Rasulullah memerintahkan mereka untuk mendatangi unta dan meminum air seni dan susunya
Imam Muslim : 3163
حَدَّثَنَا أَبُو جَعْفَرٍ مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَاللَّفْظُ لِأَبِي بَكْرٍ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عُلَيَّةَ عَنْ حَجَّاجِ بْنِ أَبِي عُثْمَانَ حَدَّثَنِي أَبُو رَجَاءٍ مَوْلَى أَبِي قِلَابَةَ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ حَدَّثَنِي أَنَسٌ أَنَّ نَفَرًا مِنْ عُكْلٍ ثَمَانِيَةً قَدِمُوا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَبَايَعُوهُ عَلَى الْإِسْلَامِ فَاسْتَوْخَمُوا الْأَرْضَ وَسَقِمَتْ أَجْسَامُهُمْ فَشَكَوْا ذَلِكَ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَلَا تَخْرُجُونَ مَعَ رَاعِينَا فِي إِبِلِهِ فَتُصِيبُونَ مِنْ أَبْوَالِهَا وَأَلْبَانِهَا فَقَالُوا بَلَى فَخَرَجُوا فَشَرِبُوا مِنْ أَبْوَالِهَا وَأَلْبَانِهَا فَصَحُّوا فَقَتَلُوا الرَّاعِيَ وَطَرَدُوا الْإِبِلَ فَبَلَغَ ذَلِكَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَبَعَثَ فِي آثَارِهِمْ فَأُدْرِكُوا فَجِيءَ بِهِمْ فَأَمَرَ بِهِمْ فَقُطِعَتْ أَيْدِيهِمْ وَأَرْجُلُهُمْ وَسُمِرَ أَعْيُنُهُمْ ثُمَّ نُبِذُوا فِي الشَّمْسِ حَتَّى مَاتُوا و قَالَ ابْنُ الصَّبَّاحِ فِي رِوَايَتِهِ وَاطَّرَدُوا النَّعَمَ وَقَالَ وَسُمِّرَتْ أَعْيُنُهُمْ و حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي رَجَاءٍ مَوْلَى أَبِي قِلَابَةَ قَالَ قَالَ أَبُو قِلَابَةَ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ قَالَ قَدِمَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَوْمٌ مِنْ عُكْلٍ أَوْ عُرَيْنَةَ فَاجْتَوَوْا الْمَدِينَةَ فَأَمَرَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِلِقَاحٍ وَأَمَرَهُمْ أَنْ يَشْرَبُوا مِنْ أَبْوَالِهَا وَأَلْبَانِهَا بِمَعْنَى حَدِيثِ حَجَّاجِ بْنِ أَبِي عُثْمَانَ قَالَ وَسُمِرَتْ أَعْيُنُهُمْ وَأُلْقُوا فِي الْحَرَّةِ يَسْتَسْقُونَ فَلَا يُسْقَوْنَ و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا مُعَاذُ بْنُ مُعَاذٍ ح و حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عُثْمَانَ النَّوْفَلِيُّ حَدَّثَنَا أَزْهَرُ السَّمَّانُ قَالَا حَدَّثَنَا ابْنُ عَوْنٍ حَدَّثَنَا أَبُو رَجَاءٍ مَوْلَى أَبِي قِلَابَةَ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ قَالَ كُنْتُ جَالِسًا خَلْفَ عُمَرَ بْنِ عَبْدِ الْعَزِيزِ فَقَالَ لِلنَّاسِ مَا تَقُولُونَ فِي الْقَسَامَةِ فَقَالَ عَنْبَسَةُ قَدْ حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ كَذَا وَكَذَا فَقُلْتُ إِيَّايَ حَدَّثَ أَنَسٌ قَدِمَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَوْمٌ وَسَاقَ الْحَدِيثَ بِنَحْوِ حَدِيثِ أَيُّوبَ وَحَجَّاجٍ قَالَ أَبُو قِلَابَةَ فَلَمَّا فَرَغْتُ قَالَ عَنْبَسَةُ سُبْحَانَ اللَّهِ قَالَ أَبُو قِلَابَةَ فَقُلْتُ أَتَتَّهِمُنِي يَا عَنْبَسَةُ قَالَ لَا هَكَذَا حَدَّثَنَا أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ لَنْ تَزَالُوا بِخَيْرٍ يَا أَهْلَ الشَّامِ مَا دَامَ فِيكُمْ هَذَا أَوْ مِثْلُ هَذَا و حَدَّثَنَا الْحَسَنُ بْنُ أَبِي شُعَيْبٍ الْحَرَّانِيُّ حَدَّثَنَا مِسْكِينٌ وَهُوَ ابْنُ بُكَيْرٍ الْحَرَّانِيُّ أَخْبَرَنَا الْأَوْزَاعِيُّ ح و حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الدَّارِمِيُّ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ عَنْ الْأَوْزَاعِيِّ عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ قَدِمَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثَمَانِيَةُ نَفَرٍ مِنْ عُكْلٍ بِنَحْوِ حَدِيثِهِمْ وَزَادَ فِي الْحَدِيثِ وَلَمْ يَحْسِمْهُمْ و حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا مَالِكُ بْنُ إِسْمَعِيلَ حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ حَدَّثَنَا سِمَاكُ بْنُ حَرْبٍ عَنْ مُعَاوِيَةَ بْنِ قُرَّةَ عَنْ أَنَسٍ قَالَ أَتَى رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَفَرٌ مِنْ عُرَيْنَةَ فَأَسْلَمُوا وَبَايَعُوهُ وَقَدْ وَقَعَ بِالْمَدِينَةِ الْمُومُ وَهُوَ الْبِرْسَامُ ثُمَّ ذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِهِمْ وَزَادَ وَعِنْدَهُ شَبَابٌ مِنْ الْأَنْصَارِ قَرِيبٌ مِنْ عِشْرِينَ فَأَرْسَلَهُمْ إِلَيْهِمْ وَبَعَثَ مَعَهُمْ قَائِفًا يَقْتَصُّ أَثَرَهُمْ حَدَّثَنَا هَدَّابُ بْنُ خَالِدٍ حَدَّثَنَا هَمَّامٌ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ عَنْ أَنَسٍ ح و حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا عَبْدُ الْأَعْلَى حَدَّثَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ وَفِي حَدِيثِ هَمَّامٍ قَدِمَ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَهْطٌ مِنْ عُرَيْنَةَ وَفِي حَدِيثِ سَعِيدٍ مِنْ عُكْلٍ وَعُرَيْنَةَ بِنَحْوِ حَدِيثِهِمْ
हमसे [अबू जाफर मुहम्मद बिन अस शबाह] अऊर [अबू बकर बिन अबू स्याबाह] बताइन हैं अऊर ई अबू बकर के लफादज़ है, उ कहिन; हमसे [इब्न 'उलेय्या] से [हज्जाज बिन अबू उथमान] ने हमसे [अबू राजा`], अबू किलाबा के एक पूर्व दास, [अबू किलाबा] से बतावा है, हमसे [अनस] बताइस है, कि बनी उकल से आठ लोगन के लोगन का एक समूह, रसूलुल्लाह सल्लाहुलाह वल्लाह वल्लम के पास आवा रहा, तब उ इस्लाम के लिए। ओनका बीमार होय मा देर नाहीं लाग काहे से कि ओनका मदीना सिटी के जलवायु के आदत नाहीं रही। तब उन्होंने पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से शिकायत की, उन्होंने कहा: 'का तुम उन ऊंटन के पास जइबै जेका चरावा जात है, फिर ओनकर दूध अऊर पेशाब पियब?' उइ जवाब दिहिन, 'जरूर'। फिर उई ऊंटन के पास गें अऊर ओनके दूध अऊर पेशाब का तब तक पियत रहें जब तक कि उई पहिले के तरह स्वस्थ न होइ गें, जेकरे बाद उई चरवाहा का मार डारिन अऊर ओकरे ऊंटन का लइ लिहिन। जब ई घटना रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक पहुँची, तौ उइ ओनका तब तक पीछा करै का भेजिन जब तक कि उइ पकड़ा न जायँ, जब ओनका पकड़ा गा अऊर ओनके सामने लावा गा, तौ उइ ओनके हाथ-पैर काटै अऊर ओनके आँखिन का काटै का आदेश दिहिन। यहिके बाद, ओनका बहुत तेज धूप मा फेंक दीन गा रहा, जेहिसे उइ गिर के मरि गए। [इब्न शबाह] ने अपने रिवायत में कहा, 'उनके ऊंटन का लइ लिहिन'। अऊर उ इहौ बताइन, 'फिर ओनके आँखिन का निकार दीन गा'। अऊर हमसे कहिस है [हारून बिन अब्दुल्ला] हमसे कहिस है [सुलेमान बिन हरब] हमसे [हम्मद बिन जैद] से [अय्यूब] से [अबू राजा`] अबू किलाबा के पूर्व गुलाम से कहिस है, उ कहिन; [अबू किबाह] कहिन; हमसे [अनस बिन मलिक] बताइन हैं, उ कहिन, 'उकल या उरैना कुल के कुछ लोग पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास आए, फिर उ बीमार होइ गए काहे से कि मदीना मा हवा बहुत ठंडी रही। