Rasulullah menyerahkan kebun Khaibar kepada penduduknya untuk digarap dengan biaya mereka sendiri, dengan bagian separuh dari hasilnya
Imam Bukhari : 2160
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ عِيَاضٍ عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ عَنْ نَافِعٍ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا أَخْبَرَهُأَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَامَلَ خَيْبَرَ بِشَطْرِ مَا يَخْرُجُ مِنْهَا مِنْ ثَمَرٍ أَوْ زَرْعٍ فَكَانَ يُعْطِي أَزْوَاجَهُ مِائَةَ وَسْقٍ ثَمَانُونَ وَسْقَ تَمْرٍ وَعِشْرُونَ وَسْقَ شَعِيرٍ فَقَسَمَ عُمَرُ خَيْبَرَ فَخَيَّرَ أَزْوَاجَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنْ يُقْطِعَ لَهُنَّ مِنْ الْمَاءِ وَالْأَرْضِ أَوْ يُمْضِيَ لَهُنَّ فَمِنْهُنَّ مَنْ اخْتَارَ الْأَرْضَ وَمِنْهُنَّ مَنْ اخْتَارَ الْوَسْقَ وَكَانَتْ عَائِشَةُ اخْتَارَتْ الْأَرْضَ
[इब्राहिम बिन अल मुंडज़िर] ने हमसे [अनस बिन इयाद] से [उबैदुल्लाह] से [नाफी] से कहा है कि [अब्दुल्लाह बिन उमर रदलियाअल्लाहु अन्हुमा] ने हमसे रिपोर्ट की है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने खैबर के जमीन का उपयोग करै के लिए लोगन का नियुक्त किहिन, जेहिमा आधा उपज सब्जी या खजूर के रूप मा मजदूरन के लिए रहा। उइ अपनी मेहरारून का सौ वसाक, अस्सी वसाक खजूर अऊर बीस वसाक गेहूँ के आय मा बांटिन। अपने समय मा उमर रदलियाअल्लाहू अन्हू खैबर कै जमीन बाँटिन। तौ पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पत्नियन का पानी - कुँआ -, जमीन या जवन कुछौ ओनके पहिले का अधिकार रहा, मिला। अऊर ओनके बीच कुछ लोग हैं जे जमीन का चुनत हैं अऊर कुछ लोग भी हैं जे परिणाम से अधिकार स्वीकार करै का चुनत हैं। इधर, ऐसियाह रदलियाअल्लाहु अन्हा ने जमीन चुनी।