Memperlakukan orang yang berada di bawah tanggung jawab dengan adil dan baik
Imam Bukhari : 29
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ وَاصِلٍ الْأَحْدَبِ عَنْ الْمَعْرُورِ بْنِ سُوَيْدٍ قَالَ لَقِيتُ أَبَا ذَرٍّبِالرَّبَذَةِ وَعَلَيْهِ حُلَّةٌ وَعَلَى غُلَامِهِ حُلَّةٌ فَسَأَلْتُهُ عَنْ ذَلِكَ فَقَالَ إِنِّي سَابَبْتُ رَجُلًا فَعَيَّرْتُهُ بِأُمِّهِ فَقَالَ لِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا أَبَا ذَرٍّ أَعَيَّرْتَهُ بِأُمِّهِ إِنَّكَ امْرُؤٌ فِيكَ جَاهِلِيَّةٌ إِخْوَانُكُمْ خَوَلُكُمْ جَعَلَهُمْ اللَّهُ تَحْتَ أَيْدِيكُمْ فَمَنْ كَانَ أَخُوهُ تَحْتَ يَدِهِ فَلْيُطْعِمْهُ مِمَّا يَأْكُلُ وَلْيُلْبِسْهُ مِمَّا يَلْبَسُ وَلَا تُكَلِّفُوهُمْ مَا يَغْلِبُهُمْ فَإِنْ كَلَّفْتُمُوهُمْ فَأَعِينُوهُمْ
हमसे कहिन [सुलेमान बिन हरब] कहिन, हमका बताइन [स्युबाह] से [वाशिल अल अहदाब] से [अल म'रूर बिन सुवैद] कहिन: हम [अबू ज़ार] से रबदजाह मा मिलेन जे उ समय दुइ परत कपड़ा पहिनले रहे, अऊर वइसने उनकर बेटवा भी रहा, तौ हम उनसे यहिके बारे मा पूछेन, तौ हम उनसे जवाब दिहिन कि हम अपनी महतारी का अपमानित कइके केहू का अपमानित किहेन: पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने मुझे डांटते हुए कहा: 'हे अबू धर, तुमने उनकी मां का अपमान क्या किया? वास्तव मा, आपके पास अबहियों जाहिलिया के -प्रकृति- है। तुम्हारे भाई तेरे आश्रित हैं, अल्लाह ने इनको तुम्हारे हाथ के नीचे रखा है तो जेकरे हाथ तरे ओकर भाई है- ओकरे आश्रित- तब जे खाय तौ वइसे खाना देइ जइसे ऊ खात है, जे कपड़ा पहिरत है तौ ओका पहिरत है, ओनके सीमा से परे के चीज से ओनके ऊपर बोझ न डारौ। अगर तुम ओनके ऊपर बोझ डालत हौ, तौ ओनके मदद करा'।