Rasulullah menjadikan pembebasan budak (kemerdekaan) sebagai mahar pernikahan
Imam Darimi : 2145
أَخْبَرَنَا أَبُو النُّعْمَانِ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ أَنَسٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَعْتَقَ صَفِيَّةَ وَتَزَوَّجَهَا وَجَعَلَ عِتْقَهَا صَدَاقَهَا
हमरा सब के रिपोर्ट छै [अबू अन नु’मान] न॑ हमरा [अबू अवानाह] क॑ [कतादह] स॑ [अनस] स॑ बतैन॑ छै कि अल्लाह केरऽ रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम न॑ शफिया क॑ मुक्त करी क॑ ओकरा अपनऽ दहेज के रूप म॑ रिहा करी देलकै’ ।