Turunnya ayat faraidh berkenaan dengan pertanyaan Jabir bin Abdullah tentang warisan kalalah saat ia sakit
Imam Ahmad : 13779
حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنِ ابْنِ الْمُنْكَدِرِ أَنَّهُ سَمِعَ جَابِرًا يَقُولُ مَرِضْتُ فَأَتَانِي النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَعُودُنِي هُوَ وَأَبُو بَكْرٍ مَاشِيَيْنِ وَقَدْ أُغْمِيَ عَلَيَّ فَلَمْ أُكَلِّمْهُ فَتَوَضَّأَ فَصَبَّهُ عَلَيَّ فَأَفَقْتُ فَقُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ أَصْنَعُ فِي مَالِي وَلِي أَخَوَاتٌ قَالَ فَنَزَلَتْ آيَةُ الْمِيرَاثِ { يَسْتَفْتُونَكَ قُلْ اللَّهُ يُفْتِيكُمْ فِي الْكَلَالَةِ } كَانَ لَيْسَ لَهُ وَلَدٌ وَلَهُ أَخَوَاتٌ { إِنْ امْرُؤٌ هَلَكَ لَيْسَ لَهُ وَلَدٌ وَلَهُ أُخْتٌ }
हमका [सुफियान] से [इब्न अल मुनकादिर] से बतावा गा है कि उ वास्तव मा [जाबिर] का कहत सुने रहे; मैं बीमार रहा तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम अबू बकर के साथ पैदल चलत मुझसे मिलने आए। लकिन मैं बेहोश अवस्था मा रहौं यहै कारन वहिसे बात नहीं कइ पायेंव। फिर उ वजू करिन अऊर मुझ पर पानी छिड़किन तब हमका एहसास भवा। हमने पूछा, हे अल्लाह के रसूल, मैं अपने धन से कैसे निपटूँ, मेरी कई बहनें हैं। -जाबिर बिन अब्दुल्ला रदलियाल्लाहुअनहुमा- कहिन; तब विरासत आयत उतरी, उइ आपसे एक फतवा मांगे - कलह के बारे मा - कहौ: 'अल्लाह तोहका कलह के बारे मा फतवा देत है - अर्थात्- --- वहि समय ओकरे पास कौनो संतान नाहीं रही लेकिन ओकरे कई बहिन रहीं---, अगर एक मर जात रहा, अऊर ओकरे पास कौनो बच्चा नाहीं रहा अऊर ओकर बहिन रहीं,।