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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)
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Imam Darimi (الامام الدارمي) - 3469 Hadith

Hadith

Imam Darimi : 1

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي وَائِلٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ جَاءَ رَجُلٌ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَيُؤَاخَذُ الرَّجُلُ بِمَا عَمِلَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ قَالَ مَنْ أَحْسَنَ فِي الْإِسْلَامِ لَمْ يُؤَاخَذْ بِمَا كَانَ عَمِلَ فِي الْجَاهِلِيَّةِ وَمَنْ أَسَاءَ فِي الْإِسْلَامِ أُخِذَ بِالْأَوَّلِ وَالْآخِرِ

हमरा सब के [मुहम्मद बिन यूसुफ] के [सुफयान] स [अल अ'मासी] स [अबू व`इल] स [अब्दुल्लाह] स कहला के बाद, ओ कहलनि; एक आदमी अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आबि क कहलक: हे रसूलुल्लाह, की ककरो अज्ञानता के अवधि में कयल गेल बुरा काज के सजा भेटत? रसूलुल्लाह उत्तर देलनि : जे कियो अपन इस्लामी काल मे नीक व्यवहार केलक, ओकरा अज्ञानताक काल मे ओकर खराब काजक सजा नहि भेटैत छलैक, मुदा जे कियो अपन इस्लामी काल मे खराब - दुष्ट - व्यवहार केलक, ओकरा -अपन पापक लेल- सजा भेटैत छलैक- चाहे ओ भूत हो वा भविष्य।

Hadith

Imam Darimi : 2

أَخْبَرَنَا الْوَلِيدُ بْنُ النَّضْرِ الرَّمْلِيُّ عَنْ مَسَرَّةَ بْنِ مَعْبَدٍ مِنْ بَنِي الْحَارِثِ بْنِ أَبِي الْحَرَامِ مِنْ لَخْمٍ عَنْ الْوَضِينِ أَنَّ رَجُلًا أَتَى النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّا كُنَّا أَهْلَ جَاهِلِيَّةٍ وَعِبَادَةِ أَوْثَانٍ فَكُنَّا نَقْتُلُ الْأَوْلَادَ وَكَانَتْ عِنْدِي ابْنَةٌ لِي فَلَمَّا أَجَابَتْ وَكَانَتْ مَسْرُورَةً بِدُعَائِي إِذَا دَعَوْتُهَا فَدَعَوْتُهَا يَوْمًا فَاتَّبَعَتْنِي فَمَرَرْتُ حَتَّى أَتَيْتُ بِئْرًا مِنْ أَهْلِي غَيْرَ بَعِيدٍ فَأَخَذْتُ بِيَدِهَا فَرَدَّيْتُ بِهَا فِي الْبِئْرِ وَكَانَ آخِرَ عَهْدِي بِهَا أَنْ تَقُولَ يَا أَبَتَاهُ يَا أَبَتَاهُ فَبَكَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى وَكَفَ دَمْعُ عَيْنَيْهِ فَقَالَ لَهُ رَجُلٌ مِنْ جُلَسَاءِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَحْزَنْتَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَهُ كُفَّ فَإِنَّهُ يَسْأَلُ عَمَّا أَهَمَّهُ ثُمَّ قَالَ لَهُ أَعِدْ عَلَيَّ حَدِيثَكَ فَأَعَادَهُ فَبَكَى حَتَّى وَكَفَ الدَّمْعُ مِنْ عَيْنَيْهِ عَلَى لِحْيَتِهِ ثُمَّ قَالَ لَهُ إِنَّ اللَّهَ قَدْ وَضَعَ عَنْ الْجَاهِلِيَّةِ مَا عَمِلُوا فَاسْتَأْنِفْ عَمَلَكَ

हमरा सब के [अल वलीद बिन अन नडलर अर रामली] के [मसराह बिन म'बाद] स - बनी अल हरिथ बिन अबू अल हरम स लखमीन स - [अल वदलीन] स रिपोर्ट आयल अछि जे एकटा आदमी पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आबि कहलक: हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम सब पहिने एकटा अज्ञानी लोक छलहुं जे मूर्ति के पूजा करैत छलहुं आ हम सब अपन बच्चा के मारैत छलहुं, ओहि समय हमरा सब के बच्चा छल जे हम हुनका फोन करबा काल खुश छलाह। एक दिन हम हुनका फोन केलियनि त ओ तुरंत जवाब देलनि आ हमरा पाछू-पाछू चलि गेलाह। जखन हम एकटा पारिवारिक इनार पर पहुँचलहुँ त तुरंत हुनकर हाथ पकड़ि इनार मे फेकि देलियनि, हुनका संग हमर समय एतबे समाप्त भ गेल। ओ बजौलनि 'हे हमर पिता, हे हमर पिता।' ' अल्लाह के रसूलुल्लाह ताबत धरि कानैत रहलाह जाबत धरि हुनकर नोर नहि बहलनि । तखन कियो जे रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग बैसल छल, ओहि आदमी के कहलक: अहाँ रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के दुखी क देलहुं अछि। रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओहि आदमी स कहलथिन: ओकरा एहि लेल होउ जे ओ कोनो महत्वपूर्ण बात क बारे मे पूछि रहल छल जेकर सामना ओकरा भ रहल छल, तखन रसूलुल्लाह ओहि आदमी स कहलथि: फेर अपन कहानी दोहराउ, फेर ओ कहानी दोहरौलथि आ रसूलुल्लाह फेर कानि उठलाह जाबत तक हुनकर नोर बहल नहि गेल, दाढ़ी भीज नहि गेल, फेर ओ कहलथि: अल्लाह सुब्हानाहु वताला अज्ञानता क अवधि मे कैल गेल पाप कए मिटा देलथि अछि, ताहि लेल, अपन क्रियाक शुरुआत एकटा नव साफ चादरसँ करू।

Hadith

Imam Darimi : 3

أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ مُعَاوِيَةَ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سُلَيْمَانَ الْمُؤَدِّبِ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ مُجَاهِدٍ قَالَ حَدَّثَنِي مَوْلَايَ أَنَّ أَهْلَهُ بَعَثُوا مَعَهُ بِقَدَحٍ فِيهِ زُبْدٌ وَلَبَنٌ إِلَى آلِهَتِهِمْ قَالَ فَمَنَعَنِي أَنْ آكُلَ الزُّبْدَ لِمَخَافَتِهَا قَالَ فَجَاءَ كَلْبٌ فَأَكَلَ الزُّبْدَ وَشَرِبَ اللَّبَنَ ثُمَّ بَالَ عَلَى الصَّنَمِ وَهُوَ إِسَافٌ وَنَائِلَةُ قَالَ هَارُونُ كَانَ الرَّجُلُ فِي الْجَاهِلِيَّةِ إِذَا سَافَرَ حَمَلَ مَعَهُ أَرْبَعَةَ أَحْجَارٍ ثَلَاثَةً لِقِدْرِهِ وَالرَّابِعَ يَعْبُدُهُ وَيُرَبِّي كَلْبَهُ وَيَقْتُلُ وَلَدَهُ

[हारून बिन मु`अवियाह] हमरा सब के [इब्राहिम बिन सुलेमान अल मु`अदीब] स [अल अ'माश] स [मुजाहिद] स जानकारी देने छथि, [हमर पूर्व दास] हमरा कहलनि; कि ओकर परिवार अपन देवता केँ चढ़ाबय लेल पनीर आ दूध सँ भरल पात्र सौंपलक, ओ कहलनि; हमर परिवार हमरा ओहि देवता लोकनिक भय सँ पनीर खाय सँ मना क' देलक; तखन एकटा कुकुर आबि गेल, पनीर खा गेल आ दूध पीलक आ मूर्ति पर पेशाब केलक, अर्थात इकाफ आ नैला के मूर्ति पर। हारून बजलाह : अज्ञानताक दिन मे जखन कोनो आदमी यात्रा करय चाहैत छल तखन चारि टा पाथर ल' लैत छल, जाहि मे तीन टा घैल - कड़ाही/पात्र - के सहारा/बनाब - आ चारिम ओकर पूजा करब, अपन कुकुर के प्रशिक्षण देब, आ अपन बच्चा के मारब.

