Hadith Representative
Ka'ab bin ashraf harus terbunuh sebab dia telah menyakiti Allah dan rasul-nya
Imam Bukhari : 2327حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ قَالَ عَمْرٌو سَمِعْتُ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا يَقُولُقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ لِكَعْبِ بْنِ الْأَشْرَفِ فَإِنَّهُ قَدْ آذَى اللَّهَ وَرَسُولَهُ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ مُحَمَّدُ بْنُ مَسْلَمَةَ أَنَا فَأَتَاهُ فَقَالَ أَرَدْنَا أَنْ تُسْلِفَنَا وَسْقًا أَوْ وَسْقَيْنِ فَقَالَ ارْهَنُونِي نِسَاءَكُمْ قَالُوا كَيْفَ نَرْهَنُكَ نِسَاءَنَا وَأَنْتَ أَجْمَلُ الْعَرَبِ قَالَ فَارْهَنُونِي أَبْنَاءَكُمْ قَالُوا كَيْفَ نَرْهَنُ أَبْنَاءَنَا فَيُسَبُّ أَحَدُهُمْ فَيُقَالُ رُهِنَ بِوَسْقٍ أَوْ وَسْقَيْنِ هَذَا عَارٌ عَلَيْنَا وَلَكِنَّا نَرْهَنُكَ اللَّأْمَةَ قَالَ سُفْيَانُ يَعْنِي السِّلَاحَ فَوَعَدَهُ أَنْ يَأْتِيَهُ فَقَتَلُوهُ ثُمَّ أَتَوْا النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْبَرُوهُ
हमसे कहिन [अली बिन अब्दुल्ला] हमसे कहिन हैं [सुफयान] कहिन, [अमरू] हम [जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलियाअल्लाहु अन्हुमा] का कहत सुने रहेन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'काअब बिन अल असिराफ का मारय का कौन तैयार है काहे से कि उ अल्लाह अऊर ओकरे रसूल शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अपमान किहिन हैं? तब मुहम्मद बिन मसलामा कहिन: 'मैं तैयार हौं'। तब मुहम्मद बिन मसलामा काअब बिन अल असिराफ से मिले, फिर कहिन: 'हम चाहित है कि तुम मोका एक या दुई वसक खजूर उधार दइ द्या'। उ -काअब- जवाब दिहिस: 'पहिले आपन पत्नियन का प्यादा रखौ'। मसलामा के दोस्तन ने जवाब दिया: 'जब तुम सबसे सुंदर अरब हो तो हम अपनी पत्नियों को गिरवी कैसे रखें?'। ऊ कहिस: 'तब अपने बच्चन का गिरवी रखौ'। उई कहिन: 'हम अपने बच्चन का कैसे गिरवी रखब, जब बाद मा ओनके मजाक उड़ावा जई: 'दुह, उनके बच्चन का केवल एक या दुई वसाक पावै के लिए प्यादा रखा गा रहा, ई हमरे लिए एक डांट है, लेकिन हम तोहका लखमह से प्यादा रखब'। सुफयान बोले : 'लकमह का अर्थ है तलवार'। तो मसलमा ने उनसे मिलने का वादा किया, फिर उन्होंने उन्हें मार डाला फिर उन्होंने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले फिर उन्होंने उन्होंने बताया कि का भवा।