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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 9710

حَدَّثَنَا وَكِيعٌ قَالَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنِ أَبِي صَالِحٍ وَأَبِي رَزِينٍ عَنِ أَبِي هُرَيْرَةَ رَفَعَهُ كَذَا قَالَ الْأَعْمَشُ قَالَ إِذَا اسْتَيْقَظَ أَحَدُكُمْ مِنْ مَنَامِهِ فَلَا يَغْمِسْ يَدَهُ فِي الْإِنَاءِ حَتَّى يَغْسِلَهَا ثَلَاثًا فَإِنَّهُ لَا يَدْرِي أَيْنَ بَاتَتْ يَدُهُ

उसने कहा, "हमें [अबू सालेह] से [अल अमासी] और [अबू हुरैरा] से [अबू रज़ीन] ने बताया है - उसने उन्हें नुकसान पहुँचाया है, इसलिए अल अमासी ने कहा; - "अगर तुम में से कोई नींद से जाग जाए, तो उसके हाथों को बर्तन में तब तक न डाले जब तक वह उन्हें तीन बार न धो ले, क्योंकि असल में उसे नहीं पता कि उसके हाथ रात में कहाँ रहे।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 6981, 7129, 7204, 7283, 7481, 7835, 8231, 8607, 8776, 8870, 9491, 9615, 9710, 10092, 10184
इमाम मुस्लिम : 416, 417
इमाम अबू दाऊद : 94, 95
इमाम तिर्मिदज़ी : 24
इमाम नसाई : 1, 161, 437
इमाम इब्नु माजा : 387, 388, 389
इमाम मलिक : 33
इमाम दरिमी : 759