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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Matahari berhenti di bawah Arsy, lalu sujud

Imam Muslim : 229

و حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَأَبُو كُرَيْبٍ وَاللَّفْظُ لَأَبِي كُرَيْبٍ قَالَا حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ إِبْرَاهِيمَ التَّيْمِيِّ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي ذَرٍّ قَالَ دَخَلْتُ الْمَسْجِدَ وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَالِسٌ فَلَمَّا غَابَتْ الشَّمْسُ قَالَ يَا أَبَا ذَرٍّ هَلْ تَدْرِي أَيْنَ تَذْهَبُ هَذِهِ قَالَ قُلْتُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ فَإِنَّهَا تَذْهَبُ فَتَسْتَأْذِنُ فِي السُّجُودِ فَيُؤْذَنُ لَهَا وَكَأَنَّهَا قَدْ قِيلَ لَهَا ارْجِعِي مِنْ حَيْثُ جِئْتِ فَتَطْلُعُ مِنْ مَغْرِبِهَا قَالَ ثُمَّ قَرَأَ فِي قِرَاءَةِ عَبْدِ اللَّهِ وَذَلِكَ مُسْتَقَرٌّ لَهَا

अऊर हमसे [अबू बकर बिन अबू स्याबा] अऊर [अबू कुरैब] अऊर लफाज़ अबू कुरैब से संबंधित है, दुइनौ कहिन, हमसे कहिन है [अबू मुआविया] हमका [अल-अमासी] से [इब्राहिम अत-ताइमी] से [अपने पिता] से [अबू ज़ार] से कहिन है, उ कहिन, जब इसुलुल्लाह मस्जिद मा घुसे, त अलैहि वसल्लम बैठे थे, फिर जब सूरज डूब गया तो बोले: 'हे अबू ज़ार, तुमको पता है कि यह सूरज कहाँ चला गया है? ' अबू ज़ार ने जवाब दिया, 'अल्लाह अऊर उनके रसूल बेहतर जानत हैं'। उ कहिन: 'उ गये, फिर सजदा करै के अनुमति माँगिन, अऊर ओनका सजदा करै के अनुमति मिली, मानो उनसे कहा गा रहा कि 'जिस रास्ता से आये रहेव, वहिसे वापस जा'। फिर ई पच्छिम से उठि गवा'। कथावाचक कहिन, 'फिर उ पढ़िन जइसे अब्दुल्ला पढ़िन, 'अऊर उहै सूरज के जगह है''।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 6586, 6864, 7791, 7952, 8092, 8244, 8494, 8495, 8807, 8910, 9376, 10229, 10439, 11500, 15555, 15557, 15558, 17399, 19450
Imam Bukhari : 4269, 4270, 6025
Imam Muslim : 226, 227, 228, 229, 5162, 5163, 5234
Imam Abu Dawud : 3756, 3757, 3758
Imam Tirmidzi : 2109, 2998
Imam Ibnu Majah : 4031, 4045, 4046, 4058, 4059, 4060