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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Tafsir An-Nisa (4): 123 bahwa setiap balasan kejahatan/keburukan akan dibalas, termasuk berupa cobaan/sakit di dunia

Imam Tirmidzi : 2965

حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ مُوسَى وَعَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ قَالَا حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ عَنْ مُوسَى بْنِ عُبَيْدَةَ أَخْبَرَنِي مَوْلَى ابْنِ سِبَاعٍ قَال سَمِعْتُ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ عُمَرَ يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ قَالَ كُنْتُ عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأُنْزِلَتْ عَلَيْهِ هَذِهِ الْآيَةَ { مَنْ يَعْمَلْ سُوءًا يُجْزَ بِهِ وَلَا يَجِدْ لَهُ مِنْ دُونِ اللَّهِ وَلِيًّا وَلَا نَصِيرًا } فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا أَبَا بَكْرٍ أَلَا أُقْرِئُكَ آيَةً أُنْزِلَتْ عَلَيَّ قُلْتُ بَلَى يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ فَأَقْرَأَنِيهَا فَلَا أَعْلَمُ إِلَّا أَنِّي قَدْ كُنْتُ وَجَدْتُ انْقِصَامًا فِي ظَهْرِي فَتَمَطَّأْتُ لَهَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَا شَأْنُكَ يَا أَبَا بَكْرٍ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ بِأَبِي أَنْتَ وَأُمِّي وَأَيُّنَا لَمْ يَعْمَلْ سُوءًا وَإِنَّا لَمُجْزَوْنَ بِمَا عَمِلْنَا فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَّا أَنْتَ يَا أَبَا بَكْرٍ وَالْمُؤْمِنُونَ فَتُجْزَوْنَ بِذَلِكَ فِي الدُّنْيَا حَتَّى تَلْقَوْا اللَّهَ وَلَيْسَ لَكُمْ ذُنُوبٌ وَأَمَّا الْآخَرُونَ فَيُجْمَعُ ذَلِكَ لَهُمْ حَتَّى يُجْزَوْا بِهِ يَوْمَ الْقِيَامَةِ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ غَرِيبٌ وَفِي إِسْنَادِهِ مَقَالٌ وَمُوسَى بْنُ عُبَيْدَةَ يُضَعَّفُ فِي الْحَدِيثِ ضَعَّفَهُ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ وَأَحْمَدُ بْنُ حَنْبَلٍ وَمَوْلَى ابْنِ سِبَاعٍ مَجْهُولٌ وَقَدْ رُوِيَ هَذَا الْحَدِيثُ مِنْ غَيْرِ هَذَا الْوَجْهِ عَنْ أَبِي بَكْرٍ وَلَيْسَ لَهُ إِسْنَادٌ صَحِيحٌ أَيْضًا وَفِي الْبَاب عَنْ عَائِشَةَ

हमका बतावा गा है कि [यह्या बिन मूसा] अऊर ['अब्द बिन हुमैद] दुइनौ कहिन; हमका [रौह बिन उबैदा] से [मूसा बिन उबैदा] बताइस है [पूर्व दास इब्न सिबा] कहिन; हम [अब्दुल्लाह बिन उमर] का [अबू बकर ऐश शिद्दीक] से कहत सुने रहेन कि उ कहिन; 'जब मैं पैगम्बर सल्लल्लाहु अलाहि वसल्लम के साथ रहा, तब आयत उतरी; जे बुराई करत है, ओका निश्चित रूप से उ बुराई से बदला मिली अऊर अल्लाह के अलावा ओकरे लिए ओकरे लिए कौनो रक्षक या सहायक नाहीं होई। हम जवाब दिहेन; 'बिलकुल, हे रसुल्लुल्लाह'। फिर उ पढ़िन, बिना एहसास किहे मैं झुक गय - झुक गय - यहिके कारण, फिर उ पूछिन: 'हे अबू बकर, तोहरे साथ का बात है?' हम जवाब दिहेन; 'हे अल्लाह के रसूल, मैं अपने पिता अऊर महतारी से ज्यादा आपका सम्मान करत हउँ, जे हमरे बीच से कभी दोषी नाहीं हैं, अऊर निश्चित रूप से ओनके द्वारा कीन गए कामन के लिए इनाम मिली'। उ कहिन: 'हे अबू बकर, रही बात तोहरे अऊर दूसर मुमिनन के, तोहका ई दुनिया मा केवल इनाम मिली, जब तक कि जब तू अल्लाह से नाहीं मिलब, तब तक तू पाप से शुद्ध होइ जाब। जहाँ तक दूसरन के बात है - जे काफिर करत हैं - ओनके सब पाप वसूल कीन जइहैं अऊर पुनरुत्थान के दिन चुकावा जइहैं।' अबू ईसा ने कहा कि यह हदीस गरीब है। अऊर ई हदीस के सनाद के आलोचना करै के जरूरत है, काहे से कि मूसा बिन उबैदा हदीस के मामले मा कमजोर हैं, याया बिन सैद अऊर अहमद बिन हमबल ने ईका कमजोर कर दिहिन है, जबकि पूर्व दास इब्न सिबा मझुल -अज्ञात-, अऊर ई हदीस भी ई मार्ग से अलग है, अबू के सनद से, लेकिन ई हदीस के भी नाहीं है। प्रामाणिक है, अऊर यहि अध्याय मा, ऐसियाह से एक हदीस है।

Hadith Corroboration :


Imam Ahmad : 7081
Imam Muslim : 4671, 4672
Imam Tirmidzi : 2964, 2965