلَامِهِ مِثْلُهَا فَسَأَلْتُهُ عَنْ ذَلِكَ قَالَ فَذَكَرَ أَنَّهُ سَابَّ رَجُلًا عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَعَيَّرَهُ بِأُمِّهِ قَالَ فَأَتَى الرَّجُلُ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ ذَلِكَ لَهُ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّكَ امْرُؤٌ فِيكَ جَاهِلِيَّةٌ إِخْوَانُكُمْ وَخَوَلُكُمْ جَعَلَهُمْ اللَّهُ تَحْتَ أَيْدِيكُمْ فَمَنْ كَانَ أَخُوهُ تَحْتَ يَدَيْهِ فَلْيُطْعِمْهُ مِمَّا يَأْكُلُ وَلْيُلْبِسْهُ مِمَّا يَلْبَسُ وَلَا تُكَلِّفُوهُمْ مَا يَغْلِبُهُمْ فَإِنْ كَلَّفْتُمُوهُمْ فَأَعِينُوهُمْ عَلَيْهِ
हमसे [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] अऊर [इब्न बस्यार] बताइन हैं अऊर ई इब्न मुत्सना का लफादज़ है, दुइनौ जने कहिन; हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे [स्यूबाह] से [वाशिल अल अहदाब] से [मरूर बिन सुवैद] कहिन हैं, 'मैंने एक बार [अबू ज़ार] का अपने सहाय के समान कपड़ा पहने देखे रहेन। फिर हम वहिके बारे मा पूछेन, तौ उ कहिन कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय मा उ एक बार एक आदमी का अपनी महतारी - आदमी - के आलोचना कइके आलोचना किहिन। तब ऊ आदमी पैगम्बर शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से शिकायत किहिस, जब तक कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओसे कहिन: 'वास्तव मा, तोहरे मा अबहियों अज्ञानता का गुण है! दरअसल, उ आपके भाई अऊर चाचा हैं जेका अल्लाह आपके देखभाल मा सौंपिन हैं, काहे से कि जेकरे पास अबहियों ओनके देखभाल मा भाई हैं, ओका खाना खाए के तरह खिलावा जाय, अऊर कपड़ा पहिरावा जाय। अऊर ओनके क्षमता से ज्यादा बोझ न डालौ, अऊर अगर आप ओनके ऊपर बोझ डालौ, तौ ओनके कामन का पूरा करै मा ओनके मदद करौ'।