Sumpah palsu bermaksud ambil harta orang muslim, dia durhaka
Imam Muslim : 199
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَهَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ وَأَبُو عَاصِمٍ الْحَنَفِيُّ وَاللَّفْظُ لِقُتَيْبَةَ قَالُوا حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ وَائِلٍ عَنْ أَبِيهِ قَالَ جَاءَ رَجُلٌ مِنْ حَضْرَمَوْتَ وَرَجُلٌ مِنْ كِنْدَةَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ الْحَضْرَمِيُّ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ هَذَا قَدْ غَلَبَنِي عَلَى أَرْضٍ لِي كَانَتْ لِأَبِي فَقَالَ الْكِنْدِيُّ هِيَ أَرْضِي فِي يَدِي أَزْرَعُهَا لَيْسَ لَهُ فِيهَا حَقٌّ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لِلْحَضْرَمِيِّ أَلَكَ بَيِّنَةٌ قَالَ لَا قَالَ فَلَكَ يَمِينُهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ الرَّجُلَ فَاجِرٌ لَا يُبَالِي عَلَى مَا حَلَفَ عَلَيْهِ وَلَيْسَ يَتَوَرَّعُ مِنْ شَيْءٍ فَقَالَ لَيْسَ لَكَ مِنْهُ إِلَّا ذَلِكَ فَانْطَلَقَ لِيَحْلِفَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمَّا أَدْبَرَ أَمَا لَئِنْ حَلَفَ عَلَى مَالِهِ لِيَأْكُلَهُ ظُلْمًا لَيَلْقَيَنَّ اللَّهَ وَهُوَ عَنْهُ مُعْرِضٌ
हमका [कुतैबा बिन सैद] अऊर [अबू बकर बिन अबू स्याबा] अऊर [हन्नाद बिन अस-सरी] अऊर [अबू अशिम अल-हनफी] से कहिन है, जबकि ई हदीस के लफाज कुतैबा से संबंधित है, उई कहत हैं, हमका [अबू अल-अह्वाश] से [अल-अल-अह्वाश] से [अल-अल-बिन] से फैदर से [अल-बिन] फैल ने कहा है। हदलरमौत अऊर किन्दाह से एक आदमी पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के पास आए, फिर हदलरमौत से व्यक्ति ने कहा, 'हे अल्लाह के रसूल, वास्तव में ई व्यक्ति ने मोर भूमि पर मोका हरा दिहिस है जवन पहिले मोर पिता के रही'। तौ किंडी कहिन, 'वह मोर जमीन है जउन मोर हाथ मा है, अऊर मैं वहिके खेती किहे हौं, यहै कारन वहिके ऊपर वहिके कउनौ अधिकार नाहीं है'। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तब हजरमी लोगन से पूछिन: 'का आपके पास सबूत है? ' उ जवाब दिहिन, 'नहीं'। उ कहिन: 'तुमका ओकरे प्रतिद्वंद्वी के शपथ मिली'। हदलरमौत के आदमी ने भी कहा, 'हे अल्लाह के रसूल, सचमुच एक आज्ञाकारी आदमी अपनी कसम पर ध्यान नहीं देगा, वह कसी भी चीज से डर नहीं पाएगा'। त उ कहिन: 'तुम ओसे ओकर शपथ के अलावा कुछौ नाहीं पावत हौ'। जब किंडी का मनई कसम खावै वाला रहा, तौ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: "जानौ, अगर उ आपन संपत्ति का नाजायज रूप से नियंत्रित करै के कसम खाई, तौ उ अल्लाह से अइसन हालत मा मिलिहै जहाँ अल्लाह ओसे नाराज है।"
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 3395, 3416, 3844, 3995, 17055, 17057, 19409, 19411, 20835, 20839, 20840, 20841, 20842, 20846
Imam Bukhari : 2185, 2186, 2196, 2239, 2332, 2472, 2474, 2476, 2477, 2480, 4185, 6167, 6183, 6647, 6672, 6891, 6892
Imam Muslim : 196, 197, 198, 199, 200
Imam Abu Dawud : 2822
Imam Tirmidzi : 1190, 2922
Imam Ibnu Majah : 2314, 2315, 2316, 2317