Munculnya Dajjal
Imam Bukhari : 4269
حَدَّثَنَا مُوسَى بْنُ إِسْمَاعِيلَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ حَدَّثَنَا عُمَارَةُ حَدَّثَنَا أَبُو زُرْعَةَ حَدَّثَنَا أَبُو هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَقُومُ السَّاعَةُ حَتَّى تَطْلُعَ الشَّمْسُ مِنْ مَغْرِبِهَا فَإِذَا رَآهَا النَّاسُ آمَنَ مَنْ عَلَيْهَا فَذَاكَ حِينَ{ لَا يَنْفَعُ نَفْسًا إِيمَانُهَا لَمْ تَكُنْ آمَنَتْ مِنْ قَبْلُ }
हमसे कहिस है [मूसा बिन इस्माइल] हमसे कहिस है [अब्दुल वाहिद] हमसे कहिस है [उमारा] हमसे कहिस है [अबू ज़ूरअह] हमसे कहिस है [अबू हुरैरा रदलियाल्लाहु अन्हू] उ कहिस; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब तक सूरज पश्चिम से नहीं उगता तब तक दुनिया का अंत नहीं होगा। जब सूरज उगा अऊर लोग देखिन, तौ सब तुरंत विश्वास किहिन। यही अल्लाह के वचन का मतलब है: जेहि दिन आयत - चिन्ह - आपके प्रभु से आवत है, तौ ई अपने आप मा एक मनई के विश्वास के लिए फायदेमंद नाहीं होई, जे पहिले विश्वास नाहीं किहिस है, या उ - अपने विश्वास के अवधि के दौरान - अच्छाई के कोशिश नाहीं किहिस है। -अल अनाम 158-।