Hukum peminum khamer adalah cambuk, jika terus berulang, bunuh
Imam Muslim : 3220
و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَزُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ وَعَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ قَالُوا حَدَّثَنَا إِسْمَعِيلُ وَهُوَ ابْنُ عُلَيَّةَ عَنْ ابْنِ أَبِي عَرُوبَةَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ الدَّانَاجِ ح و حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الْحَنْظَلِيُّ وَاللَّفْظُ لَهُ أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ الْمُخْتَارِ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ فَيْرُوزَ مَوْلَى ابْنِ عَامِرٍ الدَّانَاجِ حَدَّثَنَا حُضَيْنُ بْنُ الْمُنْذِرِ أَبُو سَاسَانَ قَالَ شَهِدْتُ عُثْمَانَ بْنَ عَفَّانَ وَأُتِيَ بِالْوَلِيدِ قَدْ صَلَّى الصُّبْحَ رَكْعَتَيْنِ ثُمَّ قَالَ أَزِيدُكُمْ فَشَهِدَ عَلَيْهِ رَجُلَانِ أَحَدُهُمَا حُمْرَانُ أَنَّهُ شَرِبَ الْخَمْرَ وَشَهِدَ آخَرُ أَنَّهُ رَآهُ يَتَقَيَّأُ فَقَالَ عُثْمَانُ إِنَّهُ لَمْ يَتَقَيَّأْ حَتَّى شَرِبَهَا فَقَالَ يَا عَلِيُّ قُمْ فَاجْلِدْهُ فَقَالَ عَلِيٌّ قُمْ يَا حَسَنُ فَاجْلِدْهُ فَقَالَ الْحَسَنُ وَلِّ حَارَّهَا مَنْ تَوَلَّى قَارَّهَا فَكَأَنَّهُ وَجَدَ عَلَيْهِ فَقَالَ يَا عَبْدَ اللَّهِ بْنَ جَعْفَرٍ قُمْ فَاجْلِدْهُ فَجَلَدَهُ وَعَلِيٌّ يَعُدُّ حَتَّى بَلَغَ أَرْبَعِينَ فَقَالَ أَمْسِكْ ثُمَّ قَالَ جَلَدَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَرْبَعِينَ وَجَلَدَ أَبُو بَكْرٍ أَرْبَعِينَ وَعُمَرُ ثَمَانِينَ وَكُلٌّ سُنَّةٌ وَهَذَا أَحَبُّ إِلَيَّ زَادَ عَلِيُّ بْنُ حُجْرٍ فِي رِوَايَتِهِ قَالَ إِسْمَعِيلُ وَقَدْ سَمِعْتُ حَدِيثَ الدَّانَاجِ مِنْهُ فَلَمْ أَحْفَظْهُ
हमसे [अबू बकर बिन अबू स्याबा] अऊर [जुहैर बिन हरब] अऊर [अली बिन हुज्र] से कहा गा है; हमका [इस्माइल] - अर्थात् इब्न उलेयाह - [इब्न अबू अरूबाह] से [अब्दुल्लाह अद दानाज] से बताइस है। -एक अउर तरीका से ई कहा गा है- हमसे [इशाक बिन इब्राहिम अल हंझली] कहिन हैं जबकि उनके लफादज़, हमसे कहिन हैं [यह्या बिन हम्माद] हमसे कहिन हैं [अब्दुल अजीज बिन मुख्तार] हमसे कहिन हैं [अब्दुल्लाह बिन फैरूज] इब्न अमीर अद दन्नज के एक पूर्व गुलाम, हमसे कहिन हैं [अब्दुल्लाह बिन फैरूज] बिन मुंदैन अबूद सादन, उ कहिन]। एक बार अल वालिद का उथमान बिन अफ्फान से सामना करत देखिन, दुई रकात सुबह के नमाज पढ़ै के बाद, उथमान तब कहिन, 'का हम तोहसे कुछ जोड़ सकित है? दुइ मनई रहे जे उनके काम के गवाह रहे, जेहिमा से एक हमरान रहे, उ खुद का खमेर पीत देखिन, जबकि दूसर गवाही दिहिस कि उ अल वालिद का उल्टी करत देखे रहे -खमेर पीये के बाद-'। तब उथमान ने कहा, 'जब तक खमेर न पियै तब तक उल्टी न होई'। उसके बाद उथमान ने अली से कहा कि हे अली उठो और अल वालिद को मार दो [अली] ने हसन से भी कहा, 'हे हसन, उठो अऊर अल वालिद का पीटौ'। तब हसन कहिन, 'हमरे लिए ई कोड़ा के निष्पादन खलीफा उथमान अऊर उनके अधिकारियन का सौंपब अच्छा होई'। अंत मा उ अब्दुल्ला बिन जाफर से कहिन, 'हे अब्दुल्ला, उठो अऊर अल वालिद पर कोड़ा मारौ'। वहिके बाद अब्दुल्ला बिन जाफर ओनका मारिन जब अली ओनका गिनत रहें। जब मारपीट चालिस के गिनती मा पहुँचिगै तौ अली चिल्लाय कै 'रुको'। फिर बोले कि 'अतीत में रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने चालीस बार शराब पीने वालों को कोड़ा मारा था, अबू बकर ने भी यही काम किया था, जबकि उमर बिन खत्ताब को अस्सी बार कोड़ा मारा गया था। दरअसल, ई सब सुन्नत है - कभी कीन जात है-, अऊर ई वही है जेका हम पसंद करत हई'। [अली बिन हुजर] ने अपने वर्णन मा जोड़ा, '[इस्माइल] कहिन, 'वास्तव मा हम उनसे अद दन्नज हदीस सुनेन, लेकिन हम वास्तव मा ओका याद नाहीं करत हई'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 590, 1123, 1167, 5921, 6266, 6501, 6679, 6708, 7435, 7570, 10143, 10311, 11696, 12390, 16244, 16256, 16265, 16283, 16318, 17361, 18641, 22049
Imam Bukhari : 6275, 6276, 6277, 6278, 6279
Imam Muslim : 3219, 3220
Imam Abu Dawud : 3882, 3883, 3884, 3885, 3886, 3887, 3888
Imam Tirmidzi : 1364
Imam Nasa'i : 5567, 5568
Imam Ibnu Majah : 2561, 2562, 2563
Imam Malik : 1325
Imam Darimi : 2013, 2210