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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Barangsiapa yang menjauhi diri dari yang syubhat berarti telah memelihara agamanya

Imam Bukhari : 50

حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا زَكَرِيَّاءُ عَنْ عَامِرٍ قَالَ سَمِعْتُ النُّعْمَانَ بْنَ بَشِيرٍ يَقُولُسَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ الْحَلَالُ بَيِّنٌ وَالْحَرَامُ بَيِّنٌ وَبَيْنَهُمَا مُشَبَّهَاتٌ لَا يَعْلَمُهَا كَثِيرٌ مِنْ النَّاسِ فَمَنْ اتَّقَى الْمُشَبَّهَاتِ اسْتَبْرَأَ لِدِينِهِ وَعِرْضِهِ وَمَنْ وَقَعَ فِي الشُّبُهَاتِ كَرَاعٍ يَرْعَى حَوْلَ الْحِمَى يُوشِكُ أَنْ يُوَاقِعَهُ أَلَا وَإِنَّ لِكُلِّ مَلِكٍ حِمًى أَلَا إِنَّ حِمَى اللَّهِ فِي أَرْضِهِ مَحَارِمُهُ أَلَا وَإِنَّ فِي الْجَسَدِ مُضْغَةً إِذَا صَلَحَتْ صَلَحَ الْجَسَدُ كُلُّهُ وَإِذَا فَسَدَتْ فَسَدَ الْجَسَدُ كُلُّهُ أَلَا وَهِيَ الْقَلْبُ

हमसे [अबू नुएम] बताइस है [जकरिया] [अमीर] के बारे मा बताइस है; हम [अन नुमान बिन बसीर] का कहत सुने रहेन; हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुने रहेन: 'जो हलाल है ऊ साफ अऊर जवन हराम है ऊ भी साफ है। हालांकि, दुइनौ के बीच एक संदिग्ध मामला है - अस्पष्ट - जेका बहुत लोग नाहीं जानत हैं। तौ जे संदिग्ध से दूरी बनावत है, ओकर मतलब है कि ऊ आपन धर्म अऊर आपन सम्मान बनाये रखे है। अऊर जे भी संदिग्ध चीजन मा गिरत है - करत है, ऊ सही मायने मा एक चरवाहा के तरह है जउन अपने पशुधन का एक चट्टान के किनारे चरावत है जेहिसे ओका डर है कि ऊ वहिमा गिर जाई। जानौ कि हर राजा के सीमा होत है, अऊर जानौ कि अल्लाह के अपनी धरती पर मनाही के सीमा उहै है जेका उ मना किहिन हैं। अऊर जानौ कि हर शरीर मा खून का थक्का होत है जउन अगर अच्छा है तौ शरीर अच्छा है अऊर अगर ई क्षतिग्रस्त है तौ शरीर क्षतिग्रस्त है। जानौ, ऊ हृदय है'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 17645, 17649, 17692
Imam Bukhari : 50, 1910
Imam Muslim : 2996
Imam Abu Dawud : 2892
Imam Tirmidzi : 1126
Imam Nasa'i : 4377, 5614
Imam Ibnu Majah : 2005, 3974