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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Doa nabi meminta hujan: ALLAHUMMA HAWAALAINAA WA LAA 'ALAINAA

Imam Bukhari : 881

حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ الْمُنْذِرِ قَالَ حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَمْرٍو الْأَوْزَاعِيُّ قَالَ حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَأَصَابَتْ النَّاسَ سَنَةٌ عَلَى عَهْدِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَبَيْنَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَخْطُبُ فِي يَوْمِ جُمُعَةٍ قَامَ أَعْرَابِيٌّ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ هَلَكَ الْمَالُ وَجَاعَ الْعِيَالُ فَادْعُ اللَّهَ لَنَا فَرَفَعَ يَدَيْهِ وَمَا نَرَى فِي السَّمَاءِ قَزَعَةً فَوَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ مَا وَضَعَهَا حَتَّى ثَارَ السَّحَابُ أَمْثَالَ الْجِبَالِ ثُمَّ لَمْ يَنْزِلْ عَنْ مِنْبَرِهِ حَتَّى رَأَيْتُ الْمَطَرَ يَتَحَادَرُ عَلَى لِحْيَتِهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمُطِرْنَا يَوْمَنَا ذَلِكَ وَمِنْ الْغَدِ وَبَعْدَ الْغَدِ وَالَّذِي يَلِيهِ حَتَّى الْجُمُعَةِ الْأُخْرَى وَقَامَ ذَلِكَ الْأَعْرَابِيُّ أَوْ قَالَ غَيْرُهُ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ تَهَدَّمَ الْبِنَاءُ وَغَرِقَ الْمَالُ فَادْعُ اللَّهَ لَنَا فَرَفَعَ يَدَيْهِ فَقَالَ اللَّهُمَّ حَوَالَيْنَا وَلَا عَلَيْنَا فَمَا يُشِيرُ بِيَدِهِ إِلَى نَاحِيَةٍ مِنْ السَّحَابِ إِلَّا انْفَرَجَتْ وَصَارَتْ الْمَدِينَةُ مِثْلَ الْجَوْبَةِ وَسَالَ الْوَادِي قَنَاةُ شَهْرًا وَلَمْ يَجِئْ أَحَدٌ مِنْ نَاحِيَةٍ إِلَّا حَدَّثَ بِالْجَوْدِ

हमसे कहा गा है [इब्राहिम बिन अल मुंडज़िर] कहिन, हमसे बतावा गा है [अल वालिद बिन मुस्लिम] कहिन, हमसे बतावा गा है [अबू अमरू अल औजाई] कहिन, हमका बतावा गा है [इशाक बिन अब्दुल्ला बिन अबू थल्हा] से [अनस बिन मलिक] कहिन, 'पैगम्बर सल्लाह वल्लाह के समय मा वल्लाह वल्लाह हिट कीन गा रहें। अकाल से। जब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम शुक्रवार का प्रवचन दे रहे थे तो अचानक एक बेडौइन अरब खड़ा होकर बोला कि हे अल्लाह के रसूल संपत्ति बर्बाद हो गई है और अकाल पड़ गया है तो हमरे लिए अल्लाह से दुआ करो'। फिर उ प्रार्थना मा दुइनौ हथेली उठाइन, अऊर उ समय हमका आकाश मा जरा भी बादर नाहीं देखा। लेकिन ओकरे द्वारा जेकरे हाथ मा मोर आत्मा है, जब तक बादर पहाड़न के तरह उड़त नाहीं आवत हैं, तब तक उ आपन हाथ नीचे नाहीं करिहैं। अऊर उ अबहीं तक पल्पिट से उतरा नाहीं रहा जब तक कि आखिर मा हम ओनके दाढ़ी पर बरसात नाहीं देखेन, शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम। तौ वहि दिन, अगले दिन अऊर वहिके बाद के दिन हमका अगले शुक्रवार तक अगले दिनन मा बरसात होत रही। ई अगले शुक्रवार का रहा जब बेडौइन अरब, या दूसरा व्यक्ति खड़ा होइके कहिस, 'हे अल्लाह के रसूल, बहुत इमारतें गिर गईं, संपत्ति डूब गई अऊर बह गईं, तौ हमरे लिए अल्लाह से दुआ करा'। फिर उ आपन हथेलियन का उठाइन अऊर प्रार्थना किहिन: 'अल्लाहुम्मा हवालेना वा ला 'अलेना -हे अल्लाह, हमरे चारों ओर बारिश भेजा अऊर हमका नुकसान न पहुंचावा-'। बादलन का हाथ से इशारा करै से पहिले बादर तुरंत गायब होइ गें। वहि समय मदीना शहर झील अऊर पानी के धारा के तरह होइगा, मदीना का भी एक महीना तक सूरज के रोशनी नाहीं मिली। औ सहर के कोने-कोने से कोऊ भारी बरसात के बारे मा बतावै के अलावा नाहीं आवा।'

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 12481, 12546
Imam Bukhari : 881, 957, 958, 959, 965, 975, 3317, 5628, 5866
Imam Muslim : 1493
Imam Nasa'i : 1501, 1510, 1511