Orang yang pertama kali diberikan pakaian pada hari qiyamat adalah nabi ibrahim 'alaihissalam
Imam Bukhari : 3191
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الْمُغِيرَةِ بْنِ النُّعْمَانِ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ تُحْشَرُونَ حُفَاةً عُرَاةً غُرْلًا ثُمَّ قَرَأَ { كَمَا بَدَأْنَا أَوَّلَ خَلْقٍ نُعِيدُهُ وَعْدًا عَلَيْنَا إِنَّا كُنَّا فَاعِلِينَ } فَأَوَّلُ مَنْ يُكْسَى إِبْرَاهِيمُ ثُمَّ يُؤْخَذُ بِرِجَالٍ مِنْ أَصْحَابِي ذَاتَ الْيَمِينِ وَذَاتَ الشِّمَالِ فَأَقُولُ أَصْحَابِي فَيُقَالُ إِنَّهُمْ لَمْ يَزَالُوا مُرْتَدِّينَ عَلَى أَعْقَابِهِمْ مُنْذُ فَارَقْتَهُمْ فَأَقُولُ كَمَا قَالَ الْعَبْدُ الصَّالِحُ عِيسَى ابْنُ مَرْيَمَ { وَكُنْتُ عَلَيْهِمْ شَهِيدًا مَا دُمْتُ فِيهِمْ فَلَمَّا تَوَفَّيْتَنِي كُنْتَ أَنْتَ الرَّقِيبَ عَلَيْهِمْ وَأَنْتَ عَلَى كُلِّ شَيْءٍ شَهِيدٌ إِنْ تُعَذِّبْهُمْ فَإِنَّهُمْ عِبَادُكَ وَإِنْ تَغْفِرْ لَهُمْ فَإِنَّكَ أَنْتَ الْعَزِيزُ الْحَكِيمُ } قَالَ مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ الْفَرَبْرِيُّ ذُكِرَ عَنْ أَبِي عَبْدِ اللَّهِ عَنْ قَبِيصَةَ قَالَ هُمْ الْمُرْتَدُّونَ الَّذِينَ ارْتَدُّوا عَلَى عَهْدِ أَبِي بَكْرٍ فَقَاتَلَهُمْ أَبُو بَكْرٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन यूसुफ] हमसे [सुफयान] [अल मुघिराह बिन अन-नुमान] से [सैद बिन जुबैर] से [इब्नू अब्बास रदलियाल्लाहु अन्हू] से कहिन हैं; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "वास्तव मा, तुम इकट्ठा होइहौ - कियामत के दिन - नंगा अऊर खतना नाहीं।" फिर उन्होंने अल्लाह QS अल-अनबिया का वचन पढ़ा' आयत 104 जेकर मतलब है -'जइसे हमने पहली सृष्टि शुरू की है, वैसे ही हम दोहराएंगे। ई हमरे तरफ से एक निश्चित वादा है। सचमुच हम ही हैं जो इसे अंजाम देंगे'-। अऊर क़ियामत के दिन कपड़ा दीन जाय वाला पहिला व्यक्ति पैगम्बर इब्राहिम अलैहिस का नमस्कार रहा। फिर मोर दोस्तन से लोगन के टोली रही जेका दायें बायें से लीन जात रहा अऊर फिर मैं कहत रहौं: 'वह मोर दोस्त है'। तौ ई मोका बतावा गा रहा: 'वास्तव मा उइ धर्मत्यागी होइ गए हैं - इस्लाम छोड़ दिहिन - तोहरे मरय के बाद'। मैं केवल इहे कह सकत हउँ जइसे कि धर्मी सेवक ने कहा, 'ईसा बिन मरियम अलैहिस सलाम: -'अऊर जब मैं ओनके साथ रहा तब तक मैं ओनके गवाह रहा। लेकिन जब तुम मोका छोड़ि दिहेव, तब तुम ओनके देखभाल करत रहेव अऊर तुम सब कुछ के गवाह रहेव। अगर आप ओनका यातना देत हई त उ आपके सेवक हैं अऊर अगर आप ओनका माफ करत हई, त आप सचमुच परम शक्तिशाली, परम बुद्धिमान हई'-। -क्यूएस अल-मैदा श्लोक 117 - 118-। मुहम्मद बिन यूसुफ अल फराबरी ने कहा: 'इ बतावा जात है कि कबीशाह से अबू अब्दुल्ला कहिन: 'इहाँ धर्मत्यागी लोग हैं जे धर्मत्याग किहिन - इस्लाम छोड़ दिहिन काहे से कि उ जकात देय से मना कइ दिहिन - खलीफा अबू बकर के समय अऊर फिर अबू बकर रदलियाल्लाहू अन्हू ओनका चेतावनी दिहिन।'