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Imam Darimi : 4

حَدَّثَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا رَيْحَانُ هُوَ ابْنُ سَعِيدٍ السَّامِيُّ حَدَّثَنَا عَبَّادٌ هُوَ ابْنُ مَنْصُورٍ عَنْ أَبِي رَجَاءٍ قَالَ كُنَّا فِي الْجَاهِلِيَّةِ إِذَا أَصَبْنَا حَجَرًا حَسَنًا عَبَدْنَاهُ وَإِنْ لَمْ نُصِبْ حَجَرًا جَمَعْنَا كُثْبَةً مِنْ رَمْلٍ ثُمَّ جِئْنَا بِالنَّاقَةِ الصَّفِيِّ فَتَفَاجُّ عَلَيْهَا فَنَحْلُبُهَا عَلَى الْكُثْبَةِ حَتَّى نَرْوِيَهَا ثُمَّ نَعْبُدُ تِلْكَ الْكُثْبَةَ مَا أَقَمْنَا بِذَلِكَ الْمَكَانِ قَالَ أَبُو مُحَمَّد الصَّفِيُّ الْكَثِيرَةُ الْأَلْبَانِ

हमरा सब के कहल गेल अछि [मुजाहिद बिन मूसा] हमरा सब के कहने छथि [रैहान इब्नू सईद अस सामी] हमरा सब के [‘अब्बाद इब्नु मंसूर] [अबू राजा’] स कहने छथि, ओ कहलनि: अज्ञानता के जमाना में जखन नीक पाथर भेटल त ओकर पूजा करैत छलहुं आ जखन नीक पाथर नहि भेटल त बालु जमा करैत छलहुं। तखन एकटा शफी ऊँट अनलहुँ, जखन ऊँट ओकरा पर स्ट्रैडलिंग क' रहल छल, ओकर दूध निचोड़ि क' ओहि बालु के ढेर के पानि देलियै जे हम सब जमा केने रही, तखन हम सब ओहि बालु के ढेर के पूजा केलहुं जा धरि ओहि ठाम रहैत छलहुं. अबू मुहम्मद कहलनि : शाफी ऊँट ओँट अछि जकर दूध बहुत होइत छैक |

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Imam Darimi : 5

أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ الرَّبِيعِ حَدَّثَنَا أَبُو الْأَحْوَصِ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي صَالِحٍ قَالَ قَالَ كَعْبٌ نَجِدُهُ مَكْتُوبًا مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا فَظٌّ وَلَا غَلِيظٌ وَلَا صَخَّابٌ بِالْأَسْوَاقِ وَلَا يَجْزِي بِالسَّيِّئَةِ السَّيِّئَةَ وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَغْفِرُ وَأُمَّتُهُ الْحَمَّادُونَ يُكَبِّرُونَ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ عَلَى كُلِّ نَجْدٍ وَيَحْمَدُونَهُ فِي كُلِّ مَنْزِلَةٍ وَيَتَأَزَّرُونَ عَلَى أَنْصَافِهِمْ وَيَتَوَضَّئُونَ عَلَى أَطْرَافِهِمْ مُنَادِيهِمْ يُنَادِي فِي جَوِّ السَّمَاءِ صَفُّهُمْ فِي الْقِتَالِ وَصَفُّهُمْ فِي الصَّلَاةِ سَوَاءٌ لَهُمْ بِاللَّيْلِ دَوِيٌّ كَدَوِيِّ النَّحْلِ وَمَوْلِدُهُ بِمَكَّةَ وَمُهَاجِرُهُ بِطَابَةَ وَمُلْكُهُ بِالشَّامِ

हमरा सब के कहलक अछि [अल हसन बिन अर रबी'] हमरा सब के [अबुल अहवाश] के [अबू सालिह] स [अल अ'मासी] स कहलक अछि, ओ कहलनि; [काअब] कहलक; हम सब लिखल पाबि गेलौं: मुहम्मद रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, ओ अपन भाषण मे कठोर नहि छलाह, चरित्र मे कठोर नहि छलाह, बाजार मे रहैत जोर-जोर सँ नहि बजैत छलाह, बुराई सँ बुराई सँ बदला नहि दैत छलाह, मुदा क्षमा आ माफ क' क' जवाब दैत छलाह, हुनकर लोक सब सदिखन तहमीद करैत छलाह -अल्लाह- बर्तकबीर -अल्लाह केर महिमा करैत- हर ऊँच स्थान/चढ़ाई, वा युद्ध, ओ सब हर घर में अल्लाह सुभानाहु व ताला के स्तुति केलनि, अपन बीच के भाग में सरोंग पहिरने, अपन वज़ूद के प्रत्येक सदस्य पर वजूद करैत, हुनकर नमाज के आह्वान आकाश में सुनल जाइत अछि, युद्ध के दौरान हुनकर शफ नमाज के दौरान हुनकर शफ के समान अछि, हुनकर आवाज - कुरान पढ़ैत आ ज़िकर बनेबा काल - मधुमक्खी के गर्जन के तरह अछि, हुनकर जन्मस्थान मक्का में अछि आ हुनकर प्रवास के स्थान थाबा में अछि - मदीना - आ ओकर राज्य शाम मे अछि।

Hadith

Imam Darimi : 6

حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ صَالِحٍ حَدَّثَنِي اللَّيْثُ حَدَّثَنِي خَالِدٌ هُوَ ابْنُ يَزِيدَ عَنْ سَعِيدٍ هُوَ ابْنُ أَبِي هِلَالٍ عَنْ هِلَالِ بْنِ أُسَامَةَ عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ عَنْ ابْنِ سَلَامٍ أَنَّهُ كَانَ يَقُولُ إِنَّا لَنَجِدُ صِفَةَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّا أَرْسَلْنَاكَ شَاهِدًا وَمُبَشِّرًا وَنَذِيرًا وَحِرْزًا لِلْأُمِّيِّينَ أَنْتَ عَبْدِي وَرَسُولِي سَمَّيْتُهُ الْمُتَوَكِّلَ لَيْسَ بِفَظٍّ وَلَا غَلِيظٍ وَلَا صَخَّابٍ بِالْأَسْوَاقِ وَلَا يَجْزِي بِالسَّيِّئَةِ مِثْلَهَا وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَتَجَاوَزُ وَلَنْ أَقْبِضَهُ حَتَّى نُقِيمَ الْمِلَّةَ الْمُتَعَوِّجَةَ بِأَنْ تَشْهَدَ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ يَفْتَحُ بِهِ أَعْيُنًا عُمْيًا وَآذَانًا صُمًّا وَقُلُوبًا غُلْفًا قَالَ عَطَاءُ بْنُ يَسَارٍ وَأَخْبَرَنِي أَبُو وَاقِدٍ اللَّيْثِيُّ أَنَّهُ سَمِعَ كَعْبًا يَقُولُ مِثْلَ مَا قَالَ ابْنُ سَلَامٍ

हमरा सब के कहलक अछि [अब्दुल्लाह बिन सालिह] हमरा कहलक अछि [अल लैट्स] हमरा [खालिद इब्नू यजीद] के [सैद इब्न अबू हिलाल] स [हिलाल बिन उसामा] स [‘अथा’ बिन यासर] स [इब्न सलाम] स कहलक अछि, जे ओ कहलनि; हम रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चरित्र के खोज केलौं 'वास्तव में हम अहाँ के गवाह, खुशखबरी के दाता आ चेतावनी के रूप में पठेने छी', जे उम्मी के मदद करैत अछि, अहाँ हमर सेवक छी हमर दूत, हम हुनकर नाम अल मुतावक्किल रखलौं, हुनकर भाषण कठोर नै छल आ हुनकर स्वभाव कठोर नै छल, ओ बाजार में चिचियाइत नै छल आ बुराई के बदला नै देलक, मुदा हुनका क्षमा क' हम सभ एकटा एहन धर्म केँ सोझ क' देलियनि जे एहि गवाही सँ विचलित भ' गेल छल जे कोनो देवता नहि छथि। अल्लाह सुभानाहु व ताला के अलावा इबादत के अधिकार छै, एहि गवाही स हम सब आन्हर आँखि, बहीर कान आ बंद दिल खोलि सकैत छी। ['अथा` बिन यासर] कहलनि; [अबू वकिद अल लैत्सी] हमरा कहलनि जे ओ [काअब] के सेहो इब्न सलाम के कहल बात सुनने छलाह।

