Orang yang membuat gambar akan disiksa pada hari qiyamat
Imam Ahmad : 24896
حَدَّثَنَا رَوْحٌ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ أَنَسٍ عَنْ نَافِعٍ عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ مُحَمَّدٍ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا أَخْبَرَتْهُ أَنَّهَا اشْتَرَتْ نُمْرُقَةً فِيهَا تَصَاوِيرُ فَلَمَّا رَآهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَامَ عَلَى الْبَابِ فَلَمْ يَدْخُلْ فَعَرَفْتُ فِي وَجْهِهِ الْكَرَاهِيَةَ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَتُوبُ إِلَى اللَّهِ وَإِلَى رَسُولِهِ مَا أَذْنَبْتُ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا بَالُ هَذِهِ النُّمْرُقَةِ فَقُلْتُ اشْتَرَيْتُهَا لِتَقْعُدَ عَلَيْهَا وَلِتَوَسَّدَهَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ أَصْحَابَ هَذِهِ الصُّورِ يُعَذَّبُونَ بِهَا يُقَالُ لَهُمْ أَحْيُوا مَا خَلَقْتُمْ وَقَالَ إِنَّ الْبَيْتَ الَّذِي فِيهِ الصُّورَةُ لَا تَدْخُلُهُ الْمَلَائِكَةُ
हमसे कहिन है [रौह] हमसे [मलिक बिन अनस] [नफी'] से [अल कासिम बिन मुहम्मद] से [ऐसिया] से कहिन है कि उ उनसे कहिन हैं कि उ एक तकिया खरीदिन हैं जेहिमा एक तस्वीर है। जब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओनका देखिन, तौ उ दरवाजा पर खड़ा होइ गें अऊर उ भीतर जाय का नाहीं चाहत रहें। मैं बता सकत रहौं कि उनके चेहरा पर नाराजगी के निशान रहा। तौ हम पूछेन; 'हे रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम! अल्लाह और उनके रसूल से पश्चाताप करत हौं, का पाप किहे हौं?' रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा : ये तकिया किस काम का है ? हम कहेन; 'मैं ईका सीट अऊर कुशन के लिए खरीदे रहेन'। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वास्तव में, यहि कारण से, ई मूर्ति के मालिकन का यातना दीन जाई अऊर ओनसे कहा जाई; 'तुम जवन बनाये हौ, ओका जीवन मा लावा! '' अऊर उ कहिन: 'वास्तव मा, एक घर जेहिमा एक चित्र है, स्वर्गदूत वहिमा नाहीं घुसिहैं'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 574, 598, 774, 1113, 1183, 1205, 1223, 2378, 4477, 4921, 5507, 5811, 8584, 11426, 15752, 15754, 15760, 15774, 20775, 21909, 23281, 23370, 24684, 24896, 25572
Imam Bukhari : 1963, 2421, 2985, 2986, 2987, 2988, 3075, 3102, 3701, 4783, 5493, 5495, 5500, 5501, 5503, 5504, 7002, 7003
Imam Muslim : 3927, 3928, 3929, 3930, 3931, 3932, 3933, 3941, 3942, 3948
Imam Abu Dawud : 196, 3622, 3623, 3624, 3626, 3627, 3695
Imam Tirmidzi : 2728, 2729, 2730
Imam Nasa'i : 261, 4207, 4208, 4209, 5252, 5253, 5254, 5255, 5256, 5270
Imam Ibnu Majah : 3639, 3640, 3641
Imam Malik : 1523, 1525
Imam Darimi : 2548