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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Doa nabi meminta hujan: ALLAHUMMA HAWAALAINAA WA LAA 'ALAINAA

Imam Bukhari : 975

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُقَاتِلٍ قَالَ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ الْمُبَارَكِ قَالَ أَخْبَرَنَا الْأَوْزَاعِيُّ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ الْأَنْصَارِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ قَالَأَصَابَتْ النَّاسَ سَنَةٌ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَبَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَخْطُبُ عَلَى الْمِنْبَرِ يَوْمَ الْجُمُعَةِ قَامَ أَعْرَابِيٌّ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلَكَ الْمَالُ وَجَاعَ الْعِيَالُ فَادْعُ اللَّهَ لَنَا أَنْ يَسْقِيَنَا قَالَ فَرَفَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَيْهِ وَمَا فِي السَّمَاءِ قَزَعَةٌ قَالَ فَثَارَ سَحَابٌ أَمْثَالُ الْجِبَالِ ثُمَّ لَمْ يَنْزِلْ عَنْ مِنْبَرِهِ حَتَّى رَأَيْتُ الْمَطَرَ يَتَحَادَرُ عَلَى لِحْيَتِهِ قَالَ فَمُطِرْنَا يَوْمَنَا ذَلِكَ وَفِي الْغَدِ وَمِنْ بَعْدِ الْغَدِ وَالَّذِي يَلِيهِ إِلَى الْجُمُعَةِ الْأُخْرَى فَقَامَ ذَلِكَ الْأَعْرَابِيُّ أَوْ رَجُلٌ غَيْرُهُ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ تَهَدَّمَ الْبِنَاءُ وَغَرِقَ الْمَالُ فَادْعُ اللَّهَ لَنَا فَرَفَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَدَيْهِ وَقَالَ اللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلَا عَلَيْنَا قَالَ فَمَا جَعَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُشِيرُ بِيَدِهِ إِلَى نَاحِيَةٍ مِنْ السَّمَاءِ إِلَّا تَفَرَّجَتْ حَتَّى صَارَتْ الْمَدِينَةُ فِي مِثْلِ الْجَوْبَةِ حَتَّى سَالَ الْوَادِي وَادِي قَنَاةَ شَهْرًا قَالَ فَلَمْ يَجِئْ أَحَدٌ مِنْ نَاحِيَةٍ إِلَّا حَدَّثَ بِالْجَوْدِ

हमका बतावा गा है [मुहम्मद बिन मुकातिल] कहिन, हमसे बतावा गा है [अब्दुल्ला बिन अल मुबारक] कहिन, हमसे बतावा गा है [अल औज़ाई] कहिन, हमसे बतावा गा है [इशाक बिन अब्दुल्ला बिन अबू थल्हा अल अंसारी] कहिन, हमका बतावा गा है [अनस बिन सुलू मलिक, अलैहुल्लाह के समय सल्लाहुल्लाह कहिन]। वसल्लम मनुष्य एक बार सूखा से प्रभावित रहे। शुक्रवार को जब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम प्रबचन दे रहे थे तो अचानक एक बेडौइन अरब खड़ा होकर बोला कि हे अल्लाह के रसूल संपत्ति बर्बाद हो गई है और अकाल पड़ गया है तो अल्लाह से दुआ करो कि हमका बरसात भेजे! अनस बिन मलिक ने कहा, 'त रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तब हथेलियाँ उठाय के नमाज पढ़िन। अऊर उ समय आकाश मा एकौ बादर नाहीं रहा'। अनस बिन मलिक आपन बात जारी रखिन, 'फिर बादर पहाड़न के तरह हिले। जब तक हम बारिश का ओकर दाढ़ी भिगोवत नाहीं देखेन, तब तक उ अपने पल्पिट से उतरा नाहीं रहा। तौ वहि दिन हमका अगले दिन अऊर अगले दिन अगले शुक्रवार तक बारिश मिली। ई अगले शुक्रवार का रहा जब बेडौइन अरब, या कोई अउर, खड़ा होइके कहिस, 'हे अल्लाह के रसूल, बहुत सारी इमारतें गिर गईं, संपत्ति डूब गईं अऊर बह गईं, तौ हमरे लिए अल्लाह से दुआ करा!' रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तब अपनी हथेलियाँ उठाकर प्रार्थना की: 'अल्लाहुम्मा हवालेना वा ला 'अलेना -हे अल्लाह, केवल हमरे आसपास बारिश भेजो अऊर हमका नुकसान न पहुंचाओ-'। ईसे पहिले कि उ आपन हाथ से आसमान के ओर इशारा करत, बादल गायब होइ चुका रहा। ऊ समय मदीना शहर झील अऊर पानी के धारा के तरह होइ गवा रहा, अऊर एक महीना तक ओका सूरज के रोशनी भी नाहीं मिली'। अनस बिन मलिक कहिन, 'शहर के कोने-कोने से एकौ मनई भारी बारिश के बारे मा बतावै के अलावा नाहीं आवा'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 12481, 12546
Imam Bukhari : 881, 957, 958, 959, 965, 975, 3317, 5628, 5866
Imam Muslim : 1493
Imam Nasa'i : 1501, 1510, 1511