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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Ucapan tanpa pikir dapat menjatuhkan seseorang ke Neraka

Imam Tirmidzi : 2241

حَدَّثَنَا هَنَّادٌ حَدَّثَنَا عَبْدَةُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ جَدِّي قَال سَمِعْتُ بِلَالَ بْنَ الْحَارِثِ الْمُزَنِيَّ صَاحِبَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ إِنَّ أَحَدَكُمْ لَيَتَكَلَّمُ بِالْكَلِمَةِ مِنْ رِضْوَانِ اللَّهِ مَا يَظُنُّ أَنْ تَبْلُغَ مَا بَلَغَتْ فَيَكْتُبُ اللَّهُ لَهُ بِهَا رِضْوَانَهُ إِلَى يَوْمِ يَلْقَاهُ وَإِنَّ أَحَدَكُمْ لَيَتَكَلَّمُ بِالْكَلِمَةِ مِنْ سَخَطِ اللَّهِ مَا يَظُنُّ أَنْ تَبْلُغَ مَا بَلَغَتْ فَيَكْتُبُ اللَّهُ عَلَيْهِ بِهَا سَخَطَهُ إِلَى يَوْمِ يَلْقَاهُقَالَ وَفِي الْبَاب عَنْ أُمِّ حَبِيبَةَ قَالَ هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ صَحِيحٌ وَهَكَذَا رَوَاهُ غَيْرُ وَاحِدٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو نَحْوَ هَذَا قَالُوا عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ عَنْ بِلَالِ بْنِ الْحَارِثِ وَرَوَى هَذَا الْحَدِيثَ مَالِكٌ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو عَنْ أَبِيهِ عَنْ بِلَالِ بْنِ الْحَارِثِ وَلَمْ يَذْكُرْ فِيهِ عَنْ جَدِّهِ

हमसे कहिस है [हन्नाद] हमसे कहिस है ['अब्दह] से [मुहम्मद बिन अमरू] हमका [मेरे पिता] से [मेरे दादा] से कहिस है: हमने सुना है [बिलाल बिन अल हरिथ अल मुज्नी], रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के एक दोस्त, कहिन: हमने सुना है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का एक दोस्त कह सकत है: आप एक अइसन शब्द कहत हई जेसे अल्लाह खुस होइ, उ उम्मीद नाहीं करत रहा कि वाक्य वहिके पास आवै, फिर अल्लाह ओनके लिए आपन खुशी तब तक दर्ज किहिन जब तक कि उ उनसे मिले अऊर ई हो सकत है कि आप में से एक अइसन शब्द कहे जेसे अल्लाह नाराज होइ, उ उम्मीद नाहीं किहिन कि उ वाक्य वहि दिन आवै, तब अल्लाह ने उ व्यक्ति के लिए आपन गुस्सा तब तक दर्ज किहिन जब तक कि उ उनसे मिले'। अबू ईसा कहिन: यहि मामला मा उम्म हबीबा से एक समान हदीस है। ई हदीस सही अहै। यही बात मुहम्मद बिन अमरू से कईयो कथाकारन द्वारा सुनाई गै रही। जाहिर तौर पर, उइ कहिन: मुहम्मद बिन अमरू से उनके पिता से बिलाल बिन अल हरिथ से अऊर ई हदीस [मलिक] द्वारा [मुहम्मद बिन अमरू] से [अपने पिता] से [बिलाल बिन अल हरिथ] से सुनाई गै रही, उ इ हदीस मा एकर जिक्र नाहीं किहिन; अपने दादा से।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 1562, 1563, 6917, 7617, 8059, 8304, 8567, 8852, 10475, 10480, 10903, 15291, 19191, 19200, 19216, 22191, 22223
Imam Bukhari : 5996, 5997
Imam Muslim : 5303, 5304
Imam Tirmidzi : 2236, 2237, 2241
Imam Ibnu Majah : 3959, 3960
Imam Malik : 1562, 1563