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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Rasulullah memerintahkan mereka untuk mendatangi unta dan meminum air seni dan susunya

Imam Muslim : 3162

و حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى التَّمِيمِيُّ وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ كِلَاهُمَا عَنْ هُشَيْمٍ وَاللَّفْظُ لِيَحْيَى قَالَ أَخْبَرَنَا هُشَيْمٌ عَنْ عَبْدِ الْعَزِيزِ بْنِ صُهَيْبٍ وَحُمَيْدٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ نَاسًا مِنْ عُرَيْنَةَ قَدِمُوا عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَدِينَةَ فَاجْتَوَوْهَا فَقَالَ لَهُمْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنْ شِئْتُمْ أَنْ تَخْرُجُوا إِلَى إِبِلِ الصَّدَقَةِ فَتَشْرَبُوا مِنْ أَلْبَانِهَا وَأَبْوَالِهَا فَفَعَلُوا فَصَحُّوا ثُمَّ مَالُوا عَلَى الرُّعَاةِ فَقَتَلُوهُمْ وَارْتَدُّوا عَنْ الْإِسْلَامِ وَسَاقُوا ذَوْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَبَلَغَ ذَلِكَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَبَعَثَ فِي أَثَرِهِمْ فَأُتِيَ بِهِمْ فَقَطَعَ أَيْدِيَهُمْ وَأَرْجُلَهُمْ وَسَمَلَ أَعْيُنَهُمْ وَتَرَكَهُمْ فِي الْحَرَّةِ حَتَّى مَاتُوا

हमका [यह्या बिन यह्या अत तमीमी] अऊर [अबू बकर बिन अबू स्याबा] दुइनौ [हुसैम] से बताइन हैं अऊर ई यह्या का लफादज़ है, उ कहिन; हमका [अब्दुल अजीज बिन शुहैब] से हुसैम अऊर [अनस बिन मलिक] से [हुमैद] से सूचित किहिन है, कि उरैना के जनजाति के कईयो लोग रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले खातिर मदीना गए रहे। मदीना पहुँचते ही, उइ बीमार होइ गें काहे से कि मदीना के हवा उनके स्वास्थ्य के अनुकूल नाहीं रही। तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनसे कहा 'अगर आप चाहते हैं तो भिक्षा ऊँटों के पास जाओ -जकात ऊँटों-, फिर उनका दूध और पेशाब पीओ'। फिर उ लोग उ काम किहिन जवन पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने सुझाए रहे, ताकि उ लोग फिर से स्वस्थ होइ गें। लेकिन कुछ देर बाद, उ ऊँट चरवाहन पर हमला किहिन अऊर उ ओका मार डारिन। यहिके बाद उइ इस्लाम से धर्मत्याग होइ गें, उइ रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के ऊंटन का भी जब्त कइ लिहिन। ई घटना के बारे मा रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का बतावा गा रहा, फिर उ आदेश दिहिन कि जब तक उ लोग न मिल जायँ तब तक ओनका पीछा करैं। जब उइ उनके सामने रहे, तौ उइ आदेश दिहिन कि ओनके हाथ अऊर गोड़ काट दीन जाय, फिर ओनके आँखिन का काट दीन जाय, जेकरे बाद ओनका तब तक तपते धूप मा रखै का छोड़ दीन गा जब तक कि उइ मर न जायँ।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 11600, 12178, 12207, 12276, 12354, 12468, 12572, 12654, 12961, 13549, 13572
Imam Bukhari : 226, 1405, 2795, 3244, 3871, 3872, 5253, 5254, 5286, 6304, 6305, 6306, 6307, 6390
Imam Muslim : 3162, 3163, 3164
Imam Abu Dawud : 3798, 3799, 3801
Imam Tirmidzi : 68
Imam Nasa'i : 303, 304, 3958, 3959, 3960, 3961, 3962, 3963, 3964, 3965, 3966, 3967, 3968, 3969, 3970, 3971, 3972, 3974, 3975
Imam Ibnu Majah : 2568, 2569, 3494