Barangsiapa yang menjauhi diri dari yang syubhat berarti telah memelihara agamanya
Imam Muslim : 2996
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ الْهَمْدَانِيُّ حَدَّثَنَا أَبِي حَدَّثَنَا زَكَرِيَّاءُ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ قَالَ سَمِعْتُهُ يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ وَأَهْوَى النُّعْمَانُ بِإِصْبَعَيْهِ إِلَى أُذُنَيْهِ إِنَّ الْحَلَالَ بَيِّنٌ وَإِنَّ الْحَرَامَ بَيِّنٌ وَبَيْنَهُمَا مُشْتَبِهَاتٌ لَا يَعْلَمُهُنَّ كَثِيرٌ مِنْ النَّاسِ فَمَنْ اتَّقَى الشُّبُهَاتِ اسْتَبْرَأَ لِدِينِهِ وَعِرْضِهِ وَمَنْ وَقَعَ فِي الشُّبُهَاتِ وَقَعَ فِي الْحَرَامِ كَالرَّاعِي يَرْعَى حَوْلَ الْحِمَى يُوشِكُ أَنْ يَرْتَعَ فِيهِ أَلَا وَإِنَّ لِكُلِّ مَلِكٍ حِمًى أَلَا وَإِنَّ حِمَى اللَّهِ مَحَارِمُهُ أَلَا وَإِنَّ فِي الْجَسَدِ مُضْغَةً إِذَا صَلَحَتْ صَلَحَ الْجَسَدُ كُلُّهُ وَإِذَا فَسَدَتْ فَسَدَ الْجَسَدُ كُلُّهُ أَلَا وَهِيَ الْقَلْبُ و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ ح و حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ قَالَا حَدَّثَنَا زَكَرِيَّاءُ بِهَذَا الْإِسْنَادِ مِثْلَهُ و حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا جَرِيرٌ عَنْ مُطَرِّفٍ وَأَبِي فَرْوَةَ الْهَمْدَانِيِّ ح و حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْقَارِيَّ عَنْ ابْنِ عَجْلَانَ عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ سَعِيدٍ كُلُّهُمْ عَنْ الشَّعْبِيِّ عَنْ النُّعْمَانِ بْنِ بَشِيرٍ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِهَذَا الْحَدِيثِ غَيْرَ أَنَّ حَدِيثَ زَكَرِيَّاءَ أَتَمُّ مِنْ حَدِيثِهِمْ وَأَكْثَرُ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ اللَّيْثِ بْنِ سَعْدٍ حَدَّثَنِي أَبِي عَنْ جَدِّي حَدَّثَنِي خَالِدُ بْنُ يَزِيدَ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ أَبِي هِلَالٍ عَنْ عَوْنِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ عَنْ عَامِرٍ الشَّعْبِيِّ أَنَّهُ سَمِعَ نُعْمَانَ بْنَ بَشِيرِ بْنِ سَعْدٍ صَاحِبَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ يَخْطُبُ النَّاسَ بِحِمْصَ وَهُوَ يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ الْحَلَالُ بَيِّنٌ وَالْحَرَامُ بَيِّنٌ فَذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ زَكَرِيَّاءَ عَنْ الشَّعْبِيِّ إِلَى قَوْلِهِ يُوشِكُ أَنْ يَقَعَ فِيهِ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन नुमीर अल हमदानी] हमसे कहिन हैं [मेरे पिता] हमसे [जकारिया] से [अस स्याबी] से [अन नुमान बिन बसीर] से कहिन हैं, 'मैंने उनका कहते सुना है, 'मैंने एक बार रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैही वसल्लम को कहते हुए सुना है - नउमान का अपने दो उंगलियों से अपने कानों के ओर इशारा करते हुए: 'वास्तव मा, जवन कानूनी है ऊ स्पष्ट है - अऊर जवन हराम है ऊ असली है। औ दूनौ के बिच मा ऐसी बातें हैं जो स्पष्ट नहीं हैं, जिनके बारे में अधिकतर लोग नहीं जानत हैं, सो जो संदिग्ध काम करै से खुद को रोकत है, तब उसका धर्म और स्वाभिमान बच जायगा परन्तु जो संदिग्ध बातों में पड़े है, तब वो निषिद्ध काम में पड़ जाये है। ई एक चरवाहे के तरह है जउन अपने आँगन के किनारे चरत है, ई डर से कि ओकर पशुधन वहिमा न घुस जाय। जान लीजिए हर राजा का एक मनाही होती है और अल्लाह का मनाही कुछ ऐसी चीज है जो मना है जानौ कि हर मनुष्य के शरीर मा मांस का एक गांठ होत है। अगर एक गांठ मांस अच्छा है, तौ पूरा शरीर अच्छा है, लेकिन अगर एक गांठ मांस क्षतिग्रस्त है, तौ पूरा शरीर क्षतिग्रस्त है। जान लीजिए कि खून का थक्का जिगर है'। अऊर हमसे कहिस है [अबू बकर बिन अबू स्याबा] हमसे [वाकी'] कहिस है। -दूसरे तरीका से ई बतावा गा है- हमसे कहिस है [इशाक बिन इब्राहिम] हमसे कहिस है [ईसा बिन यूनुस] उ कहिन; हमसे [जकारिया] का यहि तरह के सनाद के साथ बतावा है'। अऊर हमसे कहिन [इशाक बिन इब्राहिम] हमका [जरीर] [मुथरीफ] अऊर [अबू फरवाह अल हमदानी] से कहिन हैं। -एक अउर तरीका से ई कहा गा है- हमसे कहिन है [कुतैबा बिन सैद] हमसे कहिन है [याकूब] अर्थात् इब्न अब्दुर्रहमान अल कारी, [इब्नू अजलान] से [अब्दुर्रहमान बिन सैद] से सब कुछ [अस स्याबी] से [अन नुमान बिन बसीर] से पैगम्बर सल्लल्लाह वल्लाह वल्लाह अलैद के साथ केवल ई हल्लास, उनके हदीस से अधिक परिपूर्ण अऊर अधिक प्रचुर मात्रा मा है'। हमसे कहिन है [अब्दुल मलिक बिन स्यूआइब बिन लैट्स बिन सद] ने हमसे [मेरे पिता] से [मेरे दादा] ने हमसे कहा है [खालिद बिन यजीद] ने हमसे [सैद बिन अबू हिलाल] से ['औन बिन अब्दुल्ला] से [अमीर असी स्याबी] से कहा है कि उ एक बार [नु'बिनबिन बिन बाईर] समनी के एक साथी का सुना है पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जब हिमश इलाके में लोगन के सामने प्रचार करत रहे तो उन्होंने कहा कि 'मैंने एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम को कहते सुना है कि जो हलाल है वह साफ है और जो हराम है वह भी साफ...'। फिर उ अश स्याबी से जकारिया के हदीस का जिक्र किहिन, इ हद तक कि उ कहिन: 'डर है कि तुम वहिमा गिर जइहौ'।