Ucapan tanpa pikir dapat menjatuhkan seseorang ke Neraka
Imam Ahmad : 8304
قَالَ حَدَّثَنَاه أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرُ بْنُ حَازِمٍ عَنِ الْحَسَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الرَّجُلَ لَيَتَكَلَّمُ بِالْكَلِمَةِ مَا يَرَى أَنْ تَبْلُغَ حَيْثُ بَلَغَتْ يَهْوِي بِهَا فِي النَّارِ سَبْعِينَ خَرِيفًا
कहेन; हमसे कहिन है [असवाद बिन अमीर] हमसे [जरीर बिन हाजिम] से [अल हसन] से [अबू हुरैराह] कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम कहिन: 'वास्तव मा, एक मनई एक अइसन वाक्य बोलत है जेकर असर उ नाहीं होत है जवन उ सोचत रहा, जेहिसे उ वाक्य के साथे ओका सत्तर मौसम के लिए नरक मा फेंक दीन जात है'।