Dikumpulkan telanjang dan tidak dikhitan. firman AL-ANBIYA' ayat 104
Imam Bukhari : 4259
حَدَّثَنَا أَبُو الْوَلِيدِ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ أَخْبَرَنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ النُّعْمَانِ قَالَ سَمِعْتُ سَعِيدَ بْنَ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَخَطَبَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّكُمْ مَحْشُورُونَ إِلَى اللَّهِ حُفَاةً عُرَاةً غُرْلًا ثُمَّ قَالَ{ كَمَا بَدَأْنَا أَوَّلَ خَلْقٍ نُعِيدُهُ وَعْدًا عَلَيْنَا إِنَّا كُنَّا فَاعِلِينَ }إِلَى آخِرِ الْآيَةِ ثُمَّ قَالَ أَلَا وَإِنَّ أَوَّلَ الْخَلَائِقِ يُكْسَى يَوْمَ الْقِيَامَةِ إِبْرَاهِيمُ أَلَا وَإِنَّهُ يُجَاءُ بِرِجَالٍ مِنْ أُمَّتِي فَيُؤْخَذُ بِهِمْ ذَاتَ الشِّمَالِ فَأَقُولُ يَا رَبِّ أُصَيْحَابِي فَيُقَالُ إِنَّكَ لَا تَدْرِي مَا أَحْدَثُوا بَعْدَكَ فَأَقُولُ كَمَا قَالَ الْعَبْدُ الصَّالِحُ{ وَكُنْتُ عَلَيْهِمْ شَهِيدًا مَا دُمْتُ فِيهِمْ فَلَمَّا تَوَفَّيْتَنِي كُنْتَ أَنْتَ الرَّقِيبَ عَلَيْهِمْ وَأَنْتَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ شَهِيدٌ }فَيُقَالُ إِنَّ هَؤُلَاءِ لَمْ يَزَالُوا مُرْتَدِّينَ عَلَى أَعْقَابِهِمْ مُنْذُ فَارَقْتَهُمْ
हमसे कहिस है [अबू अल वालिद] हमसे कहिस है [स्युबाह] हमसे कहिस है [अल मुघिराह बिन अन नुमान] उ कहिन; हम [सैद बिन जुबैर] का [इब्नू अब्बास रदलियाल्लाहु अन्हुमा] से सुनेन, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने उपदेश में कहा: 'हे सब मनुष्य, वास्तव में तुम अल्लाह के पास नंगे पांव, नंगे अऊर चमड़ी -अखतना- के साथ इकट्ठा भए हौ। फिर उ कहिन: 'जइसे हम पहिली सृष्टि शुरू किहे हई, वइसे ही हम ओका दोहराब।' ई एक वादा है जेका हम निश्चित रूप से निभाइब; सचमुच, ई हम हई जे ईका अंजाम देब'। -अल अनबिया`: 104- जानौ कि क़यामत के दिन कपड़ा पहिनावै वाला पहिला प्राणी इब्राहिम अलैहि सलाम है। जानौ कि, सचमुच, मोर उम्मत से कुछ लोग लावा जइहैं अऊर ओनका बाईं ओर लइ जाइहैं, मैं कहब: 'हे रब्ब, मोर दोस्त'। ई कहा गा रहा: 'वास्तव मा तुम नाहीं जानत हौ कि तुमरे मरय के बाद उइ का किहिन'। तब मैंने कहा जैसे एक धर्मी सेवक ने कहा: 'जब मैं उनके साथ रहा तब मैं उनके गवाह रहा लेकिन जब तुम मुझसे गुजर गए, तो तुम ही उनकी देखभाल कर रहे थे और तुम सब कुछ के गवाह हो'। -अल मा'इदाह: 117-118- फिर जवाब दिहिन: जब से तुम ओनका छोड़ि दिहा है, तब से उ हमेशा वापस चले गें हैं - धर्मत्याग होइ गें हैं'।