Tafsir An-Nisa (4): 123 bahwa setiap balasan kejahatan/keburukan akan dibalas, termasuk berupa cobaan/sakit di dunia
Imam Tirmidzi : 2964
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى بْنِ أَبِي عُمَرَ وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ أَبِي زِيَادٍ الْمَعْنَى وَاحِدٌ قَالَا حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ عَنْ ابْنِ مُحَيْصِنٍ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ قَيْسِ بْنِ مَخْرَمَةَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ لَمَّا نَزَلَ { مَنْ يَعْمَلْ سُوءًا يُجْزَ بِهِ } شَقَّ ذَلِكَ عَلَى الْمُسْلِمِينَ فَشَكَوْا ذَلِكَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ قَارِبُوا وَسَدِّدُوا وَفِي كُلِّ مَا يُصِيبُ الْمُؤْمِنَ كَفَّارَةٌ حَتَّى الشَّوْكَةَ يُشَاكُهَا أَوْ النَّكْبَةَ يُنْكَبُهَا ابْنُ مُحَيْصِنٍ هُوَ عُمَرُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مُحَيْصِنٍ قَالَ أَبُو عِيسَى هَذَا حَدِيثٌ حَسَنٌ غَرِيبٌ
हमका [मुहम्मद बिन यह्या बिन अबू उमर] अऊर [अब्दुल्ला बिन अबू जिनाद] का एकै अर्थ से बताय के, दुइनौ जने कहिन; हमका [सुफयान बिन उयैना] से [इब्न मुहैशिन] से [मुहम्मद बिन कैस बिन मखरमह] से [अबू हुरैराह] से कहिन है; 'जब उतरे, जे बुराई करी, ओका उ बुराई से जरूर बदला मिली।' QS अन-निसा`: 123, मुसलमानन का यहि पर आपत्ति महसूस भै, यहिसे उइ पैगम्बर से शिकायत किहिन, उ कहिन: 'निष्पक्ष काम करा अऊर सीधा काम करा, काहे से कि हर -विपदा- जवन एक आस्तिक पर आवत है, उ एक मोक्ष होई -उनके पापन के लिए-, भले ही उ एक हजार या दुर्भाग्य से चुभ जात है जवन ओका आवत है। इब्न मुहैशिन उमर बिन अब्दुर्रहमान बिन मुहैशिन हैं। अबू ईसा कहिन; यह हदीस हसन गरीब है।