Hadith

Imam Darimi : 7

أَخْبَرَنَا زَيْدُ بْنُ عَوْفٍ قَالَ وَحَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ عَنْ عَبْدِ الْمَلِكِ بْنِ عُمَيْرٍ عَنْ ذَكْوَانَ أَبِي صَالِحٍ عَنْ كَعْبٍ فِي السَّطْرِ الْأَوَّلِ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ عَبْدِي الْمُخْتَارُ لَا فَظٌّ وَلَا غَلِيظٌ وَلَا صَخَّابٌ فِي الْأَسْوَاقِ وَلَا يَجْزِي بِالسَّيِّئَةِ السَّيِّئَةَ وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَغْفِرُ مَوْلِدُهُ بِمَكَّةَ وَهِجْرَتُهُ بِطَيْبَةَ وَمُلْكُهُ بِالشَّامِ وَفِي السَّطْرِ الثَّانِي مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ أُمَّتُهُ الْحَمَّادُونَ يَحْمَدُونَ اللَّهَ فِي السَّرَّاءِ وَالضَّرَّاءِ يَحْمَدُونَ اللَّهَ فِي كُلِّ مَنْزِلَةٍ وَيُكَبِّرُونَ عَلَى كُلِّ شَرَفٍ رُعَاةُ الشَّمْسِ يُصَلُّونَ الصَّلَاةَ إِذَا جَاءَ وَقْتُهَا وَلَوْ كَانُوا عَلَى رَأْسِ كُنَاسَةٍ وَيَأْتَزِرُونَ عَلَى أَوْسَاطِهِمْ وَيُوَضِّئُونَ أَطْرَافَهُمْ وَأَصْوَاتُهُمْ بِاللَّيْلِ فِي جَوِّ السَّمَاءِ كَأَصْوَاتِ النَّحْلِ

हमरा सब के कहलक अछि [जैद बिन यूसुफ] हमरा सब के [अबू अवानाह] के [अब्दुल मलिक बिन उमैर] स [जकवान अबू सालिह] स [काब] स कहलक अछि जे पहिल पैराग्राफ में ई लिखल गेल अछि; मुहम्मद अल्लाह सुभानाहु व ताला के दूत छैथ, आ हमर चुनल नौकर छैथ, हुनकर बात कठोर नै छैन्ह, हुनकर स्वभाव जोर स नै छैन्ह, बाजार में जोर स नै बजैत छैथ, बुराई के बदला बुराई स नै करैत छैथ बल्कि माफी आ माफी स जवाब दैत छैथ, हुनकर जन्मस्थान मक्का में छैथ आ हुनकर प्रवास के स्थान थाइबा में छैन्ह आ हुनकर राज्य/शक्ति शाम में छैन्ह। आरू दोसरऽ पैराग्राफ म॑ लिखलऽ गेलऽ छै, मुहम्मद अल्लाह सुभानाहु व ताला केरऽ दूत छै, ओकरऽ लोग अल्लाह केरऽ सब महिमा लेली हमेशा अल्लाह केरऽ स्तुति करै वाला लोग छै, सूर्य केरऽ पर्यवेक्षक - नमाज केरऽ समय जानय लेली - समय आबै प॑ नमाज करै छै, भले ही वू गंदा जगह प॑ होय, बीच म॑ सारोंग पहनी क॑, अपनऽ वज़ूद केरऽ सब अंग धोबै छै, आरू रात म॑ ओकरऽ आवाज हवा म॑ सुनलऽ जाय छै जेना कि वू मधुमाछीक गर्जन - पूजा आ कानब मे अडिग रहबाक कारणे।

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Imam Darimi : 8

أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا مَعْنُ بْنُ عِيسَى حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ عَنْ أَبِي فَرْوَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّهُ سَأَلَ كَعْبَ الْأَحْبَارِ كَيْفَ تَجِدُ نَعْتَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي التَّوْرَاةِ فَقَالَ كَعْبٌ نَجِدُهُ مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ يُولَدُ بِمَكَّةَ وَيُهَاجِرُ إِلَى طَابَةَ وَيَكُونُ مُلْكُهُ بِالشَّامِ وَلَيْسَ بِفَحَّاشٍ وَلَا صَخَّابٍ فِي الْأَسْوَاقِ وَلَا يُكَافِئُ بِالسَّيِّئَةِ السَّيِّئَةَ وَلَكِنْ يَعْفُو وَيَغْفِرُ أُمَّتُهُ الْحَمَّادُونَ يَحْمَدُونَ اللَّهَ فِي كُلِّ سَرَّاءَ وَضَرَّاءَ وَيُكَبِّرُونَ اللَّهَ عَلَى كُلِّ نَجْدٍ يُوَضِّئُونَ أَطْرَافَهُمْ وَيَأْتَزِرُونَ فِي أَوْسَاطِهِمْ يُصَفُّونَ فِي صَلَوَاتِهِمْ كَمَا يُصَفُّونَ فِي قِتَالِهِمْ دَوِيُّهُمْ فِي مَسَاجِدِهِمْ كَدَوِيِّ النَّحْلِ يُسْمَعُ مُنَادِيهِمْ فِي جَوِّ السَّمَاءِ

हमरा सब के कहलक अछि [मुजाहिद बिउन मूसा] हमरा सब के कहलक अछि [मा'न इब्न ईसा] हमरा सब के [मुअवियाह बिन सालिह] के [अबू फरवाह] स [इब्न अब्बास] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि, जे ओ काब अल अहबर स पूछलक; तोराह मे रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के चरित्र कोना भेटल?, [काअब] जवाब देलनि; हमरा सब के पता चलल जे मुहम्मद बिन अब्दुल्ला के जन्म मक्का में भेल छल, थाबाह या मदीना में प्रवास भेल छल, हुनकर राज्य सीरिया में होयत, ओ कोनो क्रूर व्यक्ति नै छैथ, बाजार में जोर स हल्ला नै करैत छैथ, बुराई के बदला नै दैत छैथ बल्कि माफ क माफ क दैत छैथ, हुनकर लोक हमेशा हुनकर प्रशंसा करैत छैथ। ओ सब अल्लाह सुभानाहु व ताला के गुणगान करैत छथि चाहे नीक समय में हो या बेजाय, हर जीत में सदिखन अल्लाह सुभानाहु व ताला के महिमामंडन करैत छथि, अपन वजूद के सदस्य के धोबैत छथि, बीच के भाग में सरोंग पहिरैत छथि, नमाज में लाइन में लागैत छथि जेना युद्ध में मार्च करैत छथि, हुनकर मस्जिद में हुनकर आवाज मधुमक्खी के गर्जन जेकाँ होइत छनि, हुनकर मु`ज़िन के आवाज आसमान में सुनल जा सकैत अछि |

Hadith

Imam Darimi : 9

أَخْبَرَنَا حَيْوَةُ بْنُ شُرَيْحٍ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ الْمِيثَمِيُّ حَدَّثَنَا بَحِيرُ بْنُ سَعْدٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ الْحَضْرَمِيِّ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَقَدْ جَاءَكُمْ رَسُولٌ إِلَيْكُمْ لَيْسَ بِوَهِنٍ وَلَا كَسِلٍ لِيَخْتِنَ قُلُوبًا غُلْفًا وَيَفْتَحَ أَعْيُنًا عُمْيًا وَيُسْمِعَ آذَانًا صُمًّا وَيُقِيمَ أَلْسِنَةً عُوجًا حَتَّى يُقَالَ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ

हमरा सब के कहलक अछि [हैवा बिन स्यूरैह] हमरा सब के कहलक अछि [बकियाह बिन अल वलीद अल मैतामी] हमरा सब के [बुहैर बिन सअद] के [खालिद बिन म'दान] स [जुबैर बिन नुफैर अल हडलरामी] स कहलक अछि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: ‘अहाँ सभक पास एकटा एहन दूत आयल छथि जे ने कमजोर छथि आ ने आलसी, -जे पठाओल गेल छथि- लापरवाह हृदय केँ जगबैत छथि, बंद आँखि खोलैत छथि, आ बहीर कान केँ सुनबैत छथि, टेढ़ जीह केँ सोझ करैत छथि, जाहि सँ कहल गेल अछि; अल्लाह सुभनाहु व तआला के अलावा कोनो देवता नै छै जेकरा पूजा करै के अधिकार छै ।

Hadith

Imam Darimi : 10

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ الْحِزَامِيُّ حَدَّثَنَا إِسْحَقُ بْنُ سُلَيْمَانَ عَنْ عَمْرِو بْنِ أَبِي قَيْسٍ عَنْ عَطَاءٍ قَالَ كَانَ رَجُلٌ مِنْ أَصْحَابِ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَهُ إِلَيْهِ حَاجَةٌ فَمَشَى مَعَهُ حَتَّى دَخَلَ قَالَ فَإِحْدَى رِجْلَيْهِ فِي الْبَيْتِ وَالْأُخْرَى خَارِجَهُ كَأَنَّهُ يُنَاجِي فَالْتَفَتَ فَقَالَ أَتَدْرِي مَنْ كُنْتُ أُكَلِّمُ إِنَّ هَذَا مَلَكٌ لَمْ أَرَهُ قَطُّ قَبْلَ يَوْمِي هَذَا اسْتَأْذَنَ رَبَّهُ أَنْ يُسَلِّمَ عَلَيَّ قَالَ إِنَّا آتَيْنَاكَ أَوْ أَنْزَلْنَا الْقُرْآنَ فَصْلًا وَالسَّكِينَةَ صَبْرًا وَالْفُرْقَانَ وَصْلًا

हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन यजीद अल हिजामी] हमरा सब के [इशक बिन सुलेमान] के ['अमर बिन अबू कैस] स ['अथा`] स कहलक अछि, ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम केरऽ एगो साथी क॑ हुनकऽ जरूरत छेलै । ओ हुनका संग चलैत रहलाह, जाबत धरि जखन ओ घर मे घुसि गेल छलाह आ हुनकर एकटा पैर भीतर आ दोसर घरक बाहर छल, तखन जेना अल्लाह केर रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कोनो आदमी सँ गप्प क' रहल होथि, तकर बाद ओ घुमि क' मित्र सँ बात केलनि: अहाँ केँ बुझल अछि जे हम केकरा सँ गप्प क' रहल छलहुँ? ओ एकटा एहन परी छलाह जे हम पहिने कहियो नहि देखने रही, परी हमरा नमस्कार करबाक अनुमति अपन प्रभु सँ मंगलनि | अल्लाह कहैत छथि : 'सत्ते, हम अहाँ लग आयल छी या कुरान के केस के निर्णायक के रूप में आ अस सकीना के धैर्य के रूप में आ अल फुर्कोन के मार्गदर्शक के रूप में उतारने छी।

Hadith

Imam Darimi : 11

أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى حَدَّثَنَا رَيْحَانُ هُوَ ابْنُ سَعِيدٍ حَدَّثَنَا عَبَّادٌ هُوَ ابْنُ مَنْصُورٍ عَنْ أَيُّوبَ عَنْ أَبِي قِلَابَةَ عَنْ عَطِيَّةَ أَنَّهُ سَمِعَ رَبِيعَةَ الْجُرَشِيَّ يَقُولُ أُتِيَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقِيلَ لَهُ لِتَنَمْ عَيْنُكَ وَلْتَسْمَعْ أُذُنُكَ وَلْيَعْقِلْ قَلْبُكَ قَالَ فَنَامَتْ عَيْنَايَ وَسَمِعَتْ أُذُنَايَ وَعَقَلَ قَلْبِي قَالَ فَقِيلَ لِي سَيِّدٌ بَنَى دَارًا فَصَنَعَ مَأْدُبَةً وَأَرْسَلَ دَاعِيًا فَمَنْ أَجَابَ الدَّاعِيَ دَخَلَ الدَّارَ وَأَكَلَ مِنْ الْمَأْدُبَةِ وَرَضِيَ عَنْهُ السَّيِّدُ وَمَنْ لَمْ يُجِبْ الدَّاعِيَ لَمْ يَدْخُلْ الدَّارَ وَلَمْ يَطْعَمْ مِنْ الْمَأْدُبَةِ وَسَخِطَ عَلَيْهِ السَّيِّدُ قَالَ فَاللَّهُ السَّيِّدُ وَمُحَمَّدٌ الدَّاعِي وَالدَّارُ الْإِسْلَامُ وَالْمَأْدُبَةُ الْجَنَّةُ

हमरा सब के कहलक अछि [मुजाहिद बिन मूसा] हमरा सब के कहलक अछि [रैहान इब्नु सईद] हमरा सब के [अब्बद इब्नु मंसूर] के [अय्यूब] स [अबू किलाबाह] स [अथियाह] स कहलक अछि जे ओ [रबीअह अल जुरासी] के कहैत सुनने छल; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के आनल गेल छल आ हुनका कहल गेल छल जे कृपया अपन आँखि के सुतय दियौक, कान सुनय दियौक, आ अपन दिल सोचय दियौक। ओ कहलनि: तखन हमर आँखि देखैत अछि, कान सुनैत अछि, आ हृदय सोचैत अछि। ओ कहलनि; हमरा सूचना भेटल 'एकटा प्रभु छथि जे घर बनबैत छथि, तखन भोजक इंतजाम करैत छथि, तखन भोज मे आमंत्रित करबाक लेल ककरो पठा दैत छथि, जे फोन करयवला के आह्वान पर प्रतिक्रिया दैत घर मे प्रवेश क' भोजन करैत छथि, प्रभु हुनका सँ प्रसन्न हेताह।' दोसर दिस जे फोन करनिहारक आह्वान पर कोनो प्रतिक्रिया नहि देत आ घर मे प्रवेश नहि करत आ भोजन नहि खायत तखन मालिक हुनका पर तमसा जेताह । तखन ओ कहलनि: मालिक अल्लाह सुभनाहु वा ताला, फोन करय वाला मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, घर इस्लाम अछि, आ भोजन स्वर्ग अछि।

Hadith

Imam Darimi : 12

أَخْبَرَنَا الْحَسَنُ بْنُ عَلِيٍّ حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مَيْمُونٍ التَّمِيمِيِّ عَنْ أَبِي عُثْمَانَ النَّهْدِيِّ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَرَجَ إِلَى الْبَطْحَاءِ وَمَعَهُ ابْنُ مَسْعُودٍ فَأَقْعَدَهُ وَخَطَّ عَلَيْهِ خَطًّا ثُمَّ قَالَ لَا تَبْرَحَنَّ فَإِنَّهُ سَيَنْتَهِي إِلَيْكَ رِجَالٌ فَلَا تُكَلِّمْهُمْ فَإِنَّهُمْ لَنْ يُكَلِّمُوكَ فَمَضَى رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَيْثُ أَرَادَ ثُمَّ جَعَلُوا يَنْتَهُونَ إِلَى الْخَطِّ لَا يُجَاوِزُونَهُ ثُمَّ يَصْدُرُونَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى إِذَا كَانَ مِنْ آخِرِ اللَّيْلِ جَاءَ إِلَيَّ فَتَوَسَّدَ فَخِذِي وَكَانَ إِذَا نَامَ نَفَخَ فِي النَّوْمِ نَفْخًا فَبَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مُتَوَسِّدٌ فَخِذِي رَاقِدٌ إِذْ أَتَانِي رِجَالٌ كَأَنَّهُمْ الْجِمَالُ عَلَيْهِمْ ثِيَابٌ بِيضٌ اللَّهُ أَعْلَمُ مَا بِهِمْ مِنْ الْجَمَالِ حَتَّى قَعَدَ طَائِفَةٌ مِنْهُمْ عِنْدَ رَأْسِهِ وَطَائِفَةٌ مِنْهُمْ عِنْدَ رِجْلَيْهِ فَقَالُوا بَيْنَهُمْ مَا رَأَيْنَا عَبْدًا أُوتِيَ مِثْلَ مَا أُوتِيَ هَذَا النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ عَيْنَيْهِ لَتَنَامَانِ وَإِنَّ قَلْبَهُ لَيَقْظَانُ اضْرِبُوا لَهُ مَثَلًا سَيِّدٌ بَنَى قَصْرًا ثُمَّ جَعَلَ مَأْدُبَةً فَدَعَا النَّاسَ إِلَى طَعَامِهِ وَشَرَابِهِ ثُمَّ ارْتَفَعُوا وَاسْتَيْقَظَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عِنْدَ ذَلِكَ فَقَالَ لِي أَتَدْرِي مَنْ هَؤُلَاءِ قُلْتُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ هُمْ الْمَلَائِكَةُ قَالَ وَهَلْ تَدْرِي مَا الْمَثَلُ الَّذِي ضَرَبُوهُ قُلْتُ اللَّهُ وَرَسُولُهُ أَعْلَمُ قَالَ الرَّحْمَنُ بَنَى الْجَنَّةَ فَدَعَا إِلَيْهَا عِبَادَهُ فَمَنْ أَجَابَهُ دَخَلَ جَنَّتَهُ وَمَنْ لَمْ يُجِبْهُ عَاقَبَهُ وَعَذَّبَهُ

