Asy Syahid
Imam Bukhari : 4260
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ كَثِيرٍ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ حَدَّثَنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ النُّعْمَانِ قَالَ حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍعَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّكُمْ مَحْشُورُونَ وَإِنَّ نَاسًا يُؤْخَذُ بِهِمْ ذَاتَ الشِّمَالِ فَأَقُولُ كَمَا قَالَ الْعَبْدُ الصَّالِحُ{ وَكُنْتُ عَلَيْهِمْ شَهِيدًا مَا دُمْتُ فِيهِمْ إِلَى قَوْلِهِ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ }
हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन काथिर] हमसे कहिस है [सुफयान] हमसे कहिस है [अल मुघिराह बिन अन नुमान] उ कहिन; मोका बतावा गा है कि [सैद बिन जुबैर] [इब्न अब्बास] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहिन: 'वास्तव मा आप क़ामत के दिन इकट्ठा होइहैं, अऊर वाकई कुछ लोग हैं जे बाईं ओर खींचा जइहैं। त हम कहेन जइसे एक धर्मी सेवक कहिन: 'जब हम ओनके साथे रहेन तब हम ओनके गवाह रहेन लेकिन जब तुम हमसे गुजर गयेन, त तुम ओनके देखरेख करे वाले रहेव अऊर तुम सब कुछ के गवाह रहेव'। -अल माइदाह: 117-118-।