हदीस
Walimah melebihi dari dua hari adalah riya dan sum’ah
Imam Tirmidzi : 1016حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُوسَى الْبَصْرِيُّ حَدَّثَنَا زِيَادُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا عَطَاءُ بْنُ السَّائِبِ عَنْ أَبِي عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ ابْنِ مَسْعُودٍ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ طَعَامُ أَوَّلِ يَوْمٍ حَقٌّ وَطَعَامُ يَوْمِ الثَّانِي سُنَّةٌ وَطَعَامُ يَوْمِ الثَّالِثِ سُمْعَةٌ وَمَنْ سَمَّعَ سَمَّعَ اللَّهُ بِهِقَالَ أَبُو عِيسَى حَدِيثُ ابْنِ مَسْعُودٍ لَا نَعْرِفُهُ مَرْفُوعًا إِلَّا مِنْ حَدِيثِ زِيَادِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ وَزِيَادُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ كَثِيرُ الْغَرَائِبِ وَالْمَنَاكِيرِ قَالَ و سَمِعْت مُحَمَّدَ بْنَ إِسْمَعِيلَ يَذْكُرُ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ عُقْبَةَ قَالَ قَالَ وَكِيعٌ زِيَادُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ مَعَ شَرَفِهِ يَكْذِبُ فِي الْحَدِيثِ
हमनी के बतवले बाड़े [मुहम्मद बिन मूसा अल बशरी], बता देले बाड़े [जियाद बिन अब्दुल्लाह], बता देले बाड़े ['अथा` बिन अस सा`इब] से [अबू अब्दुररहमान] से [इब्न मसूद] कहले बाड़े; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि, पहिला दिन वलीमा के खाना फर्ज बा - ओकरा के पकड़ल आ ओकरा में शामिल होखल -। दूसरा दिन त बस सुन्नत बा। तीसरा दिन सुम'आह -सुने के चाहत-। जे भी सुमअह, अल्लाह ओकरा के महस्यार के क्षेत्र में रिया के रूप में पहचान दिहे''। अबू ईसा कहले कि; इब्न मसूद के हदीस। जियाद बिन अब्दुल्लाह के हदीस के छोड़ के हमनी के इ नईखी जानत कि इ मरफू' में रिवायत भईल बा। जियाद बिन अब्दुल्ला एगो अइसन व्यक्ति हवें जे कई गो बुराई आ घरीब हदीस के बखान कइले बाड़न। -अबू ईसा तिरमिधी में- कहले; 'हम मुहम्मद बिन उकबाह से मुहम्मद के कहत सुनले बानी; वाकी' कहलस; "जियाद बिन अब्दुल्ला अपना शान से, उ हदीस के रिवायत में झूठ बोलले।"