Imam Ahmad : 23800
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ الْحَكَمِ عَنْ إِبْرَاهِيمَ عَنْ الْأَسْوَدِ قَالَ سَأَلْتُ عَائِشَةَ كَيْفَ كَانَ يَصْنَعُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ كَانَ يَكُونُ فِي مِهْنَةِ أَهْلِهِ فَإِذَا حَضَرَتْ الصَّلَاةُ خَرَجَ فَصَلَّى
हमसे [मुहम्मद बिन जाफर] बताइस है, उ कहिन, हमका [स्यूबाह] [अल-हकाम] से [इब्राहिम] से [अल-असवाद] से कहिन है, उ कहिन; 'मैंने [ऐस्या] से पूछा कि रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम घर मा आपन गतिविधियन का कैसे करत रहें'। त -ऐस्याह- कहिन; "उ हमेशा अपनी पत्नी के काम मा मदद करत है, अऊर जब प्रार्थना का समय आवत है, तौ उ प्रार्थना करै जात है।"