Malaikat jibril tidak masuk ke rumah yang ada anjingnya dan ada gambarnya, dan juga patung
Imam Bukhari : 5500
حَدَّثَنَا حَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا جُوَيْرِيَةُ عَنْ نَافِعٍ عَنْ الْقَاسِمِ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَاأَنَّهَا اشْتَرَتْ نُمْرُقَةً فِيهَا تَصَاوِيرُ فَقَامَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِالْبَابِ فَلَمْ يَدْخُلْ فَقُلْتُ أَتُوبُ إِلَى اللَّهِ مِمَّا أَذْنَبْتُ قَالَ مَا هَذِهِ النُّمْرُقَةُ قُلْتُ لِتَجْلِسَ عَلَيْهَا وَتَوَسَّدَهَا قَالَ إِنَّ أَصْحَابَ هَذِهِ الصُّوَرِ يُعَذَّبُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ يُقَالُ لَهُمْ أَحْيُوا مَا خَلَقْتُمْ وَإِنَّ الْمَلَائِكَةَ لَا تَدْخُلُ بَيْتًا فِيهِ الصُّورَةُ
हमका बतावा है [हज्जाज बिन मिन्हाल] हमसे [जुवैरिया] से [नफी] से [अल कासिम] से [ऐसिया] रादलियाहु अन्हा से कहिन है कि उ एक नुमरुका खरीदा रहा - बैठै के लिए उपयोग कीन जाय वाला तकिया - जेहिमा एक तस्वीर रही। पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम भी दरवाजे के सामने खड़े रहे और घर में नहीं घुसे। तौ हम पूछेन; 'हे अल्लाह के रसूल, मैं अल्लाह से पश्चाताप करत हउँ, मैं वास्तव मा का पाप किहे हउँ?' ऊ कहिस: 'ई तकिया का है?' उ जवाब दिहिन; 'मैंने ई खरीदा है कि तुम यहि पर बैठ सकत हौ या तकिया के रूप मा उपयोग कर सकत हौ'। उ कहिन: 'वास्तव मा, ई तस्वीर बनावै वाला मनई का क़यामत के दिन यातना दीन जाई। ओनसे कहा गा रहा; 'तुम जवन बनाये हौ, ओका जीवन मा लावा,' -उ कहिन-: 'वास्तव मा, स्वर्गदूत एक घर मा नाहीं घुसिहैं, जेहिमा चित्र होय'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 574, 598, 774, 1113, 1183, 1205, 1223, 2378, 4477, 4921, 5507, 5811, 8584, 11426, 15752, 15754, 15760, 15774, 20775, 21909, 23281, 23370, 24684, 24896, 25572
Imam Bukhari : 1963, 2421, 2985, 2986, 2987, 2988, 3075, 3102, 3701, 4783, 5493, 5495, 5500, 5501, 5503, 5504, 7002, 7003
Imam Muslim : 3927, 3928, 3929, 3930, 3931, 3932, 3933, 3941, 3942, 3948
Imam Abu Dawud : 196, 3622, 3623, 3624, 3626, 3627, 3695
Imam Tirmidzi : 2728, 2729, 2730
Imam Nasa'i : 261, 4207, 4208, 4209, 5252, 5253, 5254, 5255, 5256, 5270
Imam Ibnu Majah : 3639, 3640, 3641
Imam Malik : 1523, 1525
Imam Darimi : 2548