Turunnya ayat faraidh berkenaan dengan pertanyaan Jabir bin Abdullah tentang warisan kalalah saat ia sakit
Imam Bukhari : 4239
حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ سَمِعْتُ الْبَرَاءَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُقَالَ آخِرُ سُورَةٍ نَزَلَتْ بَرَاءَةَ وَآخِرُ آيَةٍ نَزَلَتْ{ يَسْتَفْتُونَكَ قُلْ اللَّهُ يُفْتِيكُمْ فِي الْكَلَالَةِ }
हमसे [सुलेमान बिन हरब] हमसे [स्युबाह] [अबू इशाक] से कहिन है, हम [अल बारा' रदलियाअल्लाहु अन्हू] का कहत सुने रहेन; आखिरी पत्र जवन प्रकट भवा रहा ऊ बाराह पत्र रहा, जबकि आखिरी श्लोक जवन प्रकट भवा रहा ऊ श्लोक रहा: उई आपसे फतवा -कल्लाह के बारे मा- मांगत हैं। कहौ: 'अल्लाह तोहका कलह के बारे मा फतवा देत है। -अन निसा: 176-।