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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Doa nabi meminta hujan: ALLAHUMMA HAWAALAINAA WA LAA 'ALAINAA

Imam Bukhari : 959

حَدَّثَنَا مُسَدَّدٌ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَبَيْنَمَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَخْطُبُ يَوْمَ الْجُمُعَةِ إِذْ جَاءَهُ رَجُلٌ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَحَطَ الْمَطَرُ فَادْعُ اللَّهَ أَنْ يَسْقِيَنَا فَدَعَا فَمُطِرْنَا فَمَا كِدْنَا أَنْ نَصِلَ إِلَى مَنَازِلِنَا فَمَا زِلْنَا نُمْطَرُ إِلَى الْجُمُعَةِ الْمُقْبِلَةِ قَالَ فَقَامَ ذَلِكَ الرَّجُلُ أَوْ غَيْرُهُ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ ادْعُ اللَّهَ أَنْ يَصْرِفَهُ عَنَّا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلَا عَلَيْنَا قَالَ فَلَقَدْ رَأَيْتُ السَّحَابَ يَتَقَطَّعُ يَمِينًا وَشِمَالًا يُمْطَرُونَ وَلَا يُمْطَرُ أَهْلُ الْمَدِينَةِ

हमसे कहिन है [मुसद्दाद] ने कहा है, हमसे [अबू अवाना] [कतादाह] से [अनस बिन मलिक] ने कहा है, 'जब रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम शुक्रवार का उपदेश दे रहे थे, तो अचानक एक आदमी उनके पास आया और बोला, 'हे रसूलल्लाह, बहुत समय से बारिश नहीं हुई है, अल्लाह हमका बारिश करै के लिए प्रार्थना करै'। यहिसे उ तब तक प्रार्थना किहिन जब तक कि बारिश नाइ होइ गै, अऊर हम लगभग अपने घर लौटि नाहीं पाएन। अऊर अगले शुक्रवार तक बारिश होत रही'। अनस बिन मलिक कहिन, 'उ आदमी या दूसर आदमी खड़ा होइके कहिन, 'हे अल्लाह के रसूल, अल्लाह से दुआ करा ताकि बारिश हमसे तुरंत भटक जाय'। त रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने प्रार्थना की: 'हे अल्लाह, हमरे चारों ओर केवल बारिश भेजो अऊर हमका नुकसान न पहुंचाओ'। अनस बिन मलिक ने कहा, 'वास्तव में मैंने बादल दाहिने बाएं बिखरते देखे, फिर बारिश हुई लेकिन मदीना के लोगन पर बारिश नहीं हुई'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 12481, 12546
Imam Bukhari : 881, 957, 958, 959, 965, 975, 3317, 5628, 5866
Imam Muslim : 1493
Imam Nasa'i : 1501, 1510, 1511