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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Hukum peminum khamer adalah cambuk, jika terus berulang, bunuh

Imam Muslim : 3219

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ هِشَامٍ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَلَدَ فِي الْخَمْرِ بِالْجَرِيدِ وَالنِّعَالِ ثُمَّ جَلَدَ أَبُو بَكْرٍ أَرْبَعِينَ فَلَمَّا كَانَ عُمَرُ وَدَنَا النَّاسُ مِنْ الرِّيفِ وَالْقُرَى قَالَ مَا تَرَوْنَ فِي جَلْدِ الْخَمْرِ فَقَالَ عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَوْفٍ أَرَى أَنْ تَجْعَلَهَا كَأَخَفِّ الْحُدُودِ قَالَ فَجَلَدَ عُمَرُ ثَمَانِينَ و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا هِشَامٌ بِهَذَا الْإِسْنَادِ مِثْلَهُ و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ عَنْ هِشَامٍ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَانَ يَضْرِبُ فِي الْخَمْرِ بِالنِّعَالِ وَالْجَرِيدِ أَرْبَعِينَ ثُمَّ ذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِهِمَا وَلَمْ يَذْكُرْ الرِّيفَ وَالْقُرَى

हमसे कहा गा है [मुहम्मद बिन अल मुत्सन्ना] हमसे कहिन है [मुआज़ बिन हिशम] ने हमसे [मेरे पिता] से [कतादाह] से [अनस बिन मलिक] से कहा है, कि अल्लाह के पैगम्बर, सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, एक बार उन लोगन का ताड़ना किहिन जे खजूर के पत्तन अऊर टेरम्पैटी के साथ शराब पीत रहें - बाद मा बसकर के शासनकाल के दौरान - चालीस बार ओका डांटिन। उमर के शासनकाल मा दूर-दराज के इलाकन मा अउर ग्रामीण इलाकन मा ज्यादा से ज्यादा लोग रहत रहें। यहि कारन, उमर पूछिन, 'तुम शराब पीवै वालेन का कोड़ा मारय के सजा के बारे मा का सोचत हौ?' तब अब्दुर्रहमान बिन औफ कहिन, 'हमरा मानब है कि सबसे हल्की सजा अस्सी कोड़ा है'। अनस कहिन, 'तब उमर चालीस बार कोड़ा खाए के सजा अंजाम दिहिन'। हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] हमसे कहिन हैं [यह्या बिन सैद] हमसे कहिन हैं [हिस्याम] इस तरह के इसनाद के साथ'। अऊर हमका बतावा गा है [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमका [वाकी'] [हिस्याम] से [कतदाह] से [अनस] से बताइन है कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बार एक शराब पीने वाले का चालीस बार क्लोड अऊर खजूर के तना का उपयोग कइके पीटिन। फिर उ दूसरी हदीस के तरह जिक्र किहिन, अऊर उ जिक्र नाहीं किहिन, 'दराज के इलाका अऊर ग्रामीण इलाका'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 590, 1123, 1167, 5921, 6266, 6501, 6679, 6708, 7435, 7570, 10143, 10311, 11696, 12390, 16244, 16256, 16265, 16283, 16318, 17361, 18641, 22049
Imam Bukhari : 6275, 6276, 6277, 6278, 6279
Imam Muslim : 3219, 3220
Imam Abu Dawud : 3882, 3883, 3884, 3885, 3886, 3887, 3888
Imam Tirmidzi : 1364
Imam Nasa'i : 5567, 5568
Imam Ibnu Majah : 2561, 2562, 2563
Imam Malik : 1325
Imam Darimi : 2013, 2210