Melarang dari air anggur dalam Al Jarr dan Ad Dubbaa’
Imam Ahmad : 23535حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ الْخَفَّافُ قَالَ أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ التَّيْمِيُّ قَالَ حَدَّثَتْنِي أُمَيْنَةُ عَنْ عَائِشَةَ أَنَّهَا سُئِلَتْ عَنْ نَبِيذِ الْجَرِّ فَقَالَتْ تَعْجِزُ إِحْدَاكُنَّ أَنْ تَتَّخِذَ مِنْ أُضْحِيَّتِهَا سِقَاءً ثُمَّ قَالَتْ نَهَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوْ مَنَعَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَنْ نَبِيذِ الْجَرِّ وَكَذَا وَكَذَا نَسِيَهُ سُلَيْمَانُ
हमनी के [अब्दुल वहाब अल-खफ्फाफ] के बता के उ कहले कि; हमनी के [सुलेमान अत-तैमी] के जानकारी देले बा, उ कहले; हमरा [अमीनाह] के बतवले बाड़ी, [ऐस्याह] से, कि एक बेर उनुका से अलजार -माटी के माटी के बर्तन- के इस्तेमाल से -अंगूर भा खजूर- भिगोवे के बारे में पूछल गइल रहे। त -ऐस्याह- कहले; रउरा सभे में से एगो - नबी के पत्नी - जवन जानवर के कत्ल कईले बाड़े, ओकरा से पीये के पानी पावे में असमर्थ बा। तब उ कहले कि; 'रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम अंगूर भा खजूर के माटी के बर्तन में भिगोवे से मना कइले रहले, आ एही से, आ अइसहीं, सुलैमान हदीस के जारी राखल भुला गइलन'.
हदीस :
Imam Ahmad : 180, 251, 340, 1905, 1924, 2476, 4605, 4677, 4678, 4771, 4788, 4828, 4830, 4848, 4909, 4944, 5166, 5172, 5220, 5229, 5315, 5504, 5569, 5689, 5740, 6128, 6152, 10548, 10643, 11206, 11313, 11423, 12223, 12246, 14322, 14590, 14610, 15546, 18316, 18318, 18353, 18585, 19668, 19724, 23508, 23515, 23535, 24786, 24879, 24880, 25629, 25631
Imam Bukhari : 5167
Imam Muslim : 3708, 3709, 3710, 3711, 3712, 3713, 3714, 3715, 3716, 3717, 3718, 3719, 3720
Imam Tirmidzi : 1790
Imam Nasa'i : 5520, 5521, 5522, 5523, 5527, 5528, 5529, 5541, 5546, 5548, 5550