Ucapan tanpa pikir dapat menjatuhkan seseorang ke Neraka
Imam Ahmad : 1562
حَدَّثَنَا يَزِيدُ أَخْبَرَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ عَنِ الْحَارِثِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ قَالَ قَالَ لَنَا مَرْوَانُ انْطَلِقُوا فَأَصْلِحُوا بَيْنَ هَذَيْنِ سَعِيدِ بْنِ زَيْدٍ وَأَرْوَى بِنْتِ أُوَيْسٍ فَأَتَيْنَا سَعِيدَ بْنَ زَيْدٍ فَقَالَ أَتُرَوْنَ أَنِّي قَدْ اسْتَنْقَصْتُ مِنْ حَقِّهَا شَيْئًا أَشْهَدُ لَسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ مَنْ أَخَذَ شِبْرًا مِنْ الْأَرْضِ بِغَيْرِ حَقِّهِ طُوِّقَهُ مِنْ سَبْعِ أَرَضِينَ وَمَنْ تَوَلَّى قَوْمًا بِغَيْرِ إِذْنِهِمْ فَعَلَيْهِ لَعْنَةُ اللَّهِ وَمَنْ اقْتَطَعَ مَالَ أَخِيهِ بِيَمِينِهِ فَلَا بَارَكَ اللَّهُ لَهُ فِيهِ
हमसे कहिन है [यजीद] हमसे कहिन है [इब्न अबू दज़ी`ब] से [अल हरिथ बिन अब्दुर्रहमान] से [अबू सलामा] कहिन; मरवान कहिन; 'जाओ सैद बिन जैद और अरवा बिन उवैस के बीच मेल-मिलाप कराओ'। हम [सैद बिन जैद] के पास गयेन, अऊर उ कहिन; 'का तुमका लागत है कि हम ओकर अधिकार छीन लिहेन। मैं गवाही देत हउँ, सचमुच मैं रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का कहत सुने हउँ: 'जे एक इंच जमीन लेत है जउन ओकर अधिकार नाहीं है, ओकरे चारो ओर माटी के सात परत लपेटे होइहैं। जे भी बिना ओनके इजाजत के कउनो लोगन से गुलाम बनावै का आदेश देई, ओका अल्लाह के अभिशाप होइ। जे अपने भाई के धन का कसम से जब्त कर लेई, अल्लाह ओका बरकत नाहीं देई'।