Sumpah palsu bermaksud ambil harta orang muslim, dia durhaka
Imam Bukhari : 2185
حَدَّثَنَا عَبْدَانُ عَنْ أَبِي حَمْزَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ شَقِيقٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ حَلَفَ عَلَى يَمِينٍ يَقْتَطِعُ بِهَا مَالَ امْرِئٍ مُسْلِمٍ هُوَ عَلَيْهَا فَاجِرٌ لَقِيَ اللَّهَ وَهُوَ عَلَيْهِ غَضْبَانُ فَأَنْزَلَ اللَّهُ تَعَالَى{ إِنَّ الَّذِينَ يَشْتَرُونَ بِعَهْدِ اللَّهِ وَأَيْمَانِهِمْ ثَمَنًا قَلِيلًا }الْآيَةَفَجَاءَ الْأَشْعَثُ فَقَالَ مَا حَدَّثَكُمْ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ فِيَّ أُنْزِلَتْ هَذِهِ الْآيَةُ كَانَتْ لِي بِئْرٌ فِي أَرْضِ ابْنِ عَمٍّ لِي فَقَالَ لِي شُهُودَكَ قُلْتُ مَا لِي شُهُودٌ قَالَ فَيَمِينُهُ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِذًا يَحْلِفَ فَذَكَرَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هَذَا الْحَدِيثَ فَأَنْزَلَ اللَّهُ ذَلِكَ تَصْدِيقًا لَهُ
हमका बतावा गा है ['अब्दान] से [अबू हमजा] से [अल अमासी] से [स्याक] से [अब्दुल्लाह रदलीअल्लाहु अन्हू] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'जे आपन कसम से कसम खात है उ मुसलमान के संपत्ति लेय का इरादा रखत है तौ उ अल्लाह करिस है अऊर अल्लाह के साथ वजह देई'। ओका'। तो अल्लाह का वचन QS आलू 'इमरान आयत 77 में उतरा जिसका अर्थ है -'वास्तव में जो लोग अल्लाह से अपना वादा और अपनी कसम का थोड़े से दाम पर अदला-बदली करत...'-। त [अल अस्यात] आवा अऊर कहिस; 'अबू अब्दुर्रहमान ने इस आयत के प्रकट होवे के बारे में आपसे का कहा? चाचा के लड़का के हिंया कुंआ होत रहै। ऊ मोसे कहिस: 'तुम जउन कहे हौ, ओकर गवाह कौन अहै?' हम जवाब दिहेन: 'मोरे पास कौनो गवाह नाहीं है'। उ कहिन: 'तब ओका कसम खावै का परी'। हम कहेन: 'हे अल्लाह के रसूल, तब उ निश्चित रूप से कसम खाई'। तौ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने ई हदीस का जिक्र किहिन अऊर फिर ई आयत का औचित्य के रूप मा प्रकट कीन गा।
Hadith Corroboration :
Imam Ahmad : 3395, 3416, 3844, 3995, 17055, 17057, 19409, 19411, 20835, 20839, 20840, 20841, 20842, 20846
Imam Bukhari : 2185, 2186, 2196, 2239, 2332, 2472, 2474, 2476, 2477, 2480, 4185, 6167, 6183, 6647, 6672, 6891, 6892
Imam Muslim : 196, 197, 198, 199, 200
Imam Abu Dawud : 2822
Imam Tirmidzi : 1190, 2922
Imam Ibnu Majah : 2314, 2315, 2316, 2317