Orang yang tidak pernah melakukan kebaikan kecuali tauhid akan diampuni
Imam Ahmad : 10674
حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ حَدَّثَنَا شَيْبَانُ أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا فِرَاسُ بْنُ يَحْيَى الْهَمْدَانِيُّ عَنْ عَطِيَّةَ الْعَوْفِيِّ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَقَدْ دَخَلَ رَجُلٌ الْجَنَّةَ مَا عَمِلَ خَيْرًا قَطُّ قَالَ لِأَهْلِهِ حِينَ حَضَرَهُ الْمَوْتُ إِذَا أَنَا مِتُّ فَأَحْرِقُونِي ثُمَّ اسْحَقُونِي ثُمَّ اذْرُوا نِصْفِي فِي الْبَحْرِ وَنِصْفِي فِي الْبَرِّ فَأَمَرَ اللَّهُ الْبَرَّ وَالْبَحْرَ فَجَمَعَاهُ ثُمَّ قَالَ مَا حَمَلَكَ عَلَى مَا صَنَعْتَ قَالَ مَخَافَتُكَ قَالَ فَغَفَرَ لَهُ بِذَلِكَ
हमका बतावा गा है [मुआविया बिन हिशम] कहिन; हमसे कहिन है [स्याबान अबू मुआविया] कहिन; हमसे [फिरस बिन याह्या अल हमदानी] से ['अथिया अल औफी] से [अबू सईद अल खुदरी] ने कहा है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'वास्तव में एक आदमी स्वर्ग में प्रवेश कर चुका है और उसने कभी जरा भी अच्छा काम नहीं किया है, जब वह मरने वाला था तो उसने अपने परिवार से कहा; 'अगर मैं मर जाउँ तौ मोका जलावा, फिर मोका नष्ट करा, वहिके बाद मोर कुछ राख समुद्र मा अऊर दूसर हिस्सा जमीन मा फेंक द्या'। त अल्लाह ने समुद्र अऊर जमीन का आपन धूल इकट्ठा करै का हुकुम दिहिस, फिर उ कहिन; 'तुमका अइसन करै के कारन का रहा? ' उ जवाब दिहिस; 'काहे से कि हम तोहसे डरत रहेन,' उ कहिन: 'अल्लाह तब ओका माफ कइ दिहिन'।