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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



"Bakarlah jasadku, debunya buang ke angin"

Imam Bukhari : 3222

حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا هِشَامٌ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ الزُّهْرِيِّ عَنْ حُمَيْدِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ كَانَ رَجُلٌ يُسْرِفُ عَلَى نَفْسِهِ فَلَمَّا حَضَرَهُ الْمَوْتُ قَالَ لِبَنِيهِ إِذَا أَنَا مُتُّ فَأَحْرِقُونِي ثُمَّ اطْحَنُونِي ثُمَّ ذَرُّونِي فِي الرِّيحِ فَوَاللَّهِ لَئِنْ قَدَرَ عَلَيَّ رَبِّي لَيُعَذِّبَنِّي عَذَابًا مَا عَذَّبَهُ أَحَدًا فَلَمَّا مَاتَ فُعِلَ بِهِ ذَلِكَ فَأَمَرَ اللَّهُ الْأَرْضَ فَقَالَ اجْمَعِي مَا فِيكِ مِنْهُ فَفَعَلَتْ فَإِذَا هُوَ قَائِمٌ فَقَالَ مَا حَمَلَكَ عَلَى مَا صَنَعْتَ قَالَ يَا رَبِّ خَشْيَتُكَ فَغَفَرَ لَهُ وَقَالَ غَيْرُهُ مَخَافَتُكَ يَا رَبِّ

हमसे कहिन है [अब्दुल्लाह बिन मुहम्मद] हमसे कहिन है [हिस्याम] हमसे [मैमर] से [अज़ जुहरिया] से [हुमैद बिन अब्दुर रहमान] से [अबू हुरैरा रदलियाल्लाहु अन्हू] से पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'कोई है जो अपने कई पापों को पार करत है - जब ओकर मउत नजदीक होत है तौ ऊ अपने बच्चन से कहत है; 'अगर मैं मर जात हउँ, तौ मोर शरीर का जलावा फिर ओका पीस के धूल बनावा अऊर फिर ओका हवा मा उड़ावा। अल्लाह के कसम, अगर मोर रब्ब फरमान जारी करत तौ मैं निश्चित रूप से एक अइसन यातना से सताया जात जेका केहू न देई। जब मनई मर जात रहा, तौ ओकरे आदेशन का पालन कीन जात रहा। तब अल्लाह ने धरती को आदेश दिया कि 'तुम्हारे पास जो है इकट्ठा करो'। तौ धरती अल्लाह के हुकुम का निभाइस अऊर ऊ आदमी सामना कइके खड़ा होइगा, तब अल्लाह ताआला ओसे पूछिस: 'तुमका अइसन करै का का प्रेरित किहिस?'। उ व्यक्ति जवाब दिहिस: 'हे रब्ब, काहे से कि हम तोहसे डरत हई'। अल्लाह तआला ने भी उन्हें माफ कर दिया'। अऊर एक अउर कथाकार कहिन; 'तुम्हारे डर से, हे रब्ब'। -खासिया शब्द के स्थान पर खौफ शब्द का प्रयोग-।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 15, 3597, 7327, 7697, 10674, 10704, 11237, 11312, 19160, 19161, 19171, 19184, 19189, 22169
Imam Bukhari : 3219, 3220, 3222, 5999, 6000, 6952, 6954
Imam Muslim : 4949, 4950, 4952
Imam Ibnu Majah : 4245
Imam Malik : 506