Larangan menjual kurma dengan kurma, dan keringanan (rukhsah) dalam jual beli 'araya
Imam Muslim : 2842
و حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مَسْلَمَةَ الْقَعْنَبِيُّ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ يَعْنِي ابْنَ بِلَالٍ عَنْ يَحْيَى وَهُوَ ابْنُ سَعِيدٍ عَنْ بُشَيْرِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ بَعْضِ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ مِنْ أَهْلِ دَارِهِمْ مِنْهُمْ سَهْلُ بْنُ أَبِي حَثْمَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ بَيْعِ الثَّمَرِ بِالتَّمْرِ وَقَالَ ذَلِكَ الرِّبَا تِلْكَ الْمُزَابَنَةُ إِلَّا أَنَّهُ رَخَّصَ فِي بَيْعِ الْعَرِيَّةِ النَّخْلَةِ وَالنَّخْلَتَيْنِ يَأْخُذُهَا أَهْلُ الْبَيْتِ بِخَرْصِهَا تَمْرًا يَأْكُلُونَهَا رُطَبًا
अऊर हमसे कहिन है [अब्दुल्ला बिन मसलामह अल कानाबी] हमसे [सुलेमान, अर्थात् इब्न बिलाल] से [यह्या, अर्थात् इब्न सैद] से [बुसैर बिन यासर] से पैगम्बर के कुछ साथियन से उन लोगन से जिनके पास पैसा रहा, ओनमा से [सहल बिन अबू खैतसमह], कि पैगम्बर सल्लाहुअलाहुअल्लाहुअल्लाहुअल्लाहुअल्लाहुअल्लाहुअल्लाहुअल्लाहुअल्लाहुअल्लाह के लिए खजूर के साथ फल बेचत, उ कहिन; 'वही सूद है, वही मुजबनाह है'। बस इहै है कि उ 'आरियाह मा एक या दुइ खजूर के पेड़न का राहत दिहिन जवन एक परिवार के पास रहा, ई भविष्यवाणी कइके कि खजूर सूख जइहैं, अऊर उ लोग ओनका गीला रहत खा लिहिन'।