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने तब ओनका ऊंटन के झुंड -जकात- के पास जाय का आदेश दिहिन ताकि ओनके दूध अऊर पेशाब पी सकैं...', हज्जाज बिन अबू उथमान के हदीस के अनुसार, उ कहिन, 'फिर ओनके आँखिन का निकार दीन गा अऊर ओनके शरीर का तब तक तपते धूप के नीचे फेंक दीन गा जब तक कि ओनका पानी नाहीं माँगा गा, अऊर केहू का पानी नाहीं दीन गा'। अऊर हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन अल मुत्सना] हमसे कहिस है [मुआदज बिन मुअद्ज]। -दूसरे तरीका से ई कहा गा है- हमसे कहिन है [अहमद बिन उथमान अन नौफली] हमसे कहिन हैं [अजहर अस सामन] दुनौ कहिन; हमसे कहिन है [इब्न 'औन] हमसे [अबू राजा`] अबू किलाबाह के एक पूर्व गुलाम, [अबू किलाबाह] से उ कहिन, 'मैं एक बार उमर बिन अब्दुल अजीज के पीछे बैठा रहा, फिर उ लोगन से कहिन, 'तुम कासाम के बारे मा का सोचत हौ?' ['अनबसाह] ने जवाब दिया, 'सचमुच उ हमसे [अनस बिन मलिक] इ तरह अऊर इ तरह कहिन, त सुया कहिन; अनस ने भी एक बार बतावा रहा कि पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास लोगन का एक समूह आवा रहा...', फिर उ हदीस का जारी रखिन जइसे कि अय्यूब अऊर हज्जाज के हदीस मा है'। अबू किलाबाह कहिन, 'जब हम खतम किहेन, त अनबसाह कहिन, 'सुभानल्लाह!' अबू किलाबा आगे कहिन, 'फिर हम कहेन, 'का तुम मोर हदीस पर शक करत हौ, हे अनबसाह?' उ जवाब दिहिन, 'नहीं, ई तरह से अनस बिन मलिक हमका बताइन। हे सीरिया के लोग, जब तक आपके बीच ई व्यक्ति होई - या - अइसन लोग तब तक आप हमेशा अच्छाई मा रहब'। अऊर हमसे कहिन है [अल हसन बिन अबू शुआइब अल हररानी] हमसे कहिन हैं [मिस्किन] - अर्थात् इब्नू बुकैर अल हररानी - हमसे कहिन हैं [अल औजाई]। -एक अउर तरीका से ई बतावा गा है- हमसे कहिन है [अब्दुल्लाह बिन अब्दुर्रहमान अद दरमी] हमसे [मुहम्मद बिन यूसुफ] से [अल औजाई] से [यह्या बिन अबू कतसीर] से [अबू किलाबाह] से [अनस बिन मलिक] से कहिन हैं, उ कहिन, 'उकल से आठ लोगन के लोगन का एक समूह रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आवा...', उनके हदीस के अनुसार। अऊर हदीस मा एक जोड़ है, 'अऊर ओनकर खून बहै का छोड़ दीन गा'। अऊर हमसे कहिस है [हारून बिन अब्दुल्ला] हमसे कहिस है [मलिक बिन इस्माइल] हमसे कहिस है [जुहैर] हमसे [सिमक बिन हरब] [मुआविया बिन कुर्रा] से [अनस] से कहिस है, उ कहिन, 'उरैना से लोगन का एक समूह पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि के पास आवा रहा, फिर उ लोग इस्लाम के प्रतिज्ञा किहिन अऊर ओनके प्रतिज्ञा किहिन। मदीना मा रहे के दौरान ओनका सिरदर्द अऊर सांस लेवे में तकलीफ रही...', फिर उ ओनके हदीस का जिक्र किहिन। अऊर एक जोड़ रहा, 'अऊर उनके बगल मा लगभग बीस लोगन के संख्या मा अंसार युवा रहे, फिर उ ओनका अऊर एक काइफ का भी भेजिन - एक अइसन मनई जे निशान खोजै मा माहिर रहा - लुटेरन का पीछा करै के लिए'। हमसे कहिस है [हद्दाब बिन खालिद] हमसे कहिस है [हम्मम] हमका [कतदाह] [अनास] से कहिस है। -दूसरे तरीका से ई बतावा गा है- हमसे कहिन है [इब्न अल मुत्सन्ना] हमसे कहिन हैं [अब्दुल अ'ला] हमसे [सैद] से [कतदाह] से [अनस] से कहिन हैं अऊर उनके हदीस [हम्मम] मा कहा गा है, 'उरैना से जवानन का एक समूह पैगम्बर सल्लाह वल्लाह अलैह अलैह के पास आवा। यहि बीच, अपनी हदीस मा सैद कहिन, 'उकल अऊर 'उरैना' से, जइसे कि ओनके हदीस मा है'।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 11600, 12178, 12207, 12276, 12354, 12468, 12572, 12654, 12961, 13549, 13572
Imam Bukhari : 226, 1405, 2795, 3244, 3871, 3872, 5253, 5254, 5286, 6304, 6305, 6306, 6307, 6390
Imam Muslim : 3162, 3163, 3164
Imam Abu Dawud : 3798, 3799, 3801
Imam Tirmidzi : 68
Imam Nasa'i : 303, 304, 3958, 3959, 3960, 3961, 3962, 3963, 3964, 3965, 3966, 3967, 3968, 3969, 3970, 3971, 3972, 3974, 3975
Imam Ibnu Majah : 2568, 2569, 3494