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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Jika mengimami orang-orang shalat ringankanlah, karena ada orang sakit, orang lemah dan orang yang punya keperluan

Imam Bukhari : 661

حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ يُونُسَ قَالَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ قَالَ حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ قَالَ سَمِعْتُ قَيْسًا قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو مَسْعُودٍأَنَّ رَجُلًا قَالَ وَاللَّهِ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي لَأَتَأَخَّرُ عَنْ صَلَاةِ الْغَدَاةِ مِنْ أَجْلِ فُلَانٍ مِمَّا يُطِيلُ بِنَا فَمَا رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي مَوْعِظَةٍ أَشَدَّ غَضَبًا مِنْهُ يَوْمَئِذٍ ثُمَّ قَالَ إِنَّ مِنْكُمْ مُنَفِّرِينَ فَأَيُّكُمْ مَا صَلَّى بِالنَّاسِ فَلْيَتَجَوَّزْ فَإِنَّ فِيهِمْ الضَّعِيفَ وَالْكَبِيرَ وَذَا الْحَاجَةِ

हमसे कहिन [अहमद बिन यूनुस] कहिन, हमसे कहिन [जुहैर] कहिन, हमसे कहिन [इस्माइल] कहिन, 'मैं [कैस] का कहत सुने रहेन, हमसे [अबू मसूद] कहिन कि केहू कहिस, 'हे अल्लाह के रसूल, अल्लाह के कसम! हम मंडली के सुबह के प्रार्थना का समाप्त किहेन काहे से कि ई फलाना अऊर फलाना रहा जे हमरे संयुक्त प्रार्थना मा पढ़ाई का विस्तार किहिन।' तौ हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम का उ दिन जेतना नाराज रहा, ओसे ज्यादा सबक पढ़ावै मा नाराज नाहीं देखेन। फिर उ कहिन: 'वास्तव मा, आप लोगन मा कुछ अइसन लोग हैं जे दूसरन का भागै का कारण बन सकत हैं। यहिसे अगर आप मा से केहू बहुत लोगन के साथे प्रार्थना का नेतृत्व करत है, तौ ओका हल्के मा करै दे। काहे से कि इनके बीच कमजोर मड़ई, बुजुर्ग मड़ई अउर जरूरतमंद मड़ई हवैं'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 7343, 7871, 9915, 13675, 13787, 15684, 15685, 15686, 16448, 16460, 17225, 21312
Imam Bukhari : 88, 661, 662, 663, 664, 5641, 5645, 6626
Imam Muslim : 709, 710, 713, 714, 715, 716, 717, 718
Imam Abu Dawud : 671, 673, 674
Imam Tirmidzi : 219
Imam Nasa'i : 814, 822, 826, 974, 987, 988
Imam Ibnu Majah : 974, 976, 977, 978
Imam Malik : 277
Imam Darimi : 1231