Larangan menjual kurma dengan kurma, dan keringanan (rukhsah) dalam jual beli 'araya
Imam Muslim : 2835
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ الزُّهْرِيِّ ح و حَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ وَاللَّفْظُ لَهُمَا قَالَا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ حَدَّثَنَا الزُّهْرِيُّ عَنْ سَالِمٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَهَى عَنْ بَيْعِ الثَّمَرِ حَتَّى يَبْدُوَ صَلَاحُهُ وَعَنْ بَيْعِ الثَّمَرِ بِالتَّمْرِ قَالَ ابْنُ عُمَرَ وَحَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ ثَابِتٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَخَّصَ فِي بَيْعِ الْعَرَايَا زَادَ ابْنُ نُمَيْرٍ فِي رِوَايَتِهِ أَنْ تُبَاعَ
हमसे कहिन [यह्या बिन यह्या] हमका [सुफयान बिन उयैना] [अज़ जुहरी] से कहिन हैं। अऊर एक अउर मार्ग से हमका [इब्न नुमीर] अऊर [जुहैर बिन हरब] का बतावा गा है जबकि ओन दुइनौ के लफाज़, दुइनौ कहिन; हमसे कहिन है [सुफियान] हमसे [अज जुहरी] से [सलीम] से [इब्न उमर] से कहिन है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फल तब तक बेचै से मना किहिन जब तक कि उ पका न दिखाई दे अऊर खजूर के साथ फल बेचै से मना किहिन। इब्न उमर कहिन; अऊर जैद बिन थाबित हमसे कहिन हैं कि रसूलुल्लाह शल्लल्लू अलैहि वसल्लम इब्न नुमीर के इतिहास मा, अरयाह लेनदेन मा राहत प्रदान किहिन, उ इहो कहिन; अर्थात् बिक्री के लिए।