हमरा सब के सूचित केलक अछि [अल हसन बिन अली] हमरा सब के [अबू उसामाह] के [जअफर बिन मैमुन अत तमीमी] स [अबू उस्मान अन नहदी] स कहलक अछि जे अल्लाह के रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बाथा` लेल निकलल छलाह आ हुनका संग इब्न मसूद रदलियाहुअनहु, तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बथा` चलि गेलाह | इब्न मसूद रदलियाल्लाहुअनहु के साथ, तखन ओ इब्न मसूद के बैसा क हुनका लेल लाइन बनौलनि। तखन ओ कहलनि: एहि ठाम सँ कहियो नहि निकलू, कारण किछु आदमी अहाँ सँ भेंट करताह आ अहाँ हुनका सँ बात नहि करब, आ ओ अहाँ सँ बात नहि करताह। तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लाहु अलैहि वसल्लम जतय चाहथि अपन यात्रा जारी रखलनि | तखन ओ सब लाइन पर आबि गेल आ ओ सब ओहि स गुजरल नहि, फेर ओ सब अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास गेल। राति के अंत धरि ओ हमरा लग आबि हमर जाँघ के तकिया बना क' सुति गेलाह, आ जखन सुतैत छलाह त' हुनकर साँस सुनबा मे आबि रहल छलनि. जखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हमर जाँघ पर सुतल छलाह तखन पुरुष सभ उज्जर कपड़ा पहिरने सुन्दर चेहरा ल' क' आबि गेलाह. आह, कतेक सुन्दर छथि! ताकि हुनका सब के एकटा समूह नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के माथ पर बैसल आ एकटा दोसर समूह हमरा सब के कात में आ ओ सब एक दोसरा स कहलक: हमरा सब के कहियो एहन नौकर नै भेल अछि जेकरा नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के देल गेल उपहार के तरह देल गेल छल। एहि व्यक्तिक आँखि सुतल अछि मुदा हृदय जागल अछि, ओकरा लेल दृष्टान्त बनाउ। खैर, ओ एहन मालिक जकाँ छथि जे महल बनबैत छथि, फेर पकवान बनबैत छथि तखन लोक केँ खा-पीबय लेल बजबैत छथि, तखन लोक आकाश मे चढ़ि जाइत छथि। तखन अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जागलाह आ हमरा कहलनि: की अहाँ के पता अछि जे ई सब के छथि? तखन हम जवाब देलियनि: अल्लाह सुभनाहु व ताला आ हुनकर रसूलुल्लाह बेसी जनैत छथि। तखन ओ कहलनि: ओ सभ स्वर्गदूत छथि। तखन फेर बजलाह : अहाँकेँ बुझल अछि जे उपमा की होइत छैक ? हम कहलियनि अल्लाह सुभनाहु व ताला आ हुनकर रसूलुल्लाह जे बेसी नीक जकाँ जनैत छलाह हुनका जवाब देलनि : अर रहमान स्वर्ग बनौलनि, तखन बजाओल गेल -आमंत्रित कयलनि- अपन सेवक केँ हुनका लग, जे स्वीकार करत से स्वर्ग मे प्रवेश करत आ जे मना करत तखन ओ ओकरा सजा देत आ यातना देत।

Hadith

Imam Darimi : 13

أَخْبَرَنَا نُعَيْمُ بْنُ حَمَّادٍ حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ عَنْ بَحِيرٍ عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ عَمْرٍو السُّلَمِيُّ عَنْ عُتْبَةَ بْنِ عَبْدٍ السُّلَمِيِّ أَنَّهُ حَدَّثَهُمْ وَكَانَ مِنْ أَصْحَابِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَهُ رَجُلٌ كَيْفَ كَانَ أَوَّلُ شَأْنِكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ كَانَتْ حَاضِنَتِي مِنْ بَنِي سَعْدِ بْنِ بَكْرٍ فَانْطَلَقْتُ أَنَا وَابْنٌ لَهَا فِي بَهْمٍ لَنَا وَلَمْ نَأْخُذْ مَعَنَا زَادًا فَقُلْتُ يَا أَخِي اذْهَبْ فَأْتِنَا بِزَادٍ مِنْ عِنْدِ أُمِّنَا فَانْطَلَقَ أَخِي وَمَكَثْتُ عِنْدَ الْبَهْمِ فَأَقْبَلَ طَائِرَانِ أَبْيَضَانِ كَأَنَّهُمَا نَسْرَانِ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ أَهُوَ هُوَ قَالَ الْآخَرُ نَعَمْ فَأَقْبَلَا يَبْتَدِرَانِي فَأَخَذَانِي فَبَطَحَانِي لِلْقَفَا فَشَقَّا بَطْنِي ثُمَّ اسْتَخْرَجَا قَلْبِي فَشَقَّاهُ فَأَخْرَجَا مِنْهُ عَلَقَتَيْنِ سَوْدَاوَيْنِ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ ائْتِنِي بِمَاءِ ثَلْجٍ فَغَسَلَ بِهِ جَوْفِي ثُمَّ قَالَ ائْتِنِي بِمَاءِ بَرَدٍ فَغَسَلَ بِهِ قَلْبِي ثُمَّ قَالَ ائْتِنِي بِالسَّكِينَةِ فَذَرَّهُ فِي قَلْبِي ثُمَّ قَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ حُصْهُ فَحَاصَهُ وَخَتَمَ عَلَيْهِ بِخَاتَمِ النُّبُوَّةِ ثُمَّ قَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ اجْعَلْهُ فِي كِفَّةٍ وَاجْعَلْ أَلْفًا مِنْ أُمَّتِهِ فِي كِفَّةٍ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَإِذَا أَنَا أَنْظُرُ إِلَى الْأَلْفِ فَوْقِي أُشْفِقُ أَنْ يَخِرَّ عَلَيَّ بَعْضُهُمْ فَقَالَ لَوْ أَنَّ أُمَّتَهُ وُزِنَتْ بِهِ لَمَالَ بِهِمْ ثُمَّ انْطَلَقَا وَتَرَكَانِي قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَفَرِقْتُ فَرَقًا شَدِيدًا ثُمَّ انْطَلَقْتُ إِلَى أُمِّي فَأَخْبَرْتُهَا بِالَّذِي لَقِيتُ فَأَشْفَقَتْ أَنْ يَكُونَ قَدْ الْتَبَسَ بِي فَقَالَتْ أُعِيذُكَ بِاللَّهِ فَرَحَلَتْ بَعِيرًا لَهَا فَجَعَلَتْنِي عَلَى الرَّحْلِ وَرَكِبَتْ خَلْفِي حَتَّى بُلْغَتِنَا إِلَى أُمِّي فَقَالَتْ أَدَّيْتُ أَمَانَتِي وَذِمَّتِي وَحَدَّثَتْهَا بِالَّذِي لَقِيتُ فَلَمْ يَرُعْهَا ذَلِكَ وَقَالَتْ إِنِّي رَأَيْتُ حِينَ خَرَجَ مِنِّي يَعْنِي نُورًا أَضَاءَتْ مِنْهُ قُصُورُ الشَّامِ

