Yunus bin Matta di atas unta merah, rambutnya keriting, mengenakan pakaian bulu
Imam Muslim : 242
و حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ عَنْ دَاوُدَ عَنْ أَبِي الْعَالِيَةِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ سِرْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَ مَكَّةَ وَالْمَدِينَةِ فَمَرَرْنَا بِوَادٍ فَقَالَ أَيُّ وَادٍ هَذَا فَقَالُوا وَادِي الْأَزْرَقِ فَقَالَ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى مُوسَى صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَذَكَرَ مِنْ لَوْنِهِ وَشَعَرِهِ شَيْئًا لَمْ يَحْفَظْهُ دَاوُدُ وَاضِعًا إِصْبَعَيْهِ فِي أُذُنَيْهِ لَهُ جُؤَارٌ إِلَى اللَّهِ بِالتَّلْبِيَةِ مَارًّا بِهَذَا الْوَادِي قَالَ ثُمَّ سِرْنَا حَتَّى أَتَيْنَا عَلَى ثَنِيَّةٍ فَقَالَ أَيُّ ثَنِيَّةٍ هَذِهِ قَالُوا هَرْشَى أَوْ لِفْتٌ فَقَالَ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَى يُونُسَ عَلَى نَاقَةٍ حَمْرَاءَ عَلَيْهِ جُبَّةُ صُوفٍ خِطَامُ نَاقَتِهِ لِيفٌ خُلْبَةٌ مَارًّا بِهَذَا الْوَادِي مُلَبِّيًا
अऊर हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन अल-मुत्सना] हमसे [इब्न अबू आदी] [दाऊद] से [अबू अल-अलिया] से [इब्न अब्बास] से कहिन है, उ कहिन, 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम एक अल-अजराक घाटी से गुजरिन। ऊ पूछिस: 'ई घाटी का है? ' साथियन ने जवाब दिहिन, 'ई अल-अजराक के घाटी है'। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'मैं पैगम्बर मूसा अलैहि वसल्लम का देखत अहै'। फिर उ आपन त्वचा अऊर बालन के रंग का जिक्र किहिन - कुछ अइसन जवन दाऊद अलैहिस्सलाम का याद नाहीं रहा जब उ अपने कानन मा दुइ उंगली रखिन -, जे तालबिया के माध्यम से जोर से अल्लाह से भीख मांगत समय एक पहाड़ी से उतरत रहे। तब जब एक पहाड़ी पर पहुँचे तो पूछा : 'ई कौन पहाड़ी है ? ' साथियन ने जवाब दिहिन, 'बुकित हरस्या या लिफ्ट'। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'मानो हम यूनुस बिन मत्ता अलैहिसलाम का फर के कपड़ा अऊर ऊँट के लगाम से लैस एक मोटे लाल ऊँट पर सवार होइके तलबिया के स्थिति मा ई घाटी से गुजरत देखेन'।