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Doa Nabi ketika melakukan perjalanan: ALLAHUMMA INNI A'UUDZU BIKA MIN WA'TSAA`IS SAFAR…
Imam Nasa'i : 5403أَخْبَرَنَا أَزْهَرُ بْنُ جَمِيلٍ قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عَاصِمٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَرْجِسَأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ إِذَا سَافَرَ قَالَ اللَّهُمَّ إِنِّي أَعُوذُ بِكَ مِنْ وَعْثَاءِ السَّفَرِ وَكَآبَةِ الْمُنْقَلَبِ وَالْحَوْرِ بَعْدَ الْكَوْرِ وَدَعْوَةِ الْمَظْلُومِ وَسُوءِ الْمَنْظَرِ فِي الْأَهْلِ وَالْمَالِ
हमका [अजहर बिन जमील] सूचित कइके उ कहिन; हमसे [खालिद इब्नुल हरिथ] कहिन है, उ कहिन; हमका [स्यूबाह] [अशिम] से [अब्दुल्ला बिन सरजीस] से बताइस है, उ कहिन; 'रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, यदि आप यात्रा करना चाहते हैं तो कहें: 'अल्लाहुम्मा इन्नी अ'उदज़ू बिका मिन व'स्ता`इस सफर वा काबातिल मुनकलाबी वाल हाउरी बदल कौरी वा दावतिल मालज़हलुमी सवालुउ फिलिया वल्लहौ - म अल्लाह, सफर मा थकान, सफर मा उदासी से शरण लेत हई। वापसी, पर्याप्तता के बाद कमी, अन्यायी के प्रार्थना अऊर परिवार अऊर संपत्ति पर बुरा दृष्टिकोण-'।