हमरा सब के कहलक अछि [नुअइम बिन हम्मद] हमरा सब के [बकियाह] के [बहिर] स [खालिद बिन म'दान] हमरा सब के [अब्दुर रहमान बिन अमर अस सुलामी] स [उतबाह बिन अब्द अस सुलामी] स कहलक अछि जे ओ हुनका सब के कहलक, आ ओ पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथी में स एक छलाह, एक आदमी स पूछलखिन रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम : हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, तोहर जीवन के शुरुआत की छल? ओ उत्तर देलनि: हमर पालन-पोषण करय वाली ओहि समय मे बानी स'द बिन बकर के महिला छलीह. ओहि समय हम आ ओहि जनजातिक एकटा आओर छोट बच्चा माल-जाल चरा रहल छलहुँ । हम सब रोज़नी नै अनलौं ताहि लेल हम अपन मित्र स पुछलियैन: हे भाई, घर जाउ आ अपन माँ स खुजली मांगू। तखने हमर भाइ चलि गेलाह आ हम असगरे रहि गेलहुँ जे माल-जाल देखब। अचानक दू टा उज्जर चिड़ै गरुड़ जकाँ आबि गेलै, एकटा दोसर केँ कहलकै, की सचमुच ओ छै? दोसर उत्तर देलक। हँ! तखन दुनू गोटे हमरा घेर लेलक आ हमरा खींच लेलक आ हमरा पसारि देलक, फेर हमर पेट काटि लेलक फेर हमर हृदय निकालि लेलक, काटि क' दू टा कारी गांठ निकालि लेलक। तखन दुनू मे सँ एक गोटे अपन मित्र केँ कहलथिन्ह : हमरा बर्फक पानि दिअ तखन ओ हमर पेट धोबय मे उपयोग करताह। तखन फेर कहलक: हमरा शीतल पानि दिअ'। आ ओ हमर मोन धोबैत छलाह। तखन ओ कहलनि: हमरा दिअ जेना सकिनाह -शांति-! तखन ओ हमरा हृदय मे छिड़कि देलनि। तखने एक गोटे अपन मित्र केँ कहलखिन: ओकरा सिलाई करू! तखन ओकरा सियलनि आ ओ ओकरा खतम नुबुवाह -नबी सभक आवरण- सँ चिन्हित केलनि | तखन एक गोटे अपन मित्र केँ कहलथिन: हुनका एकटा तराजू पर राखि दियौक आ अपन हजार लोक केँ एक तराजू पर राखि दियौक। तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: ओहि समय हम हमरा ऊपर हजार लोक देखलहुं ताहि लेल हमरा डर छल जे किछु हमरा पर खसि पड़त, तखन ओ आदमी फेर कहलक: जौं ओकर लोक ओकरा संग तौलल जायत त ओ निश्चित रूप सं अपन लोक सं भारी भ जायत आ फेर दुनू गोटे हमरा छोड़ि देलक। अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलखिन : हम बहुत डरा गेल रही, ताहि लेल हम अपन भीजल नर्स लग दौड़लौं आ हमरा संग की भेल से कहलियनि। ओ चिंतित छलीह जे हमरा संग किछु भ' सकैत अछि, तेँ ओ बजलीह: हम अहाँ सभक लेल अल्लाह सुभनाहु व ताला सँ शरण लैत छी। तखन ओ अपन माउंट जेबाक लेल तैयार केलनि आ हमरा ऊँट पर बैसा क' हमरा पाछू सवार भ' गेलाह जाबत हम सभ हमर माँ लग नहि पहुँचि गेलहुँ, तखन ओ हुनका कहलखिन: हम जे भरोसा आ बोझ हमरा पर राखल गेल अछि से पूरा क' लेलहुं, तखन ओ हुनका कहलनि जे हमरा संग की भेल अछि। मुदा ताहि सँ हुनका परेशान नहि भेलनि, असल मे हमर माँ उत्तर देलनि: असल मे हम हुनका तखन देखलहुँ जखन ओ एखनहि हमर कोख सँ बाहर निकलल छलाह, अर्थात ओ इजोत जे सीरियाक सिंहासन केँ रोशन करैत अछि।

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Imam Darimi : 14

أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عِمْرَانَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ حَدَّثَنَا جَعْفَرُ بْنُ عُثْمَانَ الْقُرَشِيُّ عَنْ عُثْمَانَ بْنِ عُرْوَةَ بْنِ الزُّبَيْرِ عَنْ أَبِيهِ عَنْ أَبِي ذَرٍّ الْغِفَارِيِّ قَالَ قُلْتُ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ عَلِمْتَ أَنَّكَ نَبِيٌّ حَتَّى اسْتَيْقَنْتَ فَقَالَ يَا أَبَا ذَرٍّ أَتَانِي مَلَكَانِ وَأَنَا بِبَعْضِ بَطْحَاءِ مَكَّةَ فَوَقَعَ أَحَدُهُمَا عَلَى الْأَرْضِ وَكَانَ الْآخَرُ بَيْنَ السَّمَاءِ وَالْأَرْضِ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ أَهُوَ هُوَ قَالَ نَعَمْ قَالَ فَزِنْهُ بِرَجُلٍ فَوُزِنْتُ بِهِ فَوَزَنْتُهُ ثُمَّ قَالَ فَزِنْهُ بِعَشَرَةٍ فَوُزِنْتُ بِهِمْ فَرَجَحْتُهُمْ ثُمَّ قَالَ زِنْهُ بِمِائَةٍ فَوُزِنْتُ بِهِمْ فَرَجَحْتُهُمْ ثُمَّ قَالَ زِنْهُ بِأَلْفٍ فَوُزِنْتُ بِهِمْ فَرَجَحْتُهُمْ كَأَنِّي أَنْظُرُ إِلَيْهِمْ يَنْتَثِرُونَ عَلَيَّ مِنْ خِفَّةِ الْمِيزَانِ قَالَ فَقَالَ أَحَدُهُمَا لِصَاحِبِهِ لَوْ وَزَنْتَهُ بِأُمَّتِهِ لَرَجَحَهَا

हमरा सब क॑ बतैलकै [अब्दुल्लाह बिन इमरान] न॑ हमरा सब क॑ बतैलकै [अबू दाउद] न॑ हमरा सब क॑ [ज’फर बिन उस्मान अल कुरसी] क॑ [उस्मान बिन उर्वाह बिन अज़ जुबैर] स॑ [अपनऽ पिता] स॑ [अबू ज़ार अल घिफारी] रदलियाहुअनहु स॑ बतैलकै, हुनी कहलकै; हम पुछलियनि, हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह, अहाँ कोना निश्चिंत भ' सकैत छी जे अहाँ पैगम्बर छी? नबी उत्तर देलखिन: हे अबू ज़ार, दू टा स्वर्गदूत हमरा लग तखन आयल छलाह जखन हम मक्का मे एकटा घाटी मे छलहुं। एकटा पृथ्वी पर उतरैत अछि आ दोसर स्वर्ग आ पृथ्वीक बीच । एक गोटे अपन मित्र केँ कहलखिन: की सचमुच ओ छथि? तखन ओकर मित्र उत्तर देलक: हँ! तखन फेर कहलक: तखन ओकरा ककरो संग तौलब, तखन हम दस लोकक संग तौलब आ हम ओकरा सभसँ भारी छी। तखन फेर बजलाह: ‘सए लोकक संग ओकरा तौल दियौक’, तेँ हम तौलल गेलहुँ आ हम हुनका सभसँ बेसी भारी भ’ गेलहुँ । तखन फेर बजलाह: ‘तखन हजार लोकक संग अपना केँ तौलू’, तखन हमरा तौलल गेल आ हम हुनका सभ सँ भारी भ’ गेलहुँ। ओहि समय मे जेना ओकरा सभ केँ तराजू बहुत संकीर्ण हेबाक कारणेँ धक्का-मुक्की करैत देखलहुँ, तखन दुनू स्वर्गदूत मे सँ एकटा अपन मित्र केँ कहलक: भले ओकर सभ लोकक संग तौलल जाय, मुदा ओ ओकरा सभ सँ भारी रहत।

Hadith

Imam Darimi : 15

أَخْبَرَنَا إِسْمَعِيلُ بْنُ خَلِيلٍ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ أَبِي صَالِحٍ قَالَ كَانَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُنَادِيهِمْ يَا أَيُّهَا النَّاسُ إِنَّمَا أَنَا رَحْمَةٌ مُهْدَاةٌ

हमरा सब के कहलक अछि [इस्माइल बिन खलील] हमरा सब के कहलक अछि [अली बिन मुशीर] हमरा सब के [अल अ'मासी] [अबू सालिह] स कहलक अछि, ओ कहलनि; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम एक बेर हुनका लोकनि केँ बजौने छलाह; हे लोक, सत्ते हम दया आ मार्गदर्शक छी।

Hadith

Imam Darimi : 16

أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ حَدَّثَنَا أَبُو حَيَّانَ عَنْ عَطَاءٍ عَنْ ابْنِ عُمَرَ قَالَ كُنَّا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ فَأَقْبَلَ أَعْرَابِيٌّ فَلَمَّا دَنَا مِنْهُ قَالَ لَهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَيْنَ تُرِيدُ قَالَ إِلَى أَهْلِي قَالَ هَلْ لَكَ فِي خَيْرٍ قَالَ وَمَا هُوَ قَالَ تَشْهَدُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ وَحْدَهُ لَا شَرِيكَ لَهُ وَأَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَرَسُولُهُ قَالَ وَمَنْ يَشْهَدُ عَلَى مَا تَقُولُ قَالَ هَذِهِ السَّلَمَةُ فَدَعَاهَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهِيَ بِشَاطِئِ الْوَادِي فَأَقْبَلَتْ تَخُدُّ الْأَرْضَ خَدًّا حَتَّى قَامَتْ بَيْنَ يَدَيْهِ فَاسْتَشْهَدَهَا ثَلَاثًا فَشَهِدَتْ ثَلَاثًا أَنَّهُ كَمَا قَالَ ثُمَّ رَجَعَتْ إِلَى مَنْبَتِهَا وَرَجَعَ الْأَعْرَابِيُّ إِلَى قَوْمِهِ وَقَالَ إِنْ اتَّبَعُونِي أَتَيْتُكَ بِهِمْ وَإِلَّا رَجَعْتُ فَكُنْتُ مَعَكَ

हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन सरीफ] हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन फुदलैल] हमरा सब के [अबू हयान] के ['अथा`] स [इब्न उमर] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि, ओ कहलनि; जखन हम सब रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग यात्रा पर छलहुं त हमरा सब के एकटा बेदुइन अरब सं भेंट भेल आ हुनका लग पहुंचला के बाद रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनका कहलखिन: अहाँ कतय जा रहल छी? बेदुइन अरब जवाब देलक: हम अपन परिवार स भेंट करय चाहैत छी। तखन प्रेरित कहलनि: की अहाँ केँ किछु नीक चाही? ओ उत्तर देलथिन: भलाई की होइत छैक? रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि: अर्थात अहाँ गवाही दैत छी जे अल्लाह सुभानाहु व ताला के अलावा कोनो देवता इबादत के योग्य नहि छथि आ गवाही दैत छी जे मुहम्मद शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम हुनकर सेवक आ रसूलुल्लाह छथि। बेदुइन अरब कहलक: तखन अहाँक कहल बातक सत्यता के साबित क' सकैत अछि? नबी जवाब देलखिन: सलामा के गाछ, त नबी हुनका बजौलनि जखन कि गाछ पहाड़ी के किनार पर छल, तखन गाछ धरती के फाड़ि क नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास पहुंचल जाबत तक गाछ रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के सामने नहि पहुंच गेल। प्रेरित हुनका तीन बेर गवाही देबय लेल कहलनि। ओ तीन बेर गवाही सेहो देलनि जेना कि नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि आ फेर गाछ ओहि ठाम वापस आबि गेल जतय ओ बढ़ल छल | बेदुइन अरब अपन लोक लग घुरि गेल आ कहलक; जँ ओ सभ हमरा पाछाँ पड़थि तँ हम हुनका सभकेँ राजा -रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम-सँ भेंट करबा लेल लऽ जायब, जँ नहि तँ राजा लग घुरि जायब आ हुनका संग रहब।

Hadith

Imam Darimi : 17

أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى عَنْ إِسْمَعِيلَ بْنِ عَبْدِ الْمَلِكِ عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ عَنْ جَابِرٍ قَالَ خَرَجْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي سَفَرٍ وَكَانَ لَا يَأْتِي الْبَرَازَ حَتَّى يَتَغَيَّبَ فَلَا يُرَى فَنَزَلْنَا بِفَلَاةٍ مِنْ الْأَرْضِ لَيْسَ فِيهَا شَجَرٌ وَلَا عَلَمٌ فَقَالَ يَا جَابِرُ اجْعَلْ فِي إِدَاوَتِكَ مَاءً ثُمَّ انْطَلِقْ بِنَا قَالَ فَانْطَلَقْنَا حَتَّى لَا نُرَى فَإِذَا هُوَ بِشَجَرَتَيْنِ بَيْنَهُمَا أَرْبَعُ أَذْرُعٍ فَقَالَ يَا جَابِرُ انْطَلِقْ إِلَى هَذِهِ الشَّجَرَةِ فَقُلْ يُقَلْ لَكِ الْحَقِي بِصَاحِبَتِكِ حَتَّى أَجْلِسَ خَلْفَكُمَا فَرَجَعَتْ إِلَيْهَا فَجَلَسَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ خَلْفَهُمَا ثُمَّ رَجَعَتَا إِلَى مَكَانِهِمَا فَرَكِبْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَرَسُولُ اللَّهِ بَيْنَنَا كَأَنَّمَا عَلَيْنَا الطَّيْرُ تُظِلُّنَا فَعَرَضَتْ لَهُ امْرَأَةٌ مَعَهَا صَبِيٌّ لَهَا فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ ابْنِي هَذَا يَأْخُذُهُ الشَّيْطَانُ كُلَّ يَوْمٍ ثَلَاثَ مِرَارٍ قَالَ فَتَنَاوَلَ الصَّبِيَّ فَجَعَلَهُ بَيْنَهُ وَبَيْنَ مُقَدَّمِ الرَّحْلِ ثُمَّ قَالَ اخْسَأْ عَدُوَّ اللَّهِ أَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اخْسَأْ عَدُوَّ اللَّهِ أَنَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ثَلَاثًا ثُمَّ دَفَعَهُ إِلَيْهَا فَلَمَّا قَضَيْنَا سَفَرَنَا مَرَرْنَا بِذَلِكَ الْمَكَانِ فَعَرَضَتْ لَنَا الْمَرْأَةُ مَعَهَا صَبِيُّهَا وَمَعَهَا كَبْشَانِ تَسُوقُهُمَا فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ اقْبَلْ مِنِّي هَدِيَّتِي فَوَالَّذِي بَعَثَكَ بِالْحَقِّ مَا عَادَ إِلَيْهِ بَعْدُ فَقَالَ خُذُوا مِنْهَا وَاحِدًا وَرُدُّوا عَلَيْهَا الْآخَرَ قَالَ ثُمَّ سِرْنَا وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بَيْنَنَا كَأَنَّمَا عَلَيْنَا الطَّيْرُ تُظِلُّنَا فَإِذَا جَمَلٌ نَادٌّ حَتَّى إِذَا كَانَ بَيْنَ سِمَاطَيْنِ خَرَّ سَاجِدًا فَحَبَسَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ عَلَيَّ النَّاسَ مَنْ صَاحِبُ الْجَمَلِ فَإِذَا فِتْيَةٌ مِنْ الْأَنْصَارِ قَالُوا هُوَ لَنَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ فَمَا شَأْنُهُ قَالُوا اسْتَنَيْنَا عَلَيْهِ مُنْذُ عِشْرِينَ سَنَةً وَكَانَتْ بِهِ شُحَيْمَةٌ فَأَرَدْنَا أَنْ نَنْحَرَهُ فَنَقْسِمَهُ بَيْنَ غِلْمَانِنَا فَانْفَلَتَ مِنَّا قَالَ بِيعُونِيهِ قَالُوا لَا بَلْ هُوَ لَكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ أَمَّا لِي فَأَحْسِنُوا إِلَيْهِ حَتَّى يَأْتِيَهُ أَجَلُهُ قَالَ الْمُسْلِمُونَ عِنْدَ ذَلِكَ يَا رَسُولَ اللَّهِ نَحْنُ أَحَقُّ بِالسُّجُودِ لَكَ مِنْ الْبَهَائِمِ قَالَ لَا يَنْبَغِي لِشَيْءٍ أَنْ يَسْجُدَ لِشَيْءٍ وَلَوْ كَانَ ذَلِكَ كَانَ النِّسَاءُ لِأَزْوَاجِهِنَّ

उबैदुल्लाह बिन मूसा हमरा सब के ईसा बिन अब्दुल मलिक स अबू अज़ जुबैर स जाबिर (अल्लाह स प्रसन्न होथि) स रिपोर्ट केलनि जे कहलनि: हम रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के संग यात्रा पर निकलल छलहुं, आ जखन कखनो ओ अपना के राहत देबय चाहैत छलाह त ओ नुका जाइत छलाह जाहि स हुनका नहि देखल जा सकय। हम सभ एकटा विशाल खुजल खेत मे छलहुँ जाहि मे कोनो गाछ-बिरिछ वा जीवनक निशानी नहि छल, आ ओ कहलनि: हे जाबीर, अपन पात्रक संग किछु पानि ल' लिअ, आ हम सभ अपन यात्रा आगू बढ़ाबी। जाबीर बजलाह - हम सभ अपन यात्रा जारी रखलहुँ जा धरि हमरा सभकेँ नहि देखल जा सकल । अचानक दू टा गाछ देखबा मे आयल, चारि हाथक अंतर पर। ओ बजलाह : कृपया ओहि गाछ लग आ ओकरासँ गप्प करू , ओ उत्तर देत , तेँ ओकरा कहू : अहाँक बगलक गाछ लग जाउ जाहिसँ हम अहाँ दुनू गोटेक पाछू बैसि सकब । गाछ अपन संगी, बगलक गाछ लग आबि गेल आ ओकरा सभक पाछू अल्लाह केर रसूलुल्लाह (स.अ.व.) बैसि गेल, आ तखन दुनू गाछ अपन-अपन स्थान पर वापस आबि गेल। आगू हम सब अपन माउंट पर चढ़लहुं, आ जेना हमरा सब के ऊपर कोनो चिड़ै हमरा सब के ढकने हो, तखन एकटा महिला आ ओकर बच्चा अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के रोकलक, ओ कहलनि; हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमर बच्चा वास्तव में रोज तीन बेर शैतान द्वारा परेशान कयल जाइत अछि। जाबिर बजलाह; तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम बच्चा के ल क अपन गाड़ी के सामने राखि देलखिन तखन ओ कहलनि; दूर जाउ, हे अल्लाह के दुश्मन! हम अल्लाह के रसूलुल्लाह छी। प्रेरित तीन बेर कहलनि। तखन ओ ओहि स्त्री केँ घुरा देलनि। जखन हम सब अपन यात्रा स घुरलहुं त मूल सड़क स गुजरलहुं, आ एकटा महिला आ ओकर बच्चा हमरा सब कए दूटा बरद स रोकलक जे ओ चरा रहल छलीह। तखन ओ कहलनि; 'हे रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, कृपया हमरा सँ ई वरदान स्वीकार करू, जे अहाँ केँ सही मायने मे पठौलनि, ओकर लेल शैतान फेर नहि आओत। ' ओ बजलाह : एकटा लऽ कऽ दोसर ओकरा वापस घुरा दियौक । तखन हम सब अपन यात्रा जारी रखलहुं आ चिड़ै सब जेना हमरा सब के आश्रय द रहल छल, अचानक एकटा ऊंट भागि गेल, मुदा जखन ओ दू टा गाछ के बगीचा पर पहुंचल त तुरंत प्रणाम क सजदा केलक आ अल्लाह के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वस्लाम ओकरा पकड़ि लेलक। रसूलुल्लाह लोक सभसँ पुछलखिन- ‘हे लोक, एतय आउ, ई ऊँट केकर अछि?’ तखन अंसारक किछु युवक जबाब देलक: ‘हे अल्लाह केर रसूलुल्लाह, ई हमर सभक अछि, ओ पुछलनि: ‘एहि मे की गलती अछि?’ ओ सभ जबाब देलक: ‘हम सभ बीस बर्खसँ एकर देखभाल करैत थाकि गेल छी आ एहिमे बहुत चर्बी बढ़ि गेल अछि - ई मोट भ’ गेल अछि - तेँ एकरा वध करबाक इच्छा भेल आ अपन बच्चा सभक बीच बाँटि देबय चाहैत छलहुँ, मुदा ओ हमरा सभसँ भागि गेल। ओ बजलाह: 'ठीक छै, तखन हमरा बेचि दियौक।' ओ सभ उत्तर देलथिन - 'अरे, कोनो आवश्यकता नहि, महामहिम, मुदा महामहिम लेल उपहार मे ई काफी अछि।' नबी कहलनि: 'ठीक छै, जँ हमर अछि तखन एकर नीक व्यवहार करू, जा धरि ओकर मृत्यु नहि आबि जायत।' ओहि समय मुसलमान लोकनि कहलनि; हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हमरा सब के जानवर के राजा के सजदा करय के बेसी अधिकार अछि, ओ कहलनि: एक -जीव- के लेल दोसर -जीव के सजदा करब उचित नहिं, जौं से जायज रहैत तखन महिला के अपन पति के सजदा करय के अनुमति रहैत।

Hadith

Imam Darimi : 18

حَدَّثَنَا يَعْلَى حَدَّثَنَا الْأَجْلَحُ عَنْ الذَّيَّالِ بْنِ حَرْمَلَةَ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ أَقْبَلْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ حَتَّى دُفِعْنَا إِلَى حَائِطٍ فِي بَنِي النَّجَّارِ فَإِذَا فِيهِ جَمَلٌ لَا يَدْخُلُ الْحَائِطَ أَحَدٌ إِلَّا شَدَّ عَلَيْهِ فَذَكَرُوا ذَلِكَ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَتَاهُ فَدَعَاهُ فَجَاءَ وَاضِعًا مِشْفَرَهُ عَلَى الْأَرْضِ حَتَّى بَرَكَ بَيْنَ يَدَيْهِ فَقَالَ هَاتُوا خِطَامًا فَخَطَمَهُ وَدَفَعَهُ إِلَى صَاحِبِهِ ثُمَّ الْتَفَتَ فَقَالَ مَا بَيْنَ السَّمَاءِ إِلَى الْأَرْضِ إِلَّا يَعْلَمُ أَنِّي رَسُولُ اللَّهِ إِلَّا عَاصِيَ الْجِنِّ وَالْإِنْسِ

हमरा सब के कहलक अछि [या'ला] हमरा सब के [अल अजलाह] के [अद्ज ज़ाय्यल बिन हरमलाह] स [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि ओ कहलनि; हम नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ यात्रा से वापस आ गए | जाबे तक हम सब एकटा बानी नज्जर गाम में नै पहुँचलौं ताबे तक एकाएक ऊँट बागान में प्रवेश करय चाहैत सब के रोकि देलक। ई बात रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के देल गेल छल, ताहि लेल ओ हुनका लग जा कए ऊंट के बजौलनि। ऊँट आबि कऽ अपन ठोर धरती पर राखि देलक जाबत धरि ओकरा सोझाँ मे ठेहुन नहि मोड़ि लेलक। तखन बजलाह: हमरा लेल रस्सी आनि दिअ, तखन रस्सीसँ बान्हि कऽ मालिककेँ घुरा देलनि। तखन ओ पाछू घुमि क’ देखलनि आ कहलनि: आकाश आ धरतीक बीच कियो नहि मुदा ओकरा बुझल छैक जे हम सचमुच अल्लाह सुभानाहु व ताला केर रसूलुल्लाह छी सिवाय ओहि लोकनिक जे आज्ञा नहि मानैत छथि; जिन्न आ मनुक्खसँ।

Hadith

Imam Darimi : 19

أَخْبَرَنَا الْحَجَّاجُ بْنُ مِنْهَالٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ فَرْقَدٍ السَّبَخِيِّ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ أَنَّ امْرَأَةً جَاءَتْ بِابْنٍ لَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ ابْنِي بِهِ جُنُونٌ وَإِنَّهُ يَأْخُذُهُ عِنْدَ غَدَائِنَا وَعَشَائِنَا فَيُخَبَّثُ عَلَيْنَا فَمَسَحَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ صَدْرَهُ وَدَعَا فَثَعَّ ثَعَّةً وَخَرَجَ مِنْ جَوْفِهِ مِثْلُ الْجِرْوِ الْأَسْوَدِ فَسَعَى

हमरा सब के खबर आयल अछि [अल हज्जाज बिन मिन्हल] हमरा सब के [हमद बिन सलामाह] स [फरकाद अस सबखी] स [सईद बिन जुबैर] स [इब्न अब्बास] रदलियाहुअनहु स कहने छथि, जे एकटा महिला अपन बच्चा के रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास लाबय लेल आयल छल आ कहलक: 'हे रसुलुल्लाह, हमर बच्चा के कब्जा क लेल गेल छल जिन्न, जिन्न सदिखन भीतर अबैत अछि जखन हम सब लंच आ डिनर करैत छी। हमरा सभकेँ, आ हमरा सभकेँ बदमाश। 'तखन रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम आ हुनका लेल दुआ केलनि। तखने उल्टी भेलनि आ मुँहसँ किछु - कारी पिल्ला जकाँ - निकलि गेलनि आ फेर चलि गेलाह ।

Hadith

Imam Darimi : 20

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَعِيدٍ أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ الْعَبْدِيُّ عَنْ إِبْرَاهِيمَ بْنِ طَهْمَانَ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ جَابِرِ بْنِ سَمُرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنِّي لَأَعْرِفُ حَجَرًا بِمَكَّةَ كَانَ يُسَلِّمُ عَلَيَّ قَبْلَ أَنْ أُبْعَثَ إِنِّي لَأَعْرِفُهُ الْآنَ

हमरा सब के कहलक अछि [मुहम्मद बिन सईद] हमरा सब के [यह्या बिन अबू बकर अल अब्दी] स [इब्राहिम बिन थहमन] स [सिमक] स [जाबिर बिन समुराह] रदलियाल्लाहुअनहु स कहलक अछि; रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे, हमरा सचमुच पता अछि जे मक्का मे एकटा पाथर अछि जकरा ओ हमरा पठेबा सँ पहिने हमरा अभिवादन करैत छलाह। सच मे हमरा आब सचमुच बुझल